{"_id":"60d8cba28ebc3e09cd5c9363","slug":"ring-road-could-not-complet-in-40-years-city-office-news-ali2666466109","type":"story","status":"publish","title_hn":"40 साल में पूरा नहीं बना रिंग रोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
40 साल में पूरा नहीं बना रिंग रोड
विज्ञापन
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण महायोजना 2021-2031 लागू करने जा रहा है, इस पर काम जारी है। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद इसको लागू करने में व्यवधान हुआ हैै। अब इस पर पुन: काम शुरू हो गया है। वर्ष 1981 में पहली बार महायोजना लागू हुई थी। इसके बाद से लगभग 40 वर्ष का समय गुजर चुका है, लेकिन अभी तक शहर के रिंग रोड को पूरा नहीं किया जा सका है।
रिंग रोड का आधा हिस्सा बन सका है, जो जीटी रोड हाईवे के रूप में भांकरी से शुरू होकर पनैठी के पास खत्म हो जाता है। ये रिंग रोड जीटी रोड हाईवे नंबर-34 है। ये गाजियाबाद-अलीगढ़ के बीच बने हाईवे का हिस्सा है। रिंग रोड का दूसरा हिस्सा जीटी रोड से हरदुआगंज होते हुए पनैठी तक बनना है। ये रोड भी जीटी रोड से शुरू होकर उसी में मिल जाएगा। इसके बाद शहर के चारों ओर रिंग रोड पूरा हो जाएगा। महायोजना 2031 में इसका प्रस्ताव शामिल है।
एडीए के अधिकारियों के अनुसार इसको बनाने का काम एनएचएआई या पीडब्ल्यूडी को मिल सकता है। इसके बनने के बाद शहर में दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादाबाद, अनुपशहर रोड, बरेली, कासगंज, मथुरा, आगरा से आने वाले वाहनों को शहर के बाहर से ही कहीं भी जाने का रास्ता मिलेगा। अगर वाहन सवार को आवश्यकता नहीं है तो वह शहर के अंदर नहीं आएंगे। इससे शहर के अंदरूनी यातायात को राहत मिलेगी, क्योंकि अनावश्यक अंदर आने वाले वाहन नहीं आएंगे।
विज्ञापन
तीसरी महायोजना लागू होने वाली है
पहले महायोजना 20 साल की थी, अब 10 साल की हुई
1981-2001 के बीच पहली महायोजना लागू हुई
2001-2021 की दूसरी महायोजना वर्तमान में लागू है
2021-2031 की महायोजना तीसरा मास्टर प्लान होगा
तीसरी महायोजना में आधा बचा हुआ रिंग रोड पूरा करने को वरीयता दी जा रही है, जिससे शहर में यातायात को बेहतर किया जा सके। ये रिंग वर्तमान जीटी रोड बाईपास हाईवे 34 से शुरू होकर अनूपशहर रोड, मुरादाबाद रोड, रामघाट रोड, हरदुआगंज से होते हुए पनैठी के पास जीटी रोड बाईपास नंबर-34 पर मिलेगा। इसके बनने से रिंग रोड पूरा हो जाएगा। इसके बाद अनूपशहर रोड, मुरादाबाद रोड और रामघाट के वाहन बाहर से ही गुजारे जाएंगे। बड़े वाहन शहर के बाहर से ही हाईवे पर जहां उनको जाना होगा निकल जाएंगे।
- डीएस भदौरिया, एक्सईएन एडीए।
विज्ञापन
रिंग रोड का आधा हिस्सा बन सका है, जो जीटी रोड हाईवे के रूप में भांकरी से शुरू होकर पनैठी के पास खत्म हो जाता है। ये रिंग रोड जीटी रोड हाईवे नंबर-34 है। ये गाजियाबाद-अलीगढ़ के बीच बने हाईवे का हिस्सा है। रिंग रोड का दूसरा हिस्सा जीटी रोड से हरदुआगंज होते हुए पनैठी तक बनना है। ये रोड भी जीटी रोड से शुरू होकर उसी में मिल जाएगा। इसके बाद शहर के चारों ओर रिंग रोड पूरा हो जाएगा। महायोजना 2031 में इसका प्रस्ताव शामिल है।
विज्ञापन
एडीए के अधिकारियों के अनुसार इसको बनाने का काम एनएचएआई या पीडब्ल्यूडी को मिल सकता है। इसके बनने के बाद शहर में दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादाबाद, अनुपशहर रोड, बरेली, कासगंज, मथुरा, आगरा से आने वाले वाहनों को शहर के बाहर से ही कहीं भी जाने का रास्ता मिलेगा। अगर वाहन सवार को आवश्यकता नहीं है तो वह शहर के अंदर नहीं आएंगे। इससे शहर के अंदरूनी यातायात को राहत मिलेगी, क्योंकि अनावश्यक अंदर आने वाले वाहन नहीं आएंगे।
विज्ञापन
तीसरी महायोजना लागू होने वाली है
पहले महायोजना 20 साल की थी, अब 10 साल की हुई
1981-2001 के बीच पहली महायोजना लागू हुई
2001-2021 की दूसरी महायोजना वर्तमान में लागू है
2021-2031 की महायोजना तीसरा मास्टर प्लान होगा
तीसरी महायोजना में आधा बचा हुआ रिंग रोड पूरा करने को वरीयता दी जा रही है, जिससे शहर में यातायात को बेहतर किया जा सके। ये रिंग वर्तमान जीटी रोड बाईपास हाईवे 34 से शुरू होकर अनूपशहर रोड, मुरादाबाद रोड, रामघाट रोड, हरदुआगंज से होते हुए पनैठी के पास जीटी रोड बाईपास नंबर-34 पर मिलेगा। इसके बनने से रिंग रोड पूरा हो जाएगा। इसके बाद अनूपशहर रोड, मुरादाबाद रोड और रामघाट के वाहन बाहर से ही गुजारे जाएंगे। बड़े वाहन शहर के बाहर से ही हाईवे पर जहां उनको जाना होगा निकल जाएंगे।
- डीएस भदौरिया, एक्सईएन एडीए।