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आरएमपीयू : निर्माण कार्य में लापरवाही पर सीएम सख्त, ठेकेदार पर दर्ज होगी रिपोर्ट
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जनसभा को संबोधित करते योगी। संवाद
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में देरी और गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एजेंसी के ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता इंद्रपाल सिंह के खिलाफ विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने 15 जुलाई तक शेष निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेटम भी दिया।
कुलपति प्रो. एनबी सिंह, कुलसचिव प्रबुद्ध सिंह के साथ समीक्षा करने से पहले मुख्यमंत्री ने विवि परिसर का मुआयना भी किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और कार्यदायी एजेंसी के अधिकारियों से कहा कि गुणवत्ता के मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सरकारी धन की बर्बादी नहीं होनी चाहिए, वर्ना किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
अधिशासी अभियंता पर कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 19 जनवरी 2024 को विश्वविद्यालय निर्माण कार्य की समीक्षा बैठक में तत्कालीन डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने लिफ्ट का ऑर्डर जारी न होने और निर्माण कार्य की बेहद धीमी प्रगति पर अधिशासी अभियंता इंद्रपाल सिंह, सहायक अभियंता अरविंद कुमार और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को बैठक से बाहर कर दिया था। निर्माण कार्य में देरी पर तत्कालीन डीएम ने कंपनी पर 1.75 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
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कुलपति प्रो. एनबी सिंह, कुलसचिव प्रबुद्ध सिंह के साथ समीक्षा करने से पहले मुख्यमंत्री ने विवि परिसर का मुआयना भी किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और कार्यदायी एजेंसी के अधिकारियों से कहा कि गुणवत्ता के मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सरकारी धन की बर्बादी नहीं होनी चाहिए, वर्ना किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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अधिशासी अभियंता पर कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 19 जनवरी 2024 को विश्वविद्यालय निर्माण कार्य की समीक्षा बैठक में तत्कालीन डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने लिफ्ट का ऑर्डर जारी न होने और निर्माण कार्य की बेहद धीमी प्रगति पर अधिशासी अभियंता इंद्रपाल सिंह, सहायक अभियंता अरविंद कुमार और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को बैठक से बाहर कर दिया था। निर्माण कार्य में देरी पर तत्कालीन डीएम ने कंपनी पर 1.75 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
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