Fast Justice: 29 दिन में सुनाई सजा, दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल का कारावास, 50 हजार का अर्थदंड
वादी की 11 वर्ष की बेटी मानसिक रूप से कमजोर है। वह घर के बाहर चारपाई पर बैठी थी। तभी नामजद पड़ोसी मोहल्ला सराय तोताराम का भारत भूषण उर्फ सोनू वहां आया और टॉफी के लिए बच्ची को दस रुपये देकर उससे अश्लील हरकत करने लगा। आरोपी इसके बाद उसे अपने घर ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
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अलीगढ़ के थाना अतरौली क्षेत्र में मानसिक कमजोर बच्ची संग दुष्कर्म के मुकदमे में दीवानी कोर्ट से एडीजे विशेष पॉक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत ने 29 दिन बाद आरोपी को 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में सजा सुनाई है। जिसमें 40 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं। यह देश में दूसरी व प्रदेश में पहली सजा सुनाने का रिकार्ड बनाया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह के अनुसार घटना बीएनएस लागू होने के बाद 19 जुलाई की दोपहर की है। वादी मुकदमा के अनुसार पास के गांव का रहने वाला है और मजदूरी के लिए परिवार को लेकर कस्बे में किराये पर रहता है। वादी की 11 वर्ष की बेटी मानसिक रूप से कमजोर है। वह घर के बाहर चारपाई पर बैठी थी। तभी नामजद पड़ोसी मोहल्ला सराय तोताराम का भारत भूषण उर्फ सोनू वहां आया और टॉफी के लिए बच्ची को दस रुपये देकर उससे अश्लील हरकत करने लगा। आरोपी इसके बाद उसे अपने घर ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
इसी बीच पड़ोसी ने अपनी छत से आरोपी को यह हरकत करते देखा तो पहले तो उसने वीडियो बनाई और फिर दौड़कर पकड़ने का प्रयास किया। इस बीच आरोपी भाग गया। इसके बाद बच्ची ने रोते हुए अपने घर जाकर मां को घटना के बारे में बताया। शाम को पिता के घर आने पर बताया गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मुकदमे के आधार पर मेडिकल परीक्षण व चार्जशीट आदि की प्रक्रिया पूरी की। न्यायालय में ट्रायल शुरू हुआ। सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी को सजा सुनाई गई है।
विवेचना व अभियोजन की संयुक्त प्रभावी पैरवी
एक जुलाई 2024 से देश में नया आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता ( बीएनएस ) के तहत प्रदेश में प्रथम व देश में दूसरे मामले में सजा हुई है। जिसमें नए कानून के तहत किसी दोषी को सजा दिलाई गई है। 29 दिन बाद लैंगिक अपराध के मुकदमें में दोषी को सजा सुनाई गई है। एसएसपी संजीव सुमन के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अलीगढ़ पुलिस ने गुणवत्तापूर्ण विवेचना व अभियोजन की संयुक्त प्रभावी पैरवी की है। जिसके बाद न्यायालय ने दोषी पाए जाने पर आरोपी भरतभूषण उर्फ सोनू निवासी मोहल्ला सराय तोताराम, थाना अतरौली को 20 वर्ष कारावास व 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है ।
इस तरह हुई सजा
- 19 जुलाई की घटना में मुकदमे के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी व चार्जशीट की प्रक्रिया हुई पूरी।
- 21 सितंबर को अदालत में आरोप तय होकर ट्रायल शुरू हुआ।
- 23 सितंबर को वादी व पीड़ित की गवाही हुई।
- 24 सितंबर को पीड़ित की मां की गवाही हुई।
- 25 सितंबर को मुकदमा लेखक की गवाही।
- 30 सितंबर को वीडियो बनाने वाले चश्मदीद की गवाही।
- 01अक्तूबर को डॉ. नाजिया की गवाही।
- 03 अक्तूबर को विवेचक थाना प्रभारी की गवाही।
- 05 अक्तूबर को आरोपी के बयान।
- 10 अक्तूबर को आरोपी के मौखिक साक्ष्य पेश।
-14 अक्तूबर को अंतिम बहस हुई ।
-19 अक्तूबर को आरोपी को सजा सुनाई ।
इस मुकदमे में सभी सात गवाहों ने अपनी मजबूत गवाही दी है। मुकदमे में सबसे मजबूत साक्ष्य चश्मदीद द्वारा बनाया गया वीडियो माना गया है। जिसके आधार पर अदालत ने अधिकतम सजा सुनाई है।-महेश सिंह, विशेष लोक अभियोजक