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एएमयूः बच्चों को धरने में लाने पर दो एएमयू छात्रों पर मुकदमा
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सीएए और एनआरसी के विरोध में हो रहे धरना प्रदर्शन में नाबालिगों/बच्चों को आगे करना और उनके हाथों में विरोध की तख्तियां थमाने पर एएमयू के दो छात्रों को भारी पड़ गया है। एएमयू के सोशल साइंस विभाग के छात्र नईम अली और मो. आसिफ के खिलाफ बाल कल्याण अधिकारी श्रीकांत ने सिविल लाइंस थाने में बाल कल्याण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
नईम अली और मो. आसिफ व उनके अज्ञात साथियों पर आरोप है कि उन्होंने 20 जनवरी को बाब ए सैयद पर हुए धरना प्रदर्शन में भीड़ बढ़ाने को नाबालिगों/बच्चों को बुलाया था। उनके हाथों में विरोध की तख्तियां थमाकर आगे बैठा दिया था, जबकि बच्चों को धरना प्रदर्शन के बारे में जानकारी नहीं थी। इन आरोपों के तहत सिविल लाइंस पुलिस ने सुसंगत धाराओं मेें दोनों नामजदों सहित अज्ञातों पर मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई को राज्य बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता की ओर से डीजीपी को लिखे पत्र का असर माना जा रहा है।
डा. विशेष गुप्ता ने डीजीपी के संज्ञान में लाया था कि धरना प्रदर्शन में लोग नाबालिगों को लाकर भीड़ बढ़ाने, उनके हाