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एएमयू को लेकर चुनाव आयोग से राहुल गांधी की शिकायत, 'कांग्रेस के वादे भ्रमित करने वाले'
Thu, 04 Apr 2019 12:03 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 04 Apr 2019 12:03 AM IST
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फाइल फोटो
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व मीडिया सलाहकार डॉ. जसीम मोहम्मद ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की शिकायत चुनाव आयोग से की है। उनका कहना है कि कांग्रेस घोषणा पत्र में एएमयू एवं जामिया मिल्लिया इस्लामिया के अल्पसंख्यक स्वरूप को बनाए रखने का वादा किया गया है।
जबकि इनका मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। डॉ. जसीम मोहम्मद ने प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को लिखे पत्र में कहा है कि एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में कांग्रेस का तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करनी चाहिए।
इस तरह के वादे जनता को भ्रमित करते हैं। इसी आधार पर डॉ. जसीम मोहम्मद ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। डॉ. जसीम का कहना है कि कांग्रेस के कारण ही एएमयू को अल्पसंख्यक स्वरूप के लिए लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
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1981 में एएमयू एक्ट में संशोधन करके एएमयू अमेंडमेंट एक्ट 1981 संसद में पारित किया गया था। उसमें इतनी कमियां छोड़ दी गईं कि एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप पर प्रश्न उठने लगे। वह 2014 तक सत्ता में रही, अगर कांग्रेस की नीयत साफ होती तो अल्पसंख्यक स्वरूप पर संसद में संशोधन एक्ट क्यों नहीं लाई।
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जबकि इनका मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। डॉ. जसीम मोहम्मद ने प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को लिखे पत्र में कहा है कि एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में कांग्रेस का तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करनी चाहिए।
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इस तरह के वादे जनता को भ्रमित करते हैं। इसी आधार पर डॉ. जसीम मोहम्मद ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। डॉ. जसीम का कहना है कि कांग्रेस के कारण ही एएमयू को अल्पसंख्यक स्वरूप के लिए लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
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1981 में एएमयू एक्ट में संशोधन करके एएमयू अमेंडमेंट एक्ट 1981 संसद में पारित किया गया था। उसमें इतनी कमियां छोड़ दी गईं कि एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप पर प्रश्न उठने लगे। वह 2014 तक सत्ता में रही, अगर कांग्रेस की नीयत साफ होती तो अल्पसंख्यक स्वरूप पर संसद में संशोधन एक्ट क्यों नहीं लाई।
भाजपा ने की राहुल पर कार्रवाई की मांग
भाजपा के जिला प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी डॉ. निशित शर्मा ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को खत लिखकर कांग्रेस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने घोषणा पत्र में एएमयू एवं जामिया मिल्लिया इस्लामिया का अल्पसंख्यक स्वरूप बरकरार रखने का वादा किया है।
एएमयू वर्तमान समय में अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय में यह मामला विचाराधीन है। कांग्रेस की घोषणा भ्रमित करने वाला एवं तुष्टिकरण को प्रेरित करने वाला विषय है। उन्होंने आयोग से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
एएमयू के ओबैदुल्लाह ने लिखा था कांग्रेस को पत्र
एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला कांग्रेस घोषणा पत्र में शामिल करने का सुझाव यहां के एमएसडब्ल्यू के छात्र ओबैदुल्लाह ने दिया था। उन्होंने 14 जनवरी 2019 को इंडियन नेशनल कांग्रेस को यह पत्र लिखा था। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की ओर से उनके सुझाव पर धन्यवाद संदेश भी आया था, जिसमें लिखा था कि द इंडियन नेशनल कांग्रेस आपकी आवाज सुनने को प्रतिबद्ध है।
आपका सुझाव बहुमूल्य है। ओबैदुल्लाह ने अल्पसंख्यक स्वरूप के अतिरिक्त एएमयू में नेशनल एकेडमिक चेयर बनाने, शिबली नेशनल पीजी कॉलेज आजमगढ़ को अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा देने और बाटला हाउस एनकाउंटर के पीड़ितों को न्याय दिलाने की घोषणा करने का भी सुझाव दिया था।
एएमयू वर्तमान समय में अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय में यह मामला विचाराधीन है। कांग्रेस की घोषणा भ्रमित करने वाला एवं तुष्टिकरण को प्रेरित करने वाला विषय है। उन्होंने आयोग से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
एएमयू के ओबैदुल्लाह ने लिखा था कांग्रेस को पत्र
एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला कांग्रेस घोषणा पत्र में शामिल करने का सुझाव यहां के एमएसडब्ल्यू के छात्र ओबैदुल्लाह ने दिया था। उन्होंने 14 जनवरी 2019 को इंडियन नेशनल कांग्रेस को यह पत्र लिखा था। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की ओर से उनके सुझाव पर धन्यवाद संदेश भी आया था, जिसमें लिखा था कि द इंडियन नेशनल कांग्रेस आपकी आवाज सुनने को प्रतिबद्ध है।
आपका सुझाव बहुमूल्य है। ओबैदुल्लाह ने अल्पसंख्यक स्वरूप के अतिरिक्त एएमयू में नेशनल एकेडमिक चेयर बनाने, शिबली नेशनल पीजी कॉलेज आजमगढ़ को अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा देने और बाटला हाउस एनकाउंटर के पीड़ितों को न्याय दिलाने की घोषणा करने का भी सुझाव दिया था।