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नगर निकायों में पिछड़ा वर्ग का रैपिड सर्वे शुरू
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जिले में स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों के क्रम में रविवार से ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का रैपिड सर्वे शुरू हो गया। शासन के निर्देश पर नव गठित नगर पंचायतों व नगर निगम सीमा में विस्तारित किए गए क्षेत्र में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का रैपिड सर्वे कराया जा रहा है। 14 जुलाई को अंतिम प्रकाशन होगा।
एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि स्थानीय निकायों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवगठित नगर पंचायत और नगर निगम के सीमा विस्तार वाले क्षेत्र में वार्डों का निर्धारण कर लिया गया है। अब शासन स्तर से सभी जिलों में नवगठित नगर पंचायत व सीमा विस्तारित निकायों के वार्ड में अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों का सर्वे करने का आदेश दिया गया है। नवगठित नगर पंचायत चंडौस, मडराक, जवां- सिकंदरपुर, टप्पल, पिसावा, बरौली और गभाना को इसमें शामिल किया गया है। नगर निगम के सीमा विस्तार के 10 नए वार्ड भी इस दायरे में आए हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड वार पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का निर्धारण व आरक्षण तय किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई तक अंतिम प्रकाशन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि रैपिड सर्वे शुरू कर दिया गया है। एक सप्ताह में यह काम पूरा करना है। तीन जुलाई तक निकाय व पांच जुलाई तक जिला स्तर पर परीक्षण होगा। 10 जुलाई तक वार्ड स्तर पर पिछड़ी जातियों की आधारित जनसंख्या की सूचना का अंतिम प्रकाशन और आपत्तियों का निस्तारण होगा। 12 जुलाई को प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण और 14 जुलाई को सर्वे का अंतिम प्रकाशन होगा। उन्होंने बताया कि सर्वे का जिम्मा सभी एसडीएम, तहसीलदार और अधिशासी अधिकारियों को सौंपा गया है।
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एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि स्थानीय निकायों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवगठित नगर पंचायत और नगर निगम के सीमा विस्तार वाले क्षेत्र में वार्डों का निर्धारण कर लिया गया है। अब शासन स्तर से सभी जिलों में नवगठित नगर पंचायत व सीमा विस्तारित निकायों के वार्ड में अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों का सर्वे करने का आदेश दिया गया है। नवगठित नगर पंचायत चंडौस, मडराक, जवां- सिकंदरपुर, टप्पल, पिसावा, बरौली और गभाना को इसमें शामिल किया गया है। नगर निगम के सीमा विस्तार के 10 नए वार्ड भी इस दायरे में आए हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड वार पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का निर्धारण व आरक्षण तय किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि 14 जुलाई तक अंतिम प्रकाशन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि रैपिड सर्वे शुरू कर दिया गया है। एक सप्ताह में यह काम पूरा करना है। तीन जुलाई तक निकाय व पांच जुलाई तक जिला स्तर पर परीक्षण होगा। 10 जुलाई तक वार्ड स्तर पर पिछड़ी जातियों की आधारित जनसंख्या की सूचना का अंतिम प्रकाशन और आपत्तियों का निस्तारण होगा। 12 जुलाई को प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण और 14 जुलाई को सर्वे का अंतिम प्रकाशन होगा। उन्होंने बताया कि सर्वे का जिम्मा सभी एसडीएम, तहसीलदार और अधिशासी अधिकारियों को सौंपा गया है।
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