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बारिश में निगम के दावे ध्वस्त, शहर हुआ पानी-पानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2016 01:53 AM IST
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गोविंद नगर स्थित एक मकान में पानी भर जाने पर परिवार छत पर पहुंच गया।
- फोटो : महीपाल सिंह
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मंगलवार अलसुबह हुई बरसात भीषण गरमी और उमस से कुछ देर के लिए ही सही थोड़ी राहत दे गई। लेकिन शहर के निचले इलाकों से लेकर पॉश इलाकों और सरकारी कार्यालयों तक कई स्थानों पर जलभराव हो गया। यहां तक कि नगर निगम के जवाहर भवन कार्यालय के मुख्य द्वार पर भी पानी भर गया था।
देर शाम तक कई इलाकों में पानी भरा रहा, जिससे लोग खासे परेशान दिखे। सबसे बुरी हालत एटा चुंगी बाईपास के गोविंद नगर इलाके की रही। यहां पर कई फुट पानी भर गया और कई मकान छह से सात फुट तक डूब गए। घर का सामान बचा कर छतों पर रखा गया। लोग घरों में ही कैद हो गये। देर रात फिर तेज बारिश हुई। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को परेशानी हुई।
गोविंद नगर में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। हर बरसात में यहां पर यही हाल होता है। बरसात के दौरान ही उपरकोट से बनियापाड़े की ओर जाने वाला जीना ढह गया तो कुछ जगहों पर दीवारें गिर गईं। खैर रोड, शाहजमाल, इंदिरा नगर, जलालपुर, गूलर रोड, उदयसिंह जैन रोड, सराय लवरिया, जीटी रोड, कचहरी रोड, जीवनगढ़, एटा चुंगी, रेलवे स्टेशन रोड आदि इलाकों में जलभराव हो गया। इन इलाकों केलोग व अन्य राहगीर काफी परेशान दिखाई दिए। सामान्य जनजीवन भी जलभराव के चलते प्रभावित हुआ। देर रात तक कुछ इलाकों में जलनिकासी नहीं हुई थी और संक्रमण फैलने की आशंका भी थी। क्योंकि कुछ देर की बारिश के बाद उमस बढ़ गई थी। जलभराव वाले मोहल्लों में उमस और ज्यादा रही जिससे संक्रामक बीमारियों को फैलाने वाले वैक्टीरिया सक्रिय होने का खतरा पैदा हो गया है। सड़ांध और कूड़े की बदबू से भी हाल बुरा था। शहर की सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था की भी इस बारिश ने पोल खोल दी। बरसात से शहर के आगरा मार्ग पर रूसा हास्पिटल के सामने घुटनों-घुटनों पानी भर गया। यहां सामान्य दिनों में भी जलनिकासी न होेने की वजह से जलभराव रहता है। शहर के अन्य इलाकों में भी नाले-नालियां उफन जाने से गंदा पानी और कीचड़ सड़क पर आ गया। मेयर शकुंतला भारती और नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बारिश के बाद लोगों की शिकायतें दूर करने के लिए निरीक्षण किया। रेलवे स्टेशन के सामने श्यामनगर में जलभराव से गुजरी मेयर ने सेनेटरी निरीक्षक व सुपरवाइजर को मौके पर बुलाकर निर्देश दिया कि वहां पंप लगाकर जलभराव दूर कराया जाए। वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन हर बार की तरह ही इस बार भी गोविंद नगर इलाके के सैंकड़ों लोगों का हाल लेने कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। यहां पर घर घर में पानी भरने से हालात बहुत खराब हैं।
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देर शाम तक कई इलाकों में पानी भरा रहा, जिससे लोग खासे परेशान दिखे। सबसे बुरी हालत एटा चुंगी बाईपास के गोविंद नगर इलाके की रही। यहां पर कई फुट पानी भर गया और कई मकान छह से सात फुट तक डूब गए। घर का सामान बचा कर छतों पर रखा गया। लोग घरों में ही कैद हो गये। देर रात फिर तेज बारिश हुई। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को परेशानी हुई।
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गोविंद नगर में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। हर बरसात में यहां पर यही हाल होता है। बरसात के दौरान ही उपरकोट से बनियापाड़े की ओर जाने वाला जीना ढह गया तो कुछ जगहों पर दीवारें गिर गईं। खैर रोड, शाहजमाल, इंदिरा नगर, जलालपुर, गूलर रोड, उदयसिंह जैन रोड, सराय लवरिया, जीटी रोड, कचहरी रोड, जीवनगढ़, एटा चुंगी, रेलवे स्टेशन रोड आदि इलाकों में जलभराव हो गया। इन इलाकों केलोग व अन्य राहगीर काफी परेशान दिखाई दिए। सामान्य जनजीवन भी जलभराव के चलते प्रभावित हुआ। देर रात तक कुछ इलाकों में जलनिकासी नहीं हुई थी और संक्रमण फैलने की आशंका भी थी। क्योंकि कुछ देर की बारिश के बाद उमस बढ़ गई थी। जलभराव वाले मोहल्लों में उमस और ज्यादा रही जिससे संक्रामक बीमारियों को फैलाने वाले वैक्टीरिया सक्रिय होने का खतरा पैदा हो गया है। सड़ांध और कूड़े की बदबू से भी हाल बुरा था। शहर की सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था की भी इस बारिश ने पोल खोल दी। बरसात से शहर के आगरा मार्ग पर रूसा हास्पिटल के सामने घुटनों-घुटनों पानी भर गया। यहां सामान्य दिनों में भी जलनिकासी न होेने की वजह से जलभराव रहता है। शहर के अन्य इलाकों में भी नाले-नालियां उफन जाने से गंदा पानी और कीचड़ सड़क पर आ गया। मेयर शकुंतला भारती और नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बारिश के बाद लोगों की शिकायतें दूर करने के लिए निरीक्षण किया। रेलवे स्टेशन के सामने श्यामनगर में जलभराव से गुजरी मेयर ने सेनेटरी निरीक्षक व सुपरवाइजर को मौके पर बुलाकर निर्देश दिया कि वहां पंप लगाकर जलभराव दूर कराया जाए। वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन हर बार की तरह ही इस बार भी गोविंद नगर इलाके के सैंकड़ों लोगों का हाल लेने कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। यहां पर घर घर में पानी भरने से हालात बहुत खराब हैं।
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