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पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर खरीद में ईओ पर घोटाले के आरोपों को लेकर जांच बैठी
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नगर पंचायत जलाली के अधिशासी अधिकारी (ईओ) पर कोरोना काल में पल्स ऑक्सीमीटर और इन्फ्रारेड थर्मामीटर घोटाले के आरोप लगे हैं। वार्ड-13 के सभासद ज्ञानेंद्र सिंह ने यह आरोप लगाए हैं। इस मामले में शासन के उप सचिव राजेंद्र मणि त्रिपाणी ने डीएम को जांच के आदेश दिए हैं। इससे पहले शासन ने सूबे में सुल्तानपुर और झांसी सहित कई जिलों में खरीद में हुए घोटाले की बात सामने आने के बाद एसआईटी से सितंबर माह में जांच कराई थी। इसमें अलीगढ़ जिले को पहले ही क्लीनचिट मिल चुकी है।
सभासद ज्ञानेंद्र सिंह का आरोप है कि जलाली के अधिशासी अधिकारी ने कोरोना काल में पल्स ऑक्सीमीटर और इन्फ्रारेड थर्मामीटर की खरीद की। प्रत्येक सभासद को दोनों ही उपकरणों में से एक-एक उपलब्ध कराया गया। इसमें इन्फ्रारेड थर्मामीटर पर 5999 रुपये की कीमत अंकित है, जबकि पल्स ऑक्सीमीटर पर मूल्य ही अंकित नहीं है। कई बार ईओ से जानकारी मांगी गई कि उपकरणों को किस दर पर खरीदा गया है। मगर, उनके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई है। सभासद के मुताबिक शासन ने 2800 रुपये में खरीद के लिए आदेश दिए थे। जानकारी छिपाने से अंदेशा है कि ईओ ने उपकरण खरीद में घपला किया है।
इस शिकायत के आधार पर शासन के उप सचिव राजेंद्र मणि त्रिपाणी ने डीएम को जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि कोरोना काल में हो रहे डोर टू डोर सर्वे अभियान में कोविड संदिग्धों की पहचान को पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर खरीद की गई थी। जिले में 800 से अधिक यह उपकरण खरीदे गए। अलीगढ़ जिला प्रशासन ने खुली बोली के माध्यम से एक किट 2800 रुपये में खरीदी थी। अप्रैल माह के अंत में पंचायत विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह जिले में दौरा करने आए थे। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने किट खरीद की कीमत बताई तो वह काफी खुश हुए। इसके आधार पर उन्होंने पूरे प्रदेश में 2800 के करीब ही किट खरीद के निर्देश दिए। मगर, कई जिलों में यह किट नौ-नौ हजार में खरीदी गईं थीं। सुल्तानपुर के डीएम इस मामले में नप गए हैं। डीएम ने बताया कि जलाली ईओ के खिलाफ हुई शिकायत के आधार पर शासन से मिले पत्र के क्रम में जांच कराई जाएगी।
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सभासद ज्ञानेंद्र सिंह का आरोप है कि जलाली के अधिशासी अधिकारी ने कोरोना काल में पल्स ऑक्सीमीटर और इन्फ्रारेड थर्मामीटर की खरीद की। प्रत्येक सभासद को दोनों ही उपकरणों में से एक-एक उपलब्ध कराया गया। इसमें इन्फ्रारेड थर्मामीटर पर 5999 रुपये की कीमत अंकित है, जबकि पल्स ऑक्सीमीटर पर मूल्य ही अंकित नहीं है। कई बार ईओ से जानकारी मांगी गई कि उपकरणों को किस दर पर खरीदा गया है। मगर, उनके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई है। सभासद के मुताबिक शासन ने 2800 रुपये में खरीद के लिए आदेश दिए थे। जानकारी छिपाने से अंदेशा है कि ईओ ने उपकरण खरीद में घपला किया है।
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इस शिकायत के आधार पर शासन के उप सचिव राजेंद्र मणि त्रिपाणी ने डीएम को जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि कोरोना काल में हो रहे डोर टू डोर सर्वे अभियान में कोविड संदिग्धों की पहचान को पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर खरीद की गई थी। जिले में 800 से अधिक यह उपकरण खरीदे गए। अलीगढ़ जिला प्रशासन ने खुली बोली के माध्यम से एक किट 2800 रुपये में खरीदी थी। अप्रैल माह के अंत में पंचायत विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह जिले में दौरा करने आए थे। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने किट खरीद की कीमत बताई तो वह काफी खुश हुए। इसके आधार पर उन्होंने पूरे प्रदेश में 2800 के करीब ही किट खरीद के निर्देश दिए। मगर, कई जिलों में यह किट नौ-नौ हजार में खरीदी गईं थीं। सुल्तानपुर के डीएम इस मामले में नप गए हैं। डीएम ने बताया कि जलाली ईओ के खिलाफ हुई शिकायत के आधार पर शासन से मिले पत्र के क्रम में जांच कराई जाएगी।
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