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अलीगढ़ : निजीकरण के विरोध में गरजे कर्मचारी, नारेबाजी की
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राजा महेंद्र प्रताप पार्क में धरना प्रदर्शन करते ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी।
- फोटो : CITY OFFICE
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सरकारी बैंक कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के तहत मंगलवार को जिले की 200 बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। करीब 250 करोड़ के लेनदेन पर असर पड़ा। वहीं, निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से तस्वीर महल चौराहा स्थित राजा महेंद्र प्रताप सिंह पार्क में धरना प्रदर्शन किया। बैंकों में हड़ताल के कारण आम उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण का दुस्साहस इस हद तक बढ़ गया है कि सरकार ने पिछले साढे़ सात दशकों में सार्वजनिक निधियों द्वारा निर्मित सभी ढांचागत संपत्तियों को मुफ्त में निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है। राष्ट्रीय संपति की ऐसी लूट नहीं होने दी जाएगी। निजीकरण की प्रक्रिया दलितों, आदिवासियों और समाज के अन्य दलित वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण के संवैधानिक अधिकार को भी छीन लेगी। इसमें कोई शक नहीं है कि हमारे आंदोलन के सामने चुनौतियां हैं। हम उन चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होकर किसी भी सीमा तक जाने के लिए तैयार हैं। इस दौरान वक्ताओं ने विभिन्न मांगे मानने के लिए सरकार से अनुरोध किया। साथ ही मार्च निकालकर प्रशासनिक अधिकारी को अपना ज्ञापन सौंपा। हड़ताल की वजह से जनपद की 200 शाखाएं पूर्णतया और अंशकालिक रूप से बंद रहीं। बैंकों के लगभग 700 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते तकरीबन 250 करोड़ का लेनदेन भी प्रभावित रहा।
इन संगठनों ने भी दिया समर्थन
- ट्रेड यूनियनों के साझा मंच के तहत कई स्वतंत्र फेडरेशन और संगठनों ने हड़ताल को समर्थन देकर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों की आलोचना की। बैंक बीमा उप्र, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन, असंगठित श्रमिक संगठन, किसान यूनियन, एंप्लाइज यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा, मेडिकल रिप्रजेंटिव्स संगठन, यूपीएम एसआरए, ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज यूनियन, यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन, निर्माण श्रमिक संगठन, एलआईसी कर्मचारी यूनियन, डाक कर्मचारी यूनियन, एक्साइज कर्मचारी यूनियन, एएमयू एंप्लाइज यूनियन आदि ने हड़ताल में सहयोग दिया।
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ये रहे मौजूद
- कामरेड राजकुमार शर्मा, कामरेड वीके शर्मा, डॉ. राकेश सक्सेना, सुनील मल्होत्रा, मो. इदरीश, अरुण पाठक, बलवीर सिंह, ललित शर्मा, सूरजपाल उपाध्याय, रमेश विद्रोही, मो. अमजद, राजपाल शर्मा, शशिकांत, सचिन जैन, कायम सिंह यादव, अभिषेक, जितेंद्र सिंह, अंकित कौड़, प्रमोद उपाध्याय, वीरेंद्र धूसिया, तपन मिश्रा, दीपक वार्ष्णेय, अंतरा अरोरा, नीलम सिंह, शशिकांत, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा, चौधरी नवाब सिंह, रुद्र सिंह, सुभाष शर्मा, योगेश शर्मा, सुरेश चंद्र गांधी, सूरजपाल उपाध्याय, मुकेश सूर्यवंशी, राजकुमार शर्मा, अरुण पाठक, बलवीर सिंह, डॉ. राकेश सक्सेना, सुनील मेहरोत्रा, रमेश चंद्र विद्रोही, रामप्रकाश, ललित शर्मा, अमजद क्रांतिकारी आदि।
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प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण का दुस्साहस इस हद तक बढ़ गया है कि सरकार ने पिछले साढे़ सात दशकों में सार्वजनिक निधियों द्वारा निर्मित सभी ढांचागत संपत्तियों को मुफ्त में निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है। राष्ट्रीय संपति की ऐसी लूट नहीं होने दी जाएगी। निजीकरण की प्रक्रिया दलितों, आदिवासियों और समाज के अन्य दलित वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण के संवैधानिक अधिकार को भी छीन लेगी। इसमें कोई शक नहीं है कि हमारे आंदोलन के सामने चुनौतियां हैं। हम उन चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होकर किसी भी सीमा तक जाने के लिए तैयार हैं। इस दौरान वक्ताओं ने विभिन्न मांगे मानने के लिए सरकार से अनुरोध किया। साथ ही मार्च निकालकर प्रशासनिक अधिकारी को अपना ज्ञापन सौंपा। हड़ताल की वजह से जनपद की 200 शाखाएं पूर्णतया और अंशकालिक रूप से बंद रहीं। बैंकों के लगभग 700 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते तकरीबन 250 करोड़ का लेनदेन भी प्रभावित रहा।
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इन संगठनों ने भी दिया समर्थन
- ट्रेड यूनियनों के साझा मंच के तहत कई स्वतंत्र फेडरेशन और संगठनों ने हड़ताल को समर्थन देकर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों की आलोचना की। बैंक बीमा उप्र, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन, असंगठित श्रमिक संगठन, किसान यूनियन, एंप्लाइज यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा, मेडिकल रिप्रजेंटिव्स संगठन, यूपीएम एसआरए, ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज यूनियन, यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन, निर्माण श्रमिक संगठन, एलआईसी कर्मचारी यूनियन, डाक कर्मचारी यूनियन, एक्साइज कर्मचारी यूनियन, एएमयू एंप्लाइज यूनियन आदि ने हड़ताल में सहयोग दिया।
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- कामरेड राजकुमार शर्मा, कामरेड वीके शर्मा, डॉ. राकेश सक्सेना, सुनील मल्होत्रा, मो. इदरीश, अरुण पाठक, बलवीर सिंह, ललित शर्मा, सूरजपाल उपाध्याय, रमेश विद्रोही, मो. अमजद, राजपाल शर्मा, शशिकांत, सचिन जैन, कायम सिंह यादव, अभिषेक, जितेंद्र सिंह, अंकित कौड़, प्रमोद उपाध्याय, वीरेंद्र धूसिया, तपन मिश्रा, दीपक वार्ष्णेय, अंतरा अरोरा, नीलम सिंह, शशिकांत, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा, चौधरी नवाब सिंह, रुद्र सिंह, सुभाष शर्मा, योगेश शर्मा, सुरेश चंद्र गांधी, सूरजपाल उपाध्याय, मुकेश सूर्यवंशी, राजकुमार शर्मा, अरुण पाठक, बलवीर सिंह, डॉ. राकेश सक्सेना, सुनील मेहरोत्रा, रमेश चंद्र विद्रोही, रामप्रकाश, ललित शर्मा, अमजद क्रांतिकारी आदि।