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थाने में पब्लिक से सीधे मिलेंगे डीएम और एसएसपी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2016 01:32 AM IST
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थाने में पब्लिक से सीधे मिलेंगे डीएम और एसएसपी
- फोटो : महीपाल सिंह
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प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने कहा है कि लोगों में सुरक्षा भाव उत्पन्न करने के लिए डीएम, एसएसपी एक साथ जनता से रूबरू होंगे। दोनों ही अधिकारी थाने में बैठकर पब्लिक की समस्याएं सुनेंगे। शासन ने इस नए फार्मूूूूले को अलीगढ़ से शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा विकास कार्यों की हकीकत जानने को प्रमुख सचिव संबंधित जिलों में निकलेंगे।
मुख्य सचिव मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि सरकार चार सूत्रों पर काम कर रही है। अमन चैन के लिए कानून व्यवस्था कायम रखना है। सड़क बिजली पानी की समस्याओं को उच्च प्राथमिकता से दूर करना है। सरकारी पैसा सही आदमी तक पहुंचाने पर जोर के साथ- साथ 500 रुपये की पेंशन देने में भी 50 रुपये लेने की प्रवृत्ति को खत्म करना है तथा चौथा गुंडागर्दी को बंद कराना है। मुफ्त दवाई, मुफ्त पढ़ाई और मुफ्त सिंचाई ये सरकार का मजबूत एजेंडा है।
सूबे के सबसे बड़े नौकरशाह ने बताया कि सरकार की स्पष्ट नीति है कि यदि किसी ने अमन चैन में खलल डाला तो कड़ी कार्रवाई होगी। वह कोई भी आदमी हो चाहे वह छोटा अथवा बड़ा। मैं प्रमुख सचिवों को उन जिलों में भेज रहा हूं जहां वे कलेक्टर रहे हैं । वे यह पता लगाएंगे कि जिलों में चल क्या रहा है। यदि डीएम-एसएसपी साहब पब्लिक में उतरेंगे और गण्यमान्य लोग एक साथ रहेंगे तो निश्चित रूप से सुरक्षा और अमन चैन बढ़ेगा। हमने अलीगढ़ से यह परंपरा शुरू की है।
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मैंने डीएम और एसएसपी से कहा है कि वह थाने-थाने बैठकर सब लोगों के साथ बातचीत कर लें। आधा घंटा तो खुले में बात करें, और दस-पांच मिनट लोगों को यह भी मौका दें कि वह अलग से अपनी बात कह सकें। हर आदमी डर के मारे सही बात नहीं बताता है। वह तो यह समझता है कि एसएसपी साहब तो आते जाते रहते हैं, थानेदार साहब यहीं रहेंगे। रहना मोहल्ले में ही है। इसलिए डीएम-एसएसपी सभी के साथ संवाद स्थापित करें।
जिले में समस्याओं की ईमानदारी से स्वीकारोक्ति करते हुए कहा कि हमें देखकर हैरानी हुई कि जहां सीएचसी पर छह डाक्टर होने चाहिए वहां एक ही डाक्टर है। एक्सरे मशीन नहीं है। बेचारा गांव वाला क्या करेगा ? मुख्य सचिव ने कहा कि यदि यह पता चल गया कि कोई सरकारी डाक्टर दवा बेच रहा है तो उसकी खैर नहीं। हमें मिलावट की भी सूचनाएं मिल रही हैं। मीडिया से भी निवेदन है कि वह खामियां तो दिखाए, लेकिन अच्छा काम करने वालों को भी प्रोत्साहित करे। समाज में सभी तरह के लोग रहते हैं। हमने अधिकारियों से कहा है कि व्यापारी, किसान और मजदूर किसी को तंग मत करिए। कानून में थोड़ा बहुत ढिलाई भी करनी पड़े तो करिए। आम आदमी को यह अहसास हो कि उसे तंग नहीं किया जा रहा है। समाज की जिम्मेदारी है, कि वह कानून का पालन करे। गोपी चीनी मिल पर गन्ना किसानों के करोड़ों रुपये के बकाया का कोर्ट के आदेश पर भी भुगतान न होने के मामले में उनका कहना था वह प्रकरण को दिखवाएंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सभी गरीबों के राशन कार्ड बन जाएं। रोटी कपड़ा और मकान के लिए उसे रोजगार मिल जाए इसके लिए रोजगार मेले आयोजित करा रहे हैं। योजनाएं तो उत्तर प्रदेश में बहुत चल रही हैं, लेकिन हम उसकी जमीनी हकीकत देखने आए हैं। आज हम पहले दौरे में कोई कार्रवाई करके नहीं जा रहे हैं। अभी सिर्फ मैं कह कर जा रहा हूं। फिर भी काम नहीं किया तो कार्रवाई करूंगा। ईमानदारी पूर्वक कार्य में कोई गलती अधिकारियों से हो जाए जो कोई बुराई नहीं है, नीयत खराब नहीं होनी चाहिए। यदि अधिकारी लोग गरीबों की सेवा नहीं करेंगे तो हो सकता है कि अगले जन्म में वह ही गरीब हो जाएं।
