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अलीगढ़ः रक्षाबंधन का सजा बाजार, लुभा रहे घेवर और फेनी
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दुबे का पड़ाव पर रक्षाबंधन के लिये दुकान पर सजा घेबर। संवाद
- फोटो : CITY OFFICE
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भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन के त्योहार का लेकर शहर के बाजार पूरी तरह से सज गए हैं। बाजारों में राखियों की दुकान फुटपाथों पर सज गई हैं। साथ ही मिष्ठान भंडारों से घेवर और फेनी की खुशबू से शहर सराबोर हो गया है। बाजार में राखियों, घेवर की खरीदारी शुरू हो गई है।
त्योहार के मद्देनजर रेलवे और रोडवेज ने भी प्लान तैयार कर लिया है। रोडवेज बसों के फेर बढ़ाए गए हैं। हर आधा घंटे में अलीगढ़ से नोएडा, मेरठ, सहारनपुर, कानपुर, फिरोजाबाद, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, मथुरा रूट पर बसों का इंतजाम किया गया है, जिससे की बहनों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। 20 अगस्त की रात 12 बजे से 21 अगस्त की रात्रि 12 बजे तक बहनों को रोडवेज द्वारा निशुल्क यात्रा कराई जाएगी। इसके अलावा रेलवे की ओर से ईएमयू और एक्सप्रेस ट्रेनों में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई गई है। चोर, लुटेरों पर निगाह रखी जा रही है। स्टेशन पर भी आरपीएफ की ओर से महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई मेरी सखी टीम को तैनात किया गया है। मेरी सखी टीम को निर्देश है कि अगर कोई महिला यात्री रात्रि में स्टेशन पर किसी ट्रेन से उतरती है तो उसे जरूरत होने पर घर तक पहुंचाया जाएगा।
बच्चों के लिए कार्टून राखियां
बाजार में हर साल की तरह इस बार भी बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए राखियों की दर्जनों वैरायटी उपलब्ध हैं। बच्चों को लुभाने के लिए उनके कार्टून चरित्र और सुपर हीरो की राखियों की बाजार में कई वैरायटी बाजार में हैं। दुकानों पर सबसे ज्यादा राखियां दिल्ली, कोलकाता, मुंबई में निर्मित स्टोन, जरकन व मेटल की राखी, कलावा के साथ रुद्राक्ष, रेशमी धागा बाजार में आया है। बच्चों के लिए छोटा भीम, बाल हनुमान, डोरेमॉन आदि कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां आई हैं। बाजार में पांच रुपये से लेकर 500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं। इनमें कई राखियां चांदी की भी हैं जो सराफा दुकानों पर बेची जा रही हैं।
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सोने व चांदी का राखियों की भी मांग
सोने व चांदी की राखी भी बाजार में सराफा दुकानों पर उपलब्ध हैं। सराफा बाजार स्थित एक प्रतिष्ठान के संचालक अमित सराफ ने बताया उनके यहां 640 रुपये में चांदी की राशि और 45 हजार रुपये में 22 कैरेट सोने की राखी उपलब्ध है। बहनों की ओर से इन राखियों को खूब पसंद भी किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण और महंगाई का दिख रहा असर
रक्षाबंधन को लेकर हर घर में तैयारी चल रही है, लेकिन रक्षाबंधन वाले दिन रविवार को कोरोना कर्फ्यू होने के कारण राखियों की दुकानों और मिष्ठान भंडार खुलने पर संशय बना हुआ है, ऐसे में अभी से राखी की दुकानों को सजा लिया गया है। हालांकि प्रशासन अभी इस बात को कह रहा है कि शासन के निर्देश का इस संबंध में इंतजार है। अगर, शासन से कोई निर्णय नहीं आता है तो स्थानीय स्तर पर ही ऐसी कोई रणनीति बनाई जाएगी, जिससे की बहनों को परेशानी का सामना कोरोना कर्फ्यू के चलते न करना पड़े।
डाकघर बेच रहा वाटरप्रूफ लिफाफे
दूसरे शहर, जिला, प्रदेश और देशों में रहने वाले भाइयों को राखी बांधने के लिए न पहुंच पाने वाली बहनों के लिए डाक विभाग की ओर से वाटरप्रूफ लिफाफा जारी किया गया है। प्रधान डाकघर में यह लिफाफे उपलब्ध हैं। वाटरप्रूफ लिफाफे राखी को पानी में भीगने से बचाते हैं।
कई वैरायटी के घेवर तैयार
