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दिन में टिकीं सुप्रीम कोर्ट पर निगाहें, शाम को बढ़ी धरना स्थल पर भीड़
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शाहजमाल में एनआरसी, एनपीआर, सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन करती महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
सीएए, एनपीआर और एनआरसी की मुखालफत में शाहजमाल ईदगाह के सामने 13 दिन से धरने पर बैठे लोगों के बीच सोमवार का दिन असमंजस भरा रहा। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग प्रकरण की सुनवाई पर लोगों की निगाहें टिकी रहीं। मामले में कोई भी फैसला न दिए जाने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, सड़क घेरने और बच्चों को धरनास्थल पर ले जाने को अनुचित बताने वाली कोर्ट की टिप्पणी से जिला पुलिस प्रशासन को बल मिला है। अब अधिकारी इंतजार में हैं कि सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में कोई गाइडलाइन जारी कर दे तो वे उस पर अमल कर धरने को हटवाने की कोशिश करें।
दिनभर रही खामोशी, शाम को भीड़ बढ़ने के बाद नारेबाजी
धरना स्थल पर सोमवार को पिछले दिनों की अपेक्षा कम भीड़ रही। सुबह से लेकर दोपहर तीन बजे तक 200 से 300 महिलाएं और बच्चे ही वहां पर दिखे। वह भी खामोशी से बैठकर सिर्फ एक-दूसरे से बातें करते रहे। मगर, शाम को पांच बजे के बाद वहां भीड़ का जुटना शुरू हुआ। भीड़ जुटने के साथ ही धरने को लीड कर रहीं एएमयू की छात्राओं ने माइक को थाम लिया और नारेबाजी शुरू करा दी। देर रात तक करीब 1500 महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की भीड़ रही।
100 और प्रदर्शनकारियों को नोटिस जारी
जिला प्रशासन की ओर से शाहजमाल में धरने पर बैठे लोगों में से 100 और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। सीआरपीसी की धारा 107/16 के तहत इनको नोटिस जारी कर पूछा गया है कि आखिर क्यों न उन पर कार्रवाई की जाए। जवाब दाखिल करने के लिए इनको एक सप्ताह का समय दिया गया है। अन्य प्रदर्शनकारियों को भी जिला प्रशासन और पुलिस ने रडार पर ले लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 500 लोग पुलिस की रडार पर हैं, जो कि धरना प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को हर दिन घर से बुलाने और उन्हें बहकाने का काम कर रहे हैं। इनमें से कुछ देहली गेट तो कुछ सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के भी हैं।
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नोटिस ने तोड़ी धरना प्रदर्शन की कमर
सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहजमाल में जारी धरना प्रदर्शन की धीरे-धीरे कमर टूट रही है। कुछ लोग इसे जिला पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार जारी हो रहे नोटिस का असर मान रहे हैं। वहीं कुछ का मानना है कि कुछ दिन पहले एएमयू छात्राओं और इलाके की महिलाओं के बीच हुए मनमुटाव के कारण ऐसा हो रहा है। एक ओर यह बात भी सामने आ रही है कि लोग अब धरना प्रदर्शन से उक्ता गए हैं। वह घर चलाने के लिए पैसे कमाने के लिए वापस काम पर लौट गए हैं।
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दिनभर रही खामोशी, शाम को भीड़ बढ़ने के बाद नारेबाजी
धरना स्थल पर सोमवार को पिछले दिनों की अपेक्षा कम भीड़ रही। सुबह से लेकर दोपहर तीन बजे तक 200 से 300 महिलाएं और बच्चे ही वहां पर दिखे। वह भी खामोशी से बैठकर सिर्फ एक-दूसरे से बातें करते रहे। मगर, शाम को पांच बजे के बाद वहां भीड़ का जुटना शुरू हुआ। भीड़ जुटने के साथ ही धरने को लीड कर रहीं एएमयू की छात्राओं ने माइक को थाम लिया और नारेबाजी शुरू करा दी। देर रात तक करीब 1500 महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की भीड़ रही।
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100 और प्रदर्शनकारियों को नोटिस जारी
जिला प्रशासन की ओर से शाहजमाल में धरने पर बैठे लोगों में से 100 और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। सीआरपीसी की धारा 107/16 के तहत इनको नोटिस जारी कर पूछा गया है कि आखिर क्यों न उन पर कार्रवाई की जाए। जवाब दाखिल करने के लिए इनको एक सप्ताह का समय दिया गया है। अन्य प्रदर्शनकारियों को भी जिला प्रशासन और पुलिस ने रडार पर ले लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 500 लोग पुलिस की रडार पर हैं, जो कि धरना प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को हर दिन घर से बुलाने और उन्हें बहकाने का काम कर रहे हैं। इनमें से कुछ देहली गेट तो कुछ सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के भी हैं।
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नोटिस ने तोड़ी धरना प्रदर्शन की कमर
सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहजमाल में जारी धरना प्रदर्शन की धीरे-धीरे कमर टूट रही है। कुछ लोग इसे जिला पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार जारी हो रहे नोटिस का असर मान रहे हैं। वहीं कुछ का मानना है कि कुछ दिन पहले एएमयू छात्राओं और इलाके की महिलाओं के बीच हुए मनमुटाव के कारण ऐसा हो रहा है। एक ओर यह बात भी सामने आ रही है कि लोग अब धरना प्रदर्शन से उक्ता गए हैं। वह घर चलाने के लिए पैसे कमाने के लिए वापस काम पर लौट गए हैं।