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अलीगढ़ः मसीह समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनीं रेवरेंड रंजीता दास

Sun, 19 Dec 2021 12:15 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Sun, 19 Dec 2021 12:15 AM IST
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Reverend Ranjeeta Das became an inspiration for Christ society
रेवरेंड रंजीता दास। - फोटो : ब्यूूराे
मसीह समाज में इन दिनों क्रिसमस को लेकर उत्साह है। इस जश्न के माहौल में समाज की महिलाओं व युवतियों के लिए नकवी पार्क चर्च में बतौर प्रीस्ट तैनात हुईं रेवरेंड रंजीता दास (28) प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं। कम उम्र में इस महत्वपूर्ण पद पर पहुंचने को लोग उनकी उपलब्धि मान रहे हैं। रंजीता दास शहर की दूसरी ऐसी महिला हैं, जो चर्च में बतौर प्रीस्ट चर्च सर्विस में अपना योगदान देती हैं। इनसे पहले वर्ष 2003-05 में सीडीएफ चर्च में रेवरेंड कमलेश सिंह प्रीष्ट की भूमिका निभाती थीं।
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 प्रयागराज की मूल निवासी 28 वर्षीय रंजीता दास ने वर्ष 2011 में इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की। इसके बाद वर्ष 2012 से 2016 तक रंजीता दास ने इलाहाबाद बाइबिल सैमेनरी से धर्म की शिक्षा-दीक्षा प्राप्त की। इस दौरान बाइबिल की गहरी बातें, आत्मिक ज्ञान, ईश्वर की भक्ति जैसे आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किए।
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वर्तमान में चर्च ऑफ असेंशन के पास्टर रेवरेंड लॉरेंस दास के साथ वर्ष 2017 में रंजीता दास ने विवाह किया। फिर वर्ष 2019 में डायसेस ऑफ आगरा से जुड़ीं। इसके बाद इवैंजिलिस्ट और डेकन के रूप में काम किया। धार्मिक रुचि, समर्पण और कार्यों  को देखते हुए रंजीता दास को रेवरेंड की उपाधि मिली। इस उपाधि के बाद सीनियर प्रीष्ट के तौर पर जून 2019 में अलीगढ़ के नकवी पार्क चर्च में सेवा का मौका मिला। 
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धर्मशास्त्र के अनुसार, मसीह समाज में महिलाओं को ईश्वर की आराधना में बराबर का स्थान मिला है। लेकिन महिला प्रीष्ट की संख्या कम है। रंजीता दास ने बताया कि बतौर महिला के रूप में प्रीष्ट बनकर काफी अच्छा लग रहा है। अब ईश्वर की भक्ति का ज्ञान बांटकर लोगों के लिए दुआएं करने में जो आनंद है, वह कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को पुरुषों से पीछे रखा जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। मसीह समाज ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों में जागरूकता आ रही है। महिलाएं भी आगे बढ़कर अपने धर्म का प्रचार प्रसार कर रही हैं।



अल्मा जैकबसन केवेंटर ने बनाया था सीडीएफ मैथोडिस्ट चर्च
वर्ष 2003-05 में अनूपशहर रोड स्थित सीडीएफ मैथोडिस्ट चर्च में बतौर महिला प्रीष्ट के रूप में रेवरेंड कमलेश सिंह तैनात थीं। इस चर्च के इतिहास पर गौर करें तो 91 साल पहले 12 जनवरी 1930 में अल्मा जैकबसन केवेंटर ने इस चर्च का निर्माण कराया था। इस चर्च में लगे पत्थर के अनुसार, अल्मा जैकबसन ने बताया, उन्होंने यह चर्च बिशप बीटी बाडले की प्रेरणा से इसका निर्माण कराया गया है। 
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