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मुख्य सचिव मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि सरकार चार सूत्रों पर काम कर रही है। अमन चैन के लिए कानून व्यवस्था कायम रखना है। सड़क बिजली पानी की समस्याओं को उच्च प्राथमिकता से दूर करना है। सरकारी पैसा सही आदमी तक पहुंचाने पर जोर के साथ- साथ 500 रुपये की पेंशन देने में भी 50 रुपये लेने की प्रवृत्ति को खत्म करना है तथा चौथा गुंडागर्दी को बंद कराना है। मुफ्त दवाई, मुफ्त पढ़ाई और मुफ्त सिंचाई ये सरकार का मजबूत एजेंडा है।
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सूबे के सबसे बड़े नौकरशाह ने बताया कि सरकार की स्पष्ट नीति है कि यदि किसी ने अमन चैन में खलल डाला तो कड़ी कार्रवाई होगी। वह कोई भी आदमी हो चाहे वह छोटा अथवा बड़ा। मैं प्रमुख सचिवों को उन जिलों में भेज रहा हूं जहां वे कलेक्टर रहे हैं । वे यह पता लगाएंगे कि जिलों में चल क्या रहा है। यदि डीएम-एसएसपी साहब पब्लिक में उतरेंगे और गण्यमान्य लोग एक साथ रहेंगे तो निश्चित रूप से सुरक्षा और अमन चैन बढ़ेगा। हमने अलीगढ़ से यह परंपरा शुरू की है।
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मैंने डीएम और एसएसपी से कहा है कि वह थाने-थाने बैठकर सब लोगों के साथ बातचीत कर लें। आधा घंटा तो खुले में बात करें, और दस-पांच मिनट लोगों को यह भी मौका दें कि वह अलग से अपनी बात कह सकें। हर आदमी डर के मारे सही बात नहीं बताता है। वह तो यह समझता है कि एसएसपी साहब तो आते जाते रहते हैं, थानेदार साहब यहीं रहेंगे। रहना मोहल्ले में ही है। इसलिए डीएम-एसएसपी सभी के साथ संवाद स्थापित करें।
जिले में समस्याओं की ईमानदारी से स्वीकारोक्ति करते हुए कहा कि हमें देखकर हैरानी हुई कि जहां सीएचसी पर छह डाक्टर होने चाहिए वहां एक ही डाक्टर है। एक्सरे मशीन नहीं है। बेचारा गांव वाला क्या करेगा ? मुख्य सचिव ने कहा कि यदि यह पता चल गया कि कोई सरकारी डाक्टर दवा बेच रहा है तो उसकी खैर नहीं। हमें मिलावट की भी सूचनाएं मिल रही हैं। मीडिया से भी निवेदन है कि वह खामियां तो दिखाए, लेकिन अच्छा काम करने वालों को भी प्रोत्साहित करे। समाज में सभी तरह के लोग रहते हैं। हमने अधिकारियों से कहा है कि व्यापारी, किसान और मजदूर किसी को तंग मत करिए। कानून में थोड़ा बहुत ढिलाई भी करनी पड़े तो करिए। आम आदमी को यह अहसास हो कि उसे तंग नहीं किया जा रहा है। समाज की जिम्मेदारी है, कि वह कानून का पालन करे। गोपी चीनी मिल पर गन्ना किसानों के करोड़ों रुपये के बकाया का कोर्ट के आदेश पर भी भुगतान न होने के मामले में उनका कहना था वह प्रकरण को दिखवाएंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सभी गरीबों के राशन कार्ड बन जाएं। रोटी कपड़ा और मकान के लिए उसे रोजगार मिल जाए इसके लिए रोजगार मेले आयोजित करा रहे हैं। योजनाएं तो उत्तर प्रदेश में बहुत चल रही हैं, लेकिन हम उसकी जमीनी हकीकत देखने आए हैं। आज हम पहले दौरे में कोई कार्रवाई करके नहीं जा रहे हैं। अभी सिर्फ मैं कह कर जा रहा हूं। फिर भी काम नहीं किया तो कार्रवाई करूंगा। ईमानदारी पूर्वक कार्य में कोई गलती अधिकारियों से हो जाए जो कोई बुराई नहीं है, नीयत खराब नहीं होनी चाहिए। यदि अधिकारी लोग गरीबों की सेवा नहीं करेंगे तो हो सकता है कि अगले जन्म में वह ही गरीब हो जाएं।