{"_id":"61d5efad106b966e4d3ea64a","slug":"protest-against-the-south-facing-shiva-statue-aligarh-news-ali282405231","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः दक्षिणमुखी शिव प्रतिमा का विरोध जारी, बैठक कर जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः दक्षिणमुखी शिव प्रतिमा का विरोध जारी, बैठक कर जताया रोष
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अचल सरोवर की गुमटी पर स्थापित हो रही दक्षिणमुखी शिव प्रतिमा का विरोध जारी है। अचलेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार को महामंडलेश्वर स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज, महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती व हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडेय के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। जिसमें अधिकारियों की मनमानी, शास्त्रों के विधि विधानों के विपरीत कार्य कराने को लेकर रोष जताया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न प्रबुद्धजनों के साथ अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों ने भी बैठक में प्रतिभाग किया।
बता दें कि अचल सरोवर का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। अचल गुमटी पर दक्षिणमुखी शिव प्रतिमा स्थापित की जा रही है। जो अंतिम चरणों में है। पिछले हफ्ते से साधु-संतों ने सूचना पर विरोध किया और कार्य अवरुद्ध किया था। स्मार्ट सिटी के अधिकारी व निर्माण दायी संस्था के अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय प्रबुद्धजनों के साथ बैठकर ले-आउट तैयार किया गया था। जिसके आधार पर ही निर्माण चल रहा है। बुधवार को एक बार फिर से दक्षिणमुखी प्रतिमा को लेकर संत-महंतों के साथ हिंदूवादी संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है।
अचलेश्वर महादेव मंदिर में बैठक कर चर्चा की गई। जिसमें अधिकांश लोगों की राय थी कि दक्षिणमुखी शिव प्रतिमा शास्त्र सम्मत नहीं है। अचल सरोवर के सौंदर्यीकरण पर कोई सवाल नहीं उठा रहे हैं, लेकिन शिव प्रतिमा का मुख दक्षिण की तरफ होना, यह गलत है। यह आस्था का विषय है। इसीलिए निर्माण से पहले योग्य ब्राह्मणों और संतों से परामर्श लेकर मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए। यहां सभी ने कहा कि शिव प्रतिमा के मुख की दिशा बदलनी चाहिए। नहीं तो इसे सहन नहीं किया जाएगा। इस मौके पर राकेश शर्मा, हरिओम गौड़, अनिल बजाज, कालीचरन, विशेष शर्मा, देवेश गुप्ता, इंद्र गोपाल, पं. विष्णु शास्त्री, आचार्य भरत तिवारी, पं. खजान शास्त्री, विनयनाथ महाराज, ज्ञान प्रकाश गिरी, पं. मनोज मिश्रा, आचार्य रवि शास्त्री, मुरारी लाल शर्मा, मास्टर ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि अचल सरोवर का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। अचल गुमटी पर दक्षिणमुखी शिव प्रतिमा स्थापित की जा रही है। जो अंतिम चरणों में है। पिछले हफ्ते से साधु-संतों ने सूचना पर विरोध किया और कार्य अवरुद्ध किया था। स्मार्ट सिटी के अधिकारी व निर्माण दायी संस्था के अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय प्रबुद्धजनों के साथ बैठकर ले-आउट तैयार किया गया था। जिसके आधार पर ही निर्माण चल रहा है। बुधवार को एक बार फिर से दक्षिणमुखी प्रतिमा को लेकर संत-महंतों के साथ हिंदूवादी संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है।
विज्ञापन
अचलेश्वर महादेव मंदिर में बैठक कर चर्चा की गई। जिसमें अधिकांश लोगों की राय थी कि दक्षिणमुखी शिव प्रतिमा शास्त्र सम्मत नहीं है। अचल सरोवर के सौंदर्यीकरण पर कोई सवाल नहीं उठा रहे हैं, लेकिन शिव प्रतिमा का मुख दक्षिण की तरफ होना, यह गलत है। यह आस्था का विषय है। इसीलिए निर्माण से पहले योग्य ब्राह्मणों और संतों से परामर्श लेकर मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए। यहां सभी ने कहा कि शिव प्रतिमा के मुख की दिशा बदलनी चाहिए। नहीं तो इसे सहन नहीं किया जाएगा। इस मौके पर राकेश शर्मा, हरिओम गौड़, अनिल बजाज, कालीचरन, विशेष शर्मा, देवेश गुप्ता, इंद्र गोपाल, पं. विष्णु शास्त्री, आचार्य भरत तिवारी, पं. खजान शास्त्री, विनयनाथ महाराज, ज्ञान प्रकाश गिरी, पं. मनोज मिश्रा, आचार्य रवि शास्त्री, मुरारी लाल शर्मा, मास्टर ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन