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मौत का मंजर...पर कलेजे से अलग न किया कलेजे का टुकड़ा
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जिला अस्पताल पहुंचे घायल को सांत्वना देता युवक।
- फोटो : CITY OFFICE
लोधा क्षेत्र में शनिवार को हुई सड़क दुर्घटना के बाद मौके से लेकर जिला अस्पताल तक हायतौबा मची हुई थी। इस दौरान मौत का मंजर देख बसों में सवार लोग और प्रत्यक्षदर्शी सिहर उठे थे। इस दौरान एक ऐसी मां भी देखी, जो खुद जख्मी होने और इतना सब कुछ झेलने के बाद भी अपने कलेजे के टुकड़े को खुद से अलग नहीं कर पा रही थी। किसी तरह जब जिला अस्पताल में इलाज के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने उसके बच्चे को अलग किया तो वह यही कहती रही कि इसका ध्यान रखना। मुझसे इसे अलग मत करना।
दोपहर 12 बजे हुई दुर्घटना में हसायन की सपना अपने तीन बेटों संग बस में सवार थी। वह और उसके तीनों बेटे दुर्घटना में जख्मी हुए। जब उसे अस्पताल लाया गया तो सबसे छोटे बेटे शौर्य को उसने अपने कलेजे से चिपका लिया और एंबुलेंस से उतारकर जब उसे स्ट्रेचर पर लिटाया गया तो उसने बच्चे को नहीं छोड़ा और उसी तरह कलेजे से लगाए रही। कुल मिलाकर उस दृश्य को देख लोग सिहर उठे।
वहीं दुर्घटना के बाद जब घायलों को जिला अस्पताल लाया गया तो यहां देर शाम तक करुण पुकार के साथ हायतौबा का माहौल रहा। हर घायल खुद के इलाज से लेकर परिवार को खबर देने तक के लिए उतावला था। हालांकि शाम तक सभी के नाम उजागर होने के बाद परिवारों को खबर दे दी गई थी। तहसील व पुलिस की टीमें उनकी देखभाल में लगी थीं। जरूरत के अनुसार उनके खाने पीने तक की व्यवस्था की जा रही थी।
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पलवल से आ रही बस के चालक पर मुकदमे की तैयारी
पुलिस के अनुसार इस मामले में हालांकि शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। मगर देर शाम पुलिस पलवल की ओर से आती बस के चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में थी। इसके पीछे वजह यह थी कि इधर से जाती बस का तो टायर फटा और वह अनियंत्रित हुई। मगर सामने से आती बस की गति भी इतनी अनियंत्रित थी कि वह खुली सड़क पर रॉग साइड आती बस को देख नहीं सका और हादसा हो गया।
टायर फटने वाली बस चालक के पेट में घुसी स्टेयरिंग
जो बस अलीगढ़ से जा रही थी। उसी का टायर फटा और उसके चालक के पेट में स्टेयरिंग घुस गई। वह बुरी तरह जख्मी हुआ है। उसकी हालत बेहद नाजुक है।
उधर से आती बस का चालक गायब
इस दुर्घटना के बाद पलवल से आती बस का चालक गायब है। माना जा रहा है कि वह दुर्घटना के दौरान बस से कूदकर भाग न गया हो। फिलहाल पुलिस बस नंबर के आधार पर चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद एक साथ गए तीनों शव, घायलों का इलाज जारी
जवां में शुक्रवार देर रात हुई दुर्घटना में तीन मौतों के बाद शनिवार तड़के उनके शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया। तीनों शवों को एक साथ यहां से नगला कलार ले जाया गया। दो शवों का नगला कलार के ही श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया और बुजुर्ग महिला का शव दिल्ली ले जाया गया। इस दुर्घटना के संबंध में अज्ञात टैंपो चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार इस दुर्घटना में घायल सभी लोगों की हालत स्थिर है। वे खतरे से बाहर आ गए हैं। डॉक्टरों की निगरानी में लगातार उनका इलाज चल रहा है। इधर, सुबह जब पोस्टमार्टम के बाद उनके शव मोहल्ले में पहुंचे तो मृत दर्शन की घायल बीवी, मां व भाई आदि भी अस्पताल से घर पहुंच गए। जहां उन्होंने घायल हालत में ही बिलखते हुए अंतिम संस्कार की औपचारिकताओं को पूरा किया।
इस दौरान काफी संख्या में मदद के लिए मोहल्ले के लोग, पुलिस व तहसील की टीम मौजूद रही। बता दें कि यह दुर्घटना शुक्रवार को उस समय हुई थी, जब दर्शन अपने परिवार व रिश्तेदार के लोगों के साथ अपने पिता की अस्थियां विसर्जित कर राजघाट गंगा घाट से लौट रहे थे। तभी जवां के पास सामने से आते ऑटो को बचाने के फेर में उनका लोडर पलट गया था।
