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ऑक्सीजन के अभाव में अटक गई थीं रिटायर्ड शिक्षिका की सांसें
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मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत के चलते मरीजों की सांसें अटकने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। कांग्रेस नेता इंजीनियर आगा यूनुस ने बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की रिटायर्ड शिक्षिका फकरू निशा (80) कोरोना संक्रमण से ग्रस्त हैं, उनके परिजनों को प्लांट से 6 घंटे की कवायद के बाद ऑक्सीजन मिल सकी, जिसके बाद शिक्षिका की अटकी सांसों को राहत मिल सकी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए राधा गैस प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए नायब तहसीलदार की ड्यूटी रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक के लिए थी। फकरू निशा घर में आइसोलेशन थी। रात 11 बजे जब उनके परिवार के सदस्य सिलिंडर भरवाने के लिए प्लांट पहुंचे तो प्रशासनिक अनुमति मांगी गई।
इधर, परिवार वाले औपचारिकताएं पूरी करने में फंसे रहे और दूसरी ओर महिला के सिलिंडर की ऑक्सीजन समाप्त होती रही। इस दौरान प्लांट पर तैनात नोडल अधिकारी का फोन तक नहीं उठा। बाद में पर्यवेक्षक से संपर्क हुआ तब सुबह 3 बजे ऑक्सीजन मिल सकी। इधर, रामघाट रोड पर स्थित निजी हॉस्पिटल में भर्ती पूर्व सैनिक एसके राघव के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए परिजन इधर-उधर भटकते रहे।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए राधा गैस प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए नायब तहसीलदार की ड्यूटी रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक के लिए थी। फकरू निशा घर में आइसोलेशन थी। रात 11 बजे जब उनके परिवार के सदस्य सिलिंडर भरवाने के लिए प्लांट पहुंचे तो प्रशासनिक अनुमति मांगी गई।
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इधर, परिवार वाले औपचारिकताएं पूरी करने में फंसे रहे और दूसरी ओर महिला के सिलिंडर की ऑक्सीजन समाप्त होती रही। इस दौरान प्लांट पर तैनात नोडल अधिकारी का फोन तक नहीं उठा। बाद में पर्यवेक्षक से संपर्क हुआ तब सुबह 3 बजे ऑक्सीजन मिल सकी। इधर, रामघाट रोड पर स्थित निजी हॉस्पिटल में भर्ती पूर्व सैनिक एसके राघव के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए परिजन इधर-उधर भटकते रहे।
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