{"_id":"69d21efebb069d3d0c0fdfae","slug":"rain-and-hailstorm-trouble-farmers-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश-ओलावृष्टि की मार: 135 बीघा में न गेहूं बचा, न मूंग, ओले ने भूसे के लायक तक नहीं छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश-ओलावृष्टि की मार: 135 बीघा में न गेहूं बचा, न मूंग, ओले ने भूसे के लायक तक नहीं छोड़ा
Sun, 05 Apr 2026 02:07 PM IST
Chaman Kumar Sharma
नगेश शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
नगेश शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sun, 05 Apr 2026 02:07 PM IST
सार
आंधी, बारिश और फिर ओले से हुए नुकसान की स्थिति जानने के लिए शनिवार की सुबह जब अमर उजाला की टीम अलीगढ़ से इगलास और फिर गोंडा तक पहुंची तो रास्ते में आए 12 गांवों में सबसे ज्यादा भयावह तस्वीरें नजर आईं।
विज्ञापन
नगला किशोर में ओले से नष्ट हुई गेहूं की फसल दिखाते किसान राकेश
- फोटो : संवाद
विस्तार
साहब, मेरे पास 135 बीघा जमीन है। इस बार 85 बीघा में मक्का, 25 बीघा में मूंग और बाकी 25 बीघा में गेहूं का रकबा था, लेकिन बारिश ने ऐसा धोया कि न गेहूं बचा और न मूंग। मक्का भी पूरी तरह से साफ हो गई। हमें इस लायक भी नहीं छोड़ा कि थ्रेसिंग से भूसा भी निकाल सकें। यह पीड़ा गोंडा निवासी यतीश चौधरी की है जिनकी फसल बीती रात हुई ओलावृष्टि में पूरी तरह तबाह हो गई।
विज्ञापन
आंधी, बारिश और फिर ओले से हुए नुकसान की स्थिति जानने के लिए शनिवार की सुबह जब अमर उजाला की टीम अलीगढ़ से इगलास और फिर गोंडा तक पहुंची तो रास्ते में आए 12 गांवों में सबसे ज्यादा भयावह तस्वीरें नजर आईं। कई खेतों में 100 तो कई में 60 फीसदी से ज्यादा गेहूं की पकी फसल जमीन पर बिछी दिखी। इस बीच अपने खेत लेकर पहुंचे यतीश ने कहा कि आलू की खोदाई के बाद करीब 20 दिन पहले मक्का बोया था। इस समय करीब छह इंच तक फसल खड़ी हो गई, लेकिन बारिश ने सब खत्म कर दिया। अब दो महीने तक इन खेतों का कोई उपयोग नहीं हो सकेगा।
विज्ञापन
कृषि विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस बार अलीगढ़ जिले में गेहूं से ज्यादा आलू का रकबा रहा, लेकिन आलू का दाम नहीं मिलने की वजह से किसान काफी परेशान है। करीब 1.89 लाख हेक्टेयर में गेहूं का रकबा रहा। विभाग इस नुकसान को 20 से 25 फीसदी के बीच देख रहा है जबकि जमीनी स्तर पर हालात इससे कहीं ज्यादा गंभीर दिखे।
विज्ञापन
गोंडा में दूर दूर तक बिछी बालियां
इगलास से गुजरते हुए जब टीम गोंडा पहुंची तो यहां भी किसानों की वैसी स्थिति देखने को मिली। गांव नगला गोवर्धन सिकतरी और उसके आसपास खेतों में करीब 1200 बीघा में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी। इसमें 20 से 30 फीसदी फसल कट भी गई है जिनके बंडल थ्रेसिंग के लिए खेतों में मिले, लेकिन बारिश और ओलावृष्टि ने इनका रंग पीले से काला कर दिया। किसान गुलवीर ने कहा, मेरे पास 80 बीघा में गेहूं है। कल 60 मिनट तक आसमान से सफेद गोले (ओले) गिरे। मैं और मेरा पूरा परिवार प्रार्थना करता रहा लेकिन कुछ नहीं बचा।