शहर के हलवाई खाना बाजार के हीरालाल मिष्ठान भंडार के संचालक चिंटू वार्ष्णेय ने बताया कि बाजार में सादा से लेकर देशी घी का स्पेशल घेवर तक उपलब्ध है। इस बार दूध केसर का घेवर 220 रुपये किलो, खोया का घेवर 200 रुपये किलो, सादा घेवर 180 रुपये और देशी घी का घेवर 450 से लेकर 550 रुपये किलो तक में उपलब्ध है।
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त्योहार के मद्देनजर रेलवे और रोडवेज ने भी प्लान तैयार कर लिया है। रोडवेज बसों के फेर बढ़ाए गए हैं। हर आधा घंटे में अलीगढ़ से नोएडा, मेरठ, सहारनपुर, कानपुर, फिरोजाबाद, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, मथुरा रूट पर बसों का इंतजाम किया गया है, जिससे की बहनों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। 20 अगस्त की रात 12 बजे से 21 अगस्त की रात्रि 12 बजे तक बहनों को रोडवेज द्वारा निशुल्क यात्रा कराई जाएगी। इसके अलावा रेलवे की ओर से ईएमयू और एक्सप्रेस ट्रेनों में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई गई है। चोर, लुटेरों पर निगाह रखी जा रही है। स्टेशन पर भी आरपीएफ की ओर से महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई मेरी सखी टीम को तैनात किया गया है। मेरी सखी टीम को निर्देश है कि अगर कोई महिला यात्री रात्रि में स्टेशन पर किसी ट्रेन से उतरती है तो उसे जरूरत होने पर घर तक पहुंचाया जाएगा।
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बच्चों के लिए कार्टून राखियां
बाजार में हर साल की तरह इस बार भी बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए राखियों की दर्जनों वैरायटी उपलब्ध हैं। बच्चों को लुभाने के लिए उनके कार्टून चरित्र और सुपर हीरो की राखियों की बाजार में कई वैरायटी बाजार में हैं। दुकानों पर सबसे ज्यादा राखियां दिल्ली, कोलकाता, मुंबई में निर्मित स्टोन, जरकन व मेटल की राखी, कलावा के साथ रुद्राक्ष, रेशमी धागा बाजार में आया है। बच्चों के लिए छोटा भीम, बाल हनुमान, डोरेमॉन आदि कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां आई हैं। बाजार में पांच रुपये से लेकर 500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं। इनमें कई राखियां चांदी की भी हैं जो सराफा दुकानों पर बेची जा रही हैं।
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सोने व चांदी का राखियों की भी मांग
सोने व चांदी की राखी भी बाजार में सराफा दुकानों पर उपलब्ध हैं। सराफा बाजार स्थित एक प्रतिष्ठान के संचालक अमित सराफ ने बताया उनके यहां 640 रुपये में चांदी की राशि और 45 हजार रुपये में 22 कैरेट सोने की राखी उपलब्ध है। बहनों की ओर से इन राखियों को खूब पसंद भी किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण और महंगाई का दिख रहा असर
रक्षाबंधन को लेकर हर घर में तैयारी चल रही है, लेकिन रक्षाबंधन वाले दिन रविवार को कोरोना कर्फ्यू होने के कारण राखियों की दुकानों और मिष्ठान भंडार खुलने पर संशय बना हुआ है, ऐसे में अभी से राखी की दुकानों को सजा लिया गया है। हालांकि प्रशासन अभी इस बात को कह रहा है कि शासन के निर्देश का इस संबंध में इंतजार है। अगर, शासन से कोई निर्णय नहीं आता है तो स्थानीय स्तर पर ही ऐसी कोई रणनीति बनाई जाएगी, जिससे की बहनों को परेशानी का सामना कोरोना कर्फ्यू के चलते न करना पड़े।
डाकघर बेच रहा वाटरप्रूफ लिफाफे
दूसरे शहर, जिला, प्रदेश और देशों में रहने वाले भाइयों को राखी बांधने के लिए न पहुंच पाने वाली बहनों के लिए डाक विभाग की ओर से वाटरप्रूफ लिफाफा जारी किया गया है। प्रधान डाकघर में यह लिफाफे उपलब्ध हैं। वाटरप्रूफ लिफाफे राखी को पानी में भीगने से बचाते हैं।
कई वैरायटी के घेवर तैयार
शहर के हलवाई खाना बाजार के हीरालाल मिष्ठान भंडार के संचालक चिंटू वार्ष्णेय ने बताया कि बाजार में सादा से लेकर देशी घी का स्पेशल घेवर तक उपलब्ध है। इस बार दूध केसर का घेवर 220 रुपये किलो, खोया का घेवर 200 रुपये किलो, सादा घेवर 180 रुपये और देशी घी का घेवर 450 से लेकर 550 रुपये किलो तक में उपलब्ध है।