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नियमों का हवाला दे डीएम ने विरोधी खेमे को लौटाया
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Thu, 03 Aug 2017 01:41 AM IST
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जिलाधिकारी से बात करते जिला पंचायत सदस्य व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष।
- फोटो : Amar Ujala
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भाजपा नेता एवं जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने में पूरा दम लगा रहे विरोधी खेमे को बुधवार को भी खाली हाथ लौटना पड़ा। ये खेमा शुक्रवार से ही लगातार डीएम से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव मंजूर कराने में लगा है लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।
बुधवार को जिलाधिकारी से मिलने के लिए विरोधी खेमे के जिला पंचायत सदस्य पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौ. सुधीर सिंह की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधिकारी ने स्टैनो के माध्यम से व्यस्तता का हवाला दिया तो जिपं सदस्य अजित गौड़ और दिनेश सिंह पहली मंजिल में बने सभागार में पहुंच गए।
जहां पर जिलाधिकारी विकास कार्यों की समीक्षा बैठक कर रहे थे। दोनों सदस्यों ने वहां पर ही डीएम से शिकायत की, कि मिलने का समय देने के बाद आप इस तरह से इंतजार मत कराइए। इस पर डीएम ने साढ़े बारह बजे का समय दे दिया। मीटिंग के बाद जब डीएम कक्ष में आए तो फिर से सदस्य अंदर पहुंचे।
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जिपं सदस्यों ने उनसे अविश्वास प्रस्ताव की तारीख देने की मांग करते हुए बहस शुरू कर दी। बहस से गुस्साए जिलाधिकारी ने यहां तक कह दिया कि अगर ज्यादा शोरशराबा हुआ तो मौके पर ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जवाब में जिपं सदस्याें ने कहा कि वह यहीं धरने पर बैठ जाएंगे। डीएम के तल्ख तेवर देखकर जिपं सदस्यों का रुख कुछ नरम पड़ा। जिलाधिकारी ने कहा कि वह हाईकोर्ट का आदेश पढ़ने के बाद ही कोई फैसला करेंगे। नियमों के अनुसार ही कार्रवाई होगी।
एडवोकेट दिनेश सिंह और अजित गौड़ ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव देने के संबंध में उन्होंने 29 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी। जिसमें डीएम ने निर्देश दिया था कि हाईकोर्ट के आदेश की सत्यापित प्रति लेकर आइए। 31 जुलाई सोमवार को सत्यापित प्रति लगा कर अविश्वास प्रस्ताव रखा तो डीएम ने फिर कह दिया कि बाद में आइए। गुजारिश करने पर बुधवार का समय दिया गया।
बुधवार सुबह निर्धारित वक्त पर पहुंचे तो मीटिंग की व्यस्तता का हवाला देकर टाला जा रहा है, ये सही नहीं है। चौ. सुधीर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है। विधिक राय लेकर हाईकोर्ट जाएंगे और इंसाफ मांगेंगे। किसी भी कीमत पर तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अगर हमारा अविश्वास प्रस्ताव नियमानुसार सही है तो प्रशासन उसे स्वीकार कर विधिक कार्रवाई करे। हमें यूं ही न टहलाया जाए। हमारे पास अविश्वास प्रस्ताव के लिए पर्याप्त संख्याबल है। 29 जिला पंचायत सदस्य हमारे साथ हैं और 52 सदस्यों के सदन में ये संख्या अविश्वास प्रस्ताव के लिए पूरी है। सुधीर सिंह के साथ अजित गौड़, एडवोकेट दिनेश सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद हैं।
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बुधवार को जिलाधिकारी से मिलने के लिए विरोधी खेमे के जिला पंचायत सदस्य पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौ. सुधीर सिंह की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधिकारी ने स्टैनो के माध्यम से व्यस्तता का हवाला दिया तो जिपं सदस्य अजित गौड़ और दिनेश सिंह पहली मंजिल में बने सभागार में पहुंच गए।
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जहां पर जिलाधिकारी विकास कार्यों की समीक्षा बैठक कर रहे थे। दोनों सदस्यों ने वहां पर ही डीएम से शिकायत की, कि मिलने का समय देने के बाद आप इस तरह से इंतजार मत कराइए। इस पर डीएम ने साढ़े बारह बजे का समय दे दिया। मीटिंग के बाद जब डीएम कक्ष में आए तो फिर से सदस्य अंदर पहुंचे।
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जिपं सदस्यों ने उनसे अविश्वास प्रस्ताव की तारीख देने की मांग करते हुए बहस शुरू कर दी। बहस से गुस्साए जिलाधिकारी ने यहां तक कह दिया कि अगर ज्यादा शोरशराबा हुआ तो मौके पर ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जवाब में जिपं सदस्याें ने कहा कि वह यहीं धरने पर बैठ जाएंगे। डीएम के तल्ख तेवर देखकर जिपं सदस्यों का रुख कुछ नरम पड़ा। जिलाधिकारी ने कहा कि वह हाईकोर्ट का आदेश पढ़ने के बाद ही कोई फैसला करेंगे। नियमों के अनुसार ही कार्रवाई होगी।
एडवोकेट दिनेश सिंह और अजित गौड़ ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव देने के संबंध में उन्होंने 29 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी। जिसमें डीएम ने निर्देश दिया था कि हाईकोर्ट के आदेश की सत्यापित प्रति लेकर आइए। 31 जुलाई सोमवार को सत्यापित प्रति लगा कर अविश्वास प्रस्ताव रखा तो डीएम ने फिर कह दिया कि बाद में आइए। गुजारिश करने पर बुधवार का समय दिया गया।
बुधवार सुबह निर्धारित वक्त पर पहुंचे तो मीटिंग की व्यस्तता का हवाला देकर टाला जा रहा है, ये सही नहीं है। चौ. सुधीर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है। विधिक राय लेकर हाईकोर्ट जाएंगे और इंसाफ मांगेंगे। किसी भी कीमत पर तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अगर हमारा अविश्वास प्रस्ताव नियमानुसार सही है तो प्रशासन उसे स्वीकार कर विधिक कार्रवाई करे। हमें यूं ही न टहलाया जाए। हमारे पास अविश्वास प्रस्ताव के लिए पर्याप्त संख्याबल है। 29 जिला पंचायत सदस्य हमारे साथ हैं और 52 सदस्यों के सदन में ये संख्या अविश्वास प्रस्ताव के लिए पूरी है। सुधीर सिंह के साथ अजित गौड़, एडवोकेट दिनेश सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद हैं।