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Aligarh News: पूर्व मेयर-पूर्व विधायकों को हाईकोर्ट से राहत
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मेयर पद के शपथ ग्रहण समारोह में वंदेमातरम का गान करने के बजाय धार्मिक नारेबाजी करने और इसके बाद टीका टिप्पणी मामले में पूर्व विधायकों-पूर्व मेयर आदि नेताओं को हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने इस मामले में रोक का आदेश अगली सुनवाई तक जारी किया है। बता दें कि निचली अदालत ने इस मामले में सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे।
एमपीएमएलए मामलों की सुनवाई कर रही निचली अदालत में भाजपा नेता राजेंद्र वाष्र्णेय चीफ की ओर से याचिका दायर की गई थी। जिसमें आरोप है कि 12 दिसंबर 2017 को कृष्णांजलि नाट्यशाला में नवनिर्वाचित बसपा के मेयर मो.फुरकान का मेयर पद का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। जिसमें बसपा पार्षदों ने नियमानुसार राष्ट्रगान के बजाय धार्मिक नारे लगाए। इस दौरान हुए विवाद के बाद सभी लोग पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, पूर्व विधायक चौ.महेंद्र सिंह, तत्कालीन मेयर मो.फुरकान, बसपा नेता अशोक सिंह, सूरज सिंह, पार्षद मुर्शरफ आदि मेयर मो.फुरकान के आवास पर एकत्रित हुए। जहां उन्होंने भाजपा के प्रति जबरदस्त टीका टिप्पणी की।
जिसमें पूर्व विधायक जमीरउल्लाह ने तो बहुत भला बुरा कहा। इस मामले में दायर अर्जी पर एमपीएमएलए मामलों की विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को समन जारी करते हुए तलब कर लिया। इस तलबी आदेश के खिलाफ पूर्व मेयर मो.फुरकान, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, बसपा नेता अशोक सिंह, सूरज सिंह, पार्षद मुर्शरफ हुसैन आदि ने अपर सत्र न्यायालय एमपीएमएलए में रिवीजन याचिका दायर की। जिसे खारिज करते हुए तलबी को यथावत माना गया था। इसके बाद बचाव पक्ष ने निचली अदालत में ही मुकदमे को निरस्त करने की अर्जी दी।
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मगर अदालत ने उसे अस्वीकार करते हुए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा सही मानते हुए सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। इस मुकदमे में शामिल आरोपी पार्षद मुर्शरफ हुसैन के अनुसार सभी आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में अपील दायर की गई। जिसमें कार्रवाई को गलत बताकर मुकदमे पर रोककर अनुरोध किया गया। इसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी है। अब सभी साक्ष्य पेश किए जाएंगे।
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एमपीएमएलए मामलों की सुनवाई कर रही निचली अदालत में भाजपा नेता राजेंद्र वाष्र्णेय चीफ की ओर से याचिका दायर की गई थी। जिसमें आरोप है कि 12 दिसंबर 2017 को कृष्णांजलि नाट्यशाला में नवनिर्वाचित बसपा के मेयर मो.फुरकान का मेयर पद का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। जिसमें बसपा पार्षदों ने नियमानुसार राष्ट्रगान के बजाय धार्मिक नारे लगाए। इस दौरान हुए विवाद के बाद सभी लोग पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, पूर्व विधायक चौ.महेंद्र सिंह, तत्कालीन मेयर मो.फुरकान, बसपा नेता अशोक सिंह, सूरज सिंह, पार्षद मुर्शरफ आदि मेयर मो.फुरकान के आवास पर एकत्रित हुए। जहां उन्होंने भाजपा के प्रति जबरदस्त टीका टिप्पणी की।
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जिसमें पूर्व विधायक जमीरउल्लाह ने तो बहुत भला बुरा कहा। इस मामले में दायर अर्जी पर एमपीएमएलए मामलों की विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को समन जारी करते हुए तलब कर लिया। इस तलबी आदेश के खिलाफ पूर्व मेयर मो.फुरकान, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, बसपा नेता अशोक सिंह, सूरज सिंह, पार्षद मुर्शरफ हुसैन आदि ने अपर सत्र न्यायालय एमपीएमएलए में रिवीजन याचिका दायर की। जिसे खारिज करते हुए तलबी को यथावत माना गया था। इसके बाद बचाव पक्ष ने निचली अदालत में ही मुकदमे को निरस्त करने की अर्जी दी।
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मगर अदालत ने उसे अस्वीकार करते हुए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा सही मानते हुए सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। इस मुकदमे में शामिल आरोपी पार्षद मुर्शरफ हुसैन के अनुसार सभी आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में अपील दायर की गई। जिसमें कार्रवाई को गलत बताकर मुकदमे पर रोककर अनुरोध किया गया। इसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी है। अब सभी साक्ष्य पेश किए जाएंगे।