फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Rambhakt Kalyan Singh Jayanti

रामभक्त कल्याण सिंह जयंती: किसी न किसी रूप में 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचेंगे बाबूजी, राममय है देश

Fri, 05 Jan 2024 02:16 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 05 Jan 2024 02:16 AM IST
सार

5 जनवरी को लखनऊ आवास पर बाबूजी कल्याण सिंह की जयंती मनाई जाएगी। इसकी सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। इसके बाद 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट की ओर से राजवीर सिंह राजू भैया व उनकी पत्नी पूर्व विधायक प्रेमलता वर्मा को निमंत्रण आया है। वहां उस गौरवशाली पल के साक्षी बनेंगे। उस दिन बाबू जी भी किसी न किसी रूप में वहां मौजूद होंगे।

विज्ञापन
Rambhakt Kalyan Singh Jayanti
पूर्व राज्यपाल और मुख्यमंत्री कल्याण सिंह - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

राम मंदिर आंदोलन के नायकों में शुमार स्व. कल्याण सिंह को राम भक्त व हिंदू हृदय सम्राट यूं ही नहीं कहा जाता। उनके रोम-रोम में राम बसते थे। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंतिम समय में जब वह बीमार थे और बिस्तर पर थे। एक दिन मुझसे बोले, अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करके आया हूं। वह भगवान श्री राम के मंदिर की स्थापना को लेकर आतुर थे। उनकी अंतिम इच्छा 22 जनवरी को पूरी होने जा रही है। बाबू जी स्वयं किसी न किसी रूप में अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के दिन मौजूद रहेंगे और मैं खुद अपनी पत्नी प्रेमलता वर्मा के साथ वहां रहूंगा।

विज्ञापन


ये कहना है उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम स्व. कल्याण सिंह के एटा सांसद पुत्र राजवीर सिंह राजू का। स्व. कल्याण सिंह की जयंती पर उनसे बातचीत हुई तो वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनके पिता ऐसे रामभक्त थे, जिसका अंदाजा लगा पाना बेहद मुश्किल है। उन्होंने हर वर्ग, हर जाति की सोच से हटकर देश के लिए राम मंदिर स्थापना की दिशा में काम किया। उस दिन अगर उनके मुख्यमंत्रित्वकाल वाली सरकार में ढांचा न गिरा होता तो मंदिर निर्माण का रास्ता न बना होता। स्व. कल्याण सिंह द्वारा तैयार किए गए उसी रास्ते पर चलकर मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन-जन की भावना के अनुरूप काम किया और मंदिर स्थापना का काम पूरा हो रहा है। आज देश राम मय हो चुका है। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद हर लोकसभा से 4-4 हजार रामभक्त वहां दर्शन को जा सकेंगे। 
विज्ञापन


बाबू जी के अंतिम समय के किस्से को याद करते हुए राजवीर सिंह बताते हैं कि वह बीमार थे। बिस्तर पर थे और लखनऊ के अस्पताल में उपचार चल रहा था। मगर भगवान राम में लीन थे। अचेत हालत में अंतिम बार की बातचीत में जब मैंने उनका हाल पूछा था तो जवाब दिया था कि अयोध्या से भगवान श्री राम के दर्शन करके आया हूं। आज उनकी आत्मा कितनी खुश होंगी। मैं हूं कि ऐसे पिता की संतान बनने का मौका भगवान श्री राम ने दिया। जिसने भगवान श्री राम के लिए और उनके भक्तों के लिए साफ कहा कि गोली नहीं चलने दूंगा। न गोली चलने दी और अपने वचन पर अटल रहे। किसी कार सेवक या राम भक्त को एक खरोंच तक नहीं आने दी। इसके बाद हर एजेंसी की जांच के समक्ष सीना ठोककर खड़े रहे कि इस पूरे मसले पर मेरा दोष है। जो भी सजा देनी है, मुझे दी जाए। मुझे व मेरे परिवार को गर्व है। हम ऐसे नायक की संतान हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


5 जनवरी को लखनऊ आवास पर हर बार की तरह उनकी जयंती मनाई जाएगी। इसकी सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। इसके बाद 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट की ओर से मुझे व मेरी पत्नी पूर्व विधायक प्रेमलता वर्मा को निमंत्रण आया है। वहां उस गौरवशाली पल के साक्षी बनेंगे। उस दिन बाबू जी भी किसी न किसी रूप में वहां मौजूद होंगे।

Trending Videos

अब तो सभी ने माना है सबके राम

राजवीर सिंह कहते हैं कि हाल ही में मैंने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला का साक्षात्कार देखा, जिसमें वह कह रहे हैं कि राम सभी के आराध्य हैं। यह सुनकर मुझे बेहद अच्छा लगा और यह कहने में संकोच नहीं कि जब गैर हिंदू नेता और सभी मान रहे हैं कि भगवान सबके आराध्य हैं तो इस मुद्दे पर अब राजनीति नहीं होनी चाहिए।
राजवीर सिंह राजू भैया 

जीवनपर्यंत बाबू जी के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प
राजवीर सिंह कहते हैं कि मैं इकलौता पुत्र होने के नाते सदैव बाबू जी के साथ रहा। उन्हीं से मैंने राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक ऊंच-नीच सीखा है। मेरा एक मात्र संकल्प है कि मैं जीवनपर्यंत बाबू जी के बताए रास्ते पर चलूं। आज जीवन में जो खुशी भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर मिल रही है। उससे बड़ी खुशी कभी नहीं मिल सकती। अगर बाबू जी होते तो यह खुशी दोगुना होती। मेरी अपील है कि इस दिन को देश दीपावली की तरह मनाए।

कल्याण सिंह का राजनीतिक सफर नामा

  • 1967, 69 व 74 में तीन बार विधायक।
  • 1975 से 77 तक आपातकाल में मीसा बंदी।
  • 1977 में चौथी बार विधायक, स्वास्थ्य मंत्री।
  • 1985 में पांचवीं बार विधायक व प्रदेश अध्यक्ष।
  • 1989 में छठवीं बार विधायक व नेता विधायक दल।
  • 1991 में सातवीं बार विधायक, मुख्यमंत्री बने।
  • 1993 में आठवीं बार विधायक, नेता विधायक दल।
  • 1996 में नवमीं बार विधायक, मुख्यमंत्री-भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष।
  • 2000-01 में राक्रांपा अध्यक्ष बने।
  • 2004 में बुलंदशहर से भाजपा से सांसद।
  • 2009 में एटा से निर्दल सांसद निर्वाचित।
  • 2014 में राजस्थान के राज्यपाल बनाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed