{"_id":"5e499f6b8ebc3ee5f748ea17","slug":"protest-against-caa-aligarh-news-ali2268790151","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाहजमाल में जारी धरना प्रदर्शन में भीड़ और जोश दोनों ही हुआ कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाहजमाल में जारी धरना प्रदर्शन में भीड़ और जोश दोनों ही हुआ कम
विज्ञापन
शाहजमाल ईदगाह पर सीएए व एनआरसी के विरोध में धरने पर बैठी महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजमाल ईदगाह के सामने सीएए और एनआरसी के विरोध में 19 दिन से जारी धरना प्रदर्शन के बीच रविवार का दिन शांतिपूर्ण तरीके से गुजरा। हल्की नारेबाजी हुई, लेकिन भारी विरोध जैसी कोई बात सामने नहीं आई। पिछले दिनों के मुकाबले भीड़ में भी कमी दिखी। महिलाएं ही धरना स्थल पर मौजूद रहीं। उन्होंने दोपहर की नमाज भी वहां पढ़ी। इसके बाद वह शांतिपूर्ण तरीके से बैठी रहीं। शाम को जरूर महिलाओं की तादात बढ़ने पर हल्की नारेबाजी की गई। इधर, सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली शाहीन बाग प्रकरण की सुनवाई पर शाहजमाल की भी निगाहें टिकीं हैं। पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि आज धरना संबंधी कोई फैसला जरूर आएगा।
शाहजमाल में 19 दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे लोग शुरूआत से ‘जब तक शाहीन बाग, तब तक शाहजमाल’ के नारे लगा रहे हैं। पुलिस प्रशासन के सारे हथकंडे प्रदर्शनकारियों को हटाने में फेल हो चुके हैं। शहर मुफ्ती की अपील को दो बार प्रदर्शनकारी ठुकरा चुके हैं। आलम यह रहा है कि लोग सड़क छोड़कर ईदगाह के भीतर धरना देने को तैयार नहीं हैं। इससे शासन स्तर पर जिले की छवि लगातार खराब हो रही है। धरने को लेकर प्रशासन और पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहा है। शाहजमाल धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों में से अब तक 1500 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसका भी अधिक असर प्रदर्शनकारियों पर नहीं पड़ा है।
इन सब विफलताओं के बाद पुलिस प्रशासन के पास सुप्रीम कोर्ट या शासन स्तर से किसी आदेश के मिलने का इंतजार करने का ही रास्ता बचा है। इधर, प्रदर्शनकारियों की निगाहें भी कोर्ट पर ही टिकी हैं। हालांकि, भीतरखाने धरने को लीड कर रहा शिक्षित वर्ग नई रणनीति तैयार करने में भी लगा है, क्योंकि जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं। लोग धरने से दूरी बनाते जा रहा हैं। पुलिस को मिली खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक कुछ एएमयू छात्राएं घर-घर जाकर फिर से लोगों से संपर्क साधने लगी हैं। पुलिस इन छात्राओं की पहचान पता करने में लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजमाल में 19 दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे लोग शुरूआत से ‘जब तक शाहीन बाग, तब तक शाहजमाल’ के नारे लगा रहे हैं। पुलिस प्रशासन के सारे हथकंडे प्रदर्शनकारियों को हटाने में फेल हो चुके हैं। शहर मुफ्ती की अपील को दो बार प्रदर्शनकारी ठुकरा चुके हैं। आलम यह रहा है कि लोग सड़क छोड़कर ईदगाह के भीतर धरना देने को तैयार नहीं हैं। इससे शासन स्तर पर जिले की छवि लगातार खराब हो रही है। धरने को लेकर प्रशासन और पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहा है। शाहजमाल धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों में से अब तक 1500 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसका भी अधिक असर प्रदर्शनकारियों पर नहीं पड़ा है।
विज्ञापन
इन सब विफलताओं के बाद पुलिस प्रशासन के पास सुप्रीम कोर्ट या शासन स्तर से किसी आदेश के मिलने का इंतजार करने का ही रास्ता बचा है। इधर, प्रदर्शनकारियों की निगाहें भी कोर्ट पर ही टिकी हैं। हालांकि, भीतरखाने धरने को लीड कर रहा शिक्षित वर्ग नई रणनीति तैयार करने में भी लगा है, क्योंकि जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं। लोग धरने से दूरी बनाते जा रहा हैं। पुलिस को मिली खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक कुछ एएमयू छात्राएं घर-घर जाकर फिर से लोगों से संपर्क साधने लगी हैं। पुलिस इन छात्राओं की पहचान पता करने में लगा है।

शाहजमाल ईदगाह पर सीएए व एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान तैनात महिला पुलिस।- फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन