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अलीगढ़ः एएमयू में मौलाना कलीम की गिरफ्तारी पर विरोध मार्च
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एएमयू जामा मस्जिद से बाब ए सैयद तक मार्च निकालते एएमयू छात्र।
- फोटो : CITY OFFICE
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में जुमे की नमाज के बाद विदेशी फंडिंग व धर्मांतरण के मामले में मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शन भी किया। यूनिवर्सिटी की जामा मस्जिद से लेकर बाब-ए-सैयद तक छात्रों ने विरोध मार्च निकाला और मौलाना कलीम सिद्दीकी की रिहाई की मांग की। एएमयू के छात्रों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव है, इसलिए मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है।
एएमयू छात्रों ने योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि केंद्र सरकार जबरन मुस्लिम विद्वानों को परेशान कर रही है। उन्हें अलग-अलग आरोपों में गिरफ्तार किया जा रहा है। छात्रों ने कहा कि असम में निर्दोष मुसलमानों को मारा गया है। असम में जमीन का जो विवाद चल रहा है, वह कोर्ट में विचाराधीन है। असम सरकार ने लोगों ने घरों को तोड़ दिया। इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, उनमें से तीन लोगों को गोली मार दी गई। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के सीने पर गोली मारी गई हैं। असम के रहने वाले छात्र अबू सईद ने बताया कि पहले उमर गौतम को गिरफ्तार किया। अब मौलाना कलीम सिद्दीकी को धर्म परिवर्तन के नाम पर गिरफ्तार किया है। यह राजनीति की जा रही है। महंगाई मुद्दा नहीं है, बल्कि हिंदू-मुसलमान को मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलेगा, नागपुर से नहीं चलेगा।
एएमयू प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि छात्रों ने एसीएम द्वितीय अंजुम बी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मुस्लिम विद्वानों की रिहाई की मांग की गई है।
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लम बुद्धिजीवियों ने सौंपा ज्ञापन
इस्लामी विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के विरोध में अलीगढ़ सिविल सोसाइटी ने राज्यपाल को संबोधित अपर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने मौलाना कलीम की गिरफ्तारी को मुफ्ती जाहिद खान, कांग्रेस नेता इंजी. आगा यूनुस, एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, राहत सुल्तान ने असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए अपनी सुरक्षा एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने मांग की कि मौलाना कलीम सिद्दीकी को तत्काल रिहा किया जाए और उन पर दर्ज सभी मुकदमे वापस हों। साथ ही इसके लिए एटीएस माफी मांगे।
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एएमयू छात्रों ने योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि केंद्र सरकार जबरन मुस्लिम विद्वानों को परेशान कर रही है। उन्हें अलग-अलग आरोपों में गिरफ्तार किया जा रहा है। छात्रों ने कहा कि असम में निर्दोष मुसलमानों को मारा गया है। असम में जमीन का जो विवाद चल रहा है, वह कोर्ट में विचाराधीन है। असम सरकार ने लोगों ने घरों को तोड़ दिया। इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, उनमें से तीन लोगों को गोली मार दी गई। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के सीने पर गोली मारी गई हैं। असम के रहने वाले छात्र अबू सईद ने बताया कि पहले उमर गौतम को गिरफ्तार किया। अब मौलाना कलीम सिद्दीकी को धर्म परिवर्तन के नाम पर गिरफ्तार किया है। यह राजनीति की जा रही है। महंगाई मुद्दा नहीं है, बल्कि हिंदू-मुसलमान को मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलेगा, नागपुर से नहीं चलेगा।
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एएमयू प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि छात्रों ने एसीएम द्वितीय अंजुम बी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मुस्लिम विद्वानों की रिहाई की मांग की गई है।
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लम बुद्धिजीवियों ने सौंपा ज्ञापन
इस्लामी विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के विरोध में अलीगढ़ सिविल सोसाइटी ने राज्यपाल को संबोधित अपर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने मौलाना कलीम की गिरफ्तारी को मुफ्ती जाहिद खान, कांग्रेस नेता इंजी. आगा यूनुस, एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, राहत सुल्तान ने असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए अपनी सुरक्षा एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने मांग की कि मौलाना कलीम सिद्दीकी को तत्काल रिहा किया जाए और उन पर दर्ज सभी मुकदमे वापस हों। साथ ही इसके लिए एटीएस माफी मांगे।