अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों सहित न्याय पसंद लोगों ने मॉब लिंचिंग के खिलाफ कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस दौरान मॉब लिंचिंग के शिकार झारखंड के तबरेज को इंसाफ देने की मांग की गई।
छात्र नेताओं ने कहा कि आज श्रीराम होते तो अफसोस कर रहे होते। उनके नाम पर लोग नफरत फैला रहे हैं। उनके नाम पर मजहब को बदनाम किया जा रहा है। झारखंड के तबरेज को 18 घंटे खंभे में बांधकर पीटा गया। जयश्री राम के नारे लगाने को कहा गया। मॉब लिंचिंग में प्रशासन के लोग भी शामिल थे। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। छात्र नेताओं ने राष्ट्रपति से इस मामले की न्यायिक जांच कराने और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई है। छात्र नेताओं ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने एवं हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस अवसर पर एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन, अबुल फराह शाजली, अयाज शेरवानी, आरिफ त्यागी आदि मौजूद थे। छात्रों के प्रदर्शन को लेकर एएमयू प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य चौकन्ना थे।