Aligarh News: बार-बार सड़कें हो रहीं ऊंची, मकान-दुकान रह गए नीचे, उठवाने में हो रहे लाखों खर्च
लोगों ने बताया कि बीते दो दशक में रामघाट रोड को करीब छह बार बनाया गया है। हर बार ऊपरी सतह को हटाए बिना ही उसके ऊपर डामरीकरण किया जाता रहा, जिससे सड़क की ऊंचाई बढ़ गई है। मकान और दुकानें नीचे पड़ गईं हैं।
विस्तार
बार-बार सड़कें ऊंची होने से शहर के कई इलाकों में लोगों के मकान और दुकानें नीचे हो गईं हैं। इससे इन इलाकों का ड्रेनेज सिस्टम लगभग खत्म हो चुका है। थोड़ी बारिश होने पर ही घरों-दुकानों में पानी भर रहा है। लोगों का कहना है कि जब उन्होंने घर और दुकानें बनवाईं थी, तो वे सड़क से दो या तीन फीट ऊंची थीं। अब सड़कें दो फीट ऊंची हो गई हैं। 100 वर्ग गज का घर ऊंचा उठवाने में छह लाख रुपये तक खर्च होते हैं। इतना खर्च करने में वे सक्षम नहीं है।
शहर के क्वार्सी चौराहा, विद्यानगर, किशनपुर, रामघाट रोड, भुजपुरा के नगला आशिक अली, मकदूम नगर और रावणटीला सहित कई अन्य इलाकों में इस तरह के घर या दुकानें हैं, जो सड़क से नीचे हो गए हैं। रामघाट रोड पर क्वार्सी चौराहे से पीएसी और शंकर विहार की ओर करीब 100 से अधिक दुकानें सड़क से नीचे हो गई हैं।
कई दुकानें सड़क की सतह के बराबर में आ गई हैं। इससे दुकानदार बेहद परेशान हैं। इन दुकानों में पानी भरने से कीमती सामान भी खराब हो रहा है। लोगों ने बताया कि बीते दो दशक में रामघाट रोड को करीब छह बार बनाया गया है। हर बार ऊपरी सतह को हटाए बिना ही उसके ऊपर डामरीकरण किया जाता रहा, जिससे सड़क की ऊंचाई बढ़ गई है।
बार-बार सड़कों की सतह को ऊंचा क्यों किया जाता है..? पुरानी सड़क को उखाड़ कर नई सड़क क्यों नहीं बनाई जा रही है। विभागों को इसकी पूरी जानकारी है, इसके बाद भी मनमर्जी से सब काम किया जा रहा है।- सुनील वार्ष्णेय, दुकानदार, क्वार्सी रामघाट रोड
सड़क निर्माण के समय आसपास के घरों और दुकानों की सतह का मिलान क्यों नहीं किया जाता है। यदि कंक्रीट रोड का निर्माण किया जाए तो सड़कों के नवीनीकरण की जरूरत बार-बार नहीं पड़ेगी।-समीर, मकदूम नगर
सड़कें बनाने से पहले पूरी योजना क्यों नहीं बनती है। सड़क बनने के बाद कभी पाइपलाइन तो कभी ड्रेनेज सिस्टम के नाम पर इनको तोड़ा जाता है और ऊपर से डामर डाल कर ऊंचा कर दिया जाता है।-मो. हारुल, दुकानदार क्वार्सी चौराहा
रावण टीला में 50 घर हो गए दो फीट तक नीचे
रावण टीला स्थित संजय कॉलोनी की सड़क तीसरी बार बनाई जा रही है। हर बार इसे ऊंचा कर दिया जाता है। इस कॉलोनी में पहले से बने करीब 50 घर करीब दो फीट तक नीचे हो गए। कई दुकानें भी नीचे हो गई हैं। ये घर और दुकानें पूर्व में सड़क से ऊंची थीं।
भुजपुरा और मकदूम नगर में भी यही हाल
भुजपुरा के नगला आशिक अली और मकदूम नगर में भी सड़क कई बार बनने से लोगों के घर व दुकानें नीचे हो गई हैं। लोगों का कहना है कि बारिश में घरों में पानी भर जाता है। उसे बाहर निकालने में काफी परेशानी होती है। कई लोगों ने अपने घर ऊंचे उठवाए हैं, जिसमें उनके लाखों रुपये खर्च हुए थे।
100 वर्ग गज के मकान को ऊंचा करने में 6 लाख हो रहे खर्च
रावण टीला निवासी देवदत्त मिश्रा ने बताया कि उनका मकान सड़क से करीब दो फीट नीचा हो गया है, उसे ऊंचा उठवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मकान को ऊंचा उठवाने में कई दिन लगते हैं। कई जैक की सहायता से इसे ऊंचा उठाया जाता है। 100 वर्गगज के मकान को तीन फुट तक ऊंचा उठाने में करीब छह लाख रुपये तक खर्च हो रहे हैं।