कहां गईं लिफ्ट लेने वाली दो महिलाएं
इस दुर्घटना में घायल कुछ लोग इस बात को लेकर जिक्र करते रहे कि जब हम लोग राजघाट से चले थे तो वहां से निकलते ही दो महिलाओं ने हमारे साथ अलीगढ़ तक के लिए लिफ्ट ली थी। दुर्घटना के बाद हम सभी घायल अस्पताल पहुंच गए। मगर उन दोनों का कहीं कोई पता नहीं चला।
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दोपहर 12 बजे हुई दुर्घटना में हसायन की सपना अपने तीन बेटों संग बस में सवार थी। वह और उसके तीनों बेटे दुर्घटना में जख्मी हुए। जब उसे अस्पताल लाया गया तो सबसे छोटे बेटे शौर्य को उसने अपने कलेजे से चिपका लिया और एंबुलेंस से उतारकर जब उसे स्ट्रेचर पर लिटाया गया तो उसने बच्चे को नहीं छोड़ा और उसी तरह कलेजे से लगाए रही। कुल मिलाकर उस दृश्य को देख लोग सिहर उठे।
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वहीं दुर्घटना के बाद जब घायलों को जिला अस्पताल लाया गया तो यहां देर शाम तक करुण पुकार के साथ हायतौबा का माहौल रहा। हर घायल खुद के इलाज से लेकर परिवार को खबर देने तक के लिए उतावला था। हालांकि शाम तक सभी के नाम उजागर होने के बाद परिवारों को खबर दे दी गई थी। तहसील व पुलिस की टीमें उनकी देखभाल में लगी थीं। जरूरत के अनुसार उनके खाने पीने तक की व्यवस्था की जा रही थी।
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पलवल से आ रही बस के चालक पर मुकदमे की तैयारी
पुलिस के अनुसार इस मामले में हालांकि शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। मगर देर शाम पुलिस पलवल की ओर से आती बस के चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में थी। इसके पीछे वजह यह थी कि इधर से जाती बस का तो टायर फटा और वह अनियंत्रित हुई। मगर सामने से आती बस की गति भी इतनी अनियंत्रित थी कि वह खुली सड़क पर रॉग साइड आती बस को देख नहीं सका और हादसा हो गया।
टायर फटने वाली बस चालक के पेट में घुसी स्टेयरिंग
जो बस अलीगढ़ से जा रही थी। उसी का टायर फटा और उसके चालक के पेट में स्टेयरिंग घुस गई। वह बुरी तरह जख्मी हुआ है। उसकी हालत बेहद नाजुक है।
उधर से आती बस का चालक गायब
इस दुर्घटना के बाद पलवल से आती बस का चालक गायब है। माना जा रहा है कि वह दुर्घटना के दौरान बस से कूदकर भाग न गया हो। फिलहाल पुलिस बस नंबर के आधार पर चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद एक साथ गए तीनों शव, घायलों का इलाज जारी
जवां में शुक्रवार देर रात हुई दुर्घटना में तीन मौतों के बाद शनिवार तड़के उनके शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया। तीनों शवों को एक साथ यहां से नगला कलार ले जाया गया। दो शवों का नगला कलार के ही श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया और बुजुर्ग महिला का शव दिल्ली ले जाया गया। इस दुर्घटना के संबंध में अज्ञात टैंपो चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार इस दुर्घटना में घायल सभी लोगों की हालत स्थिर है। वे खतरे से बाहर आ गए हैं। डॉक्टरों की निगरानी में लगातार उनका इलाज चल रहा है। इधर, सुबह जब पोस्टमार्टम के बाद उनके शव मोहल्ले में पहुंचे तो मृत दर्शन की घायल बीवी, मां व भाई आदि भी अस्पताल से घर पहुंच गए। जहां उन्होंने घायल हालत में ही बिलखते हुए अंतिम संस्कार की औपचारिकताओं को पूरा किया।
इस दौरान काफी संख्या में मदद के लिए मोहल्ले के लोग, पुलिस व तहसील की टीम मौजूद रही। बता दें कि यह दुर्घटना शुक्रवार को उस समय हुई थी, जब दर्शन अपने परिवार व रिश्तेदार के लोगों के साथ अपने पिता की अस्थियां विसर्जित कर राजघाट गंगा घाट से लौट रहे थे। तभी जवां के पास सामने से आते ऑटो को बचाने के फेर में उनका लोडर पलट गया था।
कहां गईं लिफ्ट लेने वाली दो महिलाएं
इस दुर्घटना में घायल कुछ लोग इस बात को लेकर जिक्र करते रहे कि जब हम लोग राजघाट से चले थे तो वहां से निकलते ही दो महिलाओं ने हमारे साथ अलीगढ़ तक के लिए लिफ्ट ली थी। दुर्घटना के बाद हम सभी घायल अस्पताल पहुंच गए। मगर उन दोनों का कहीं कोई पता नहीं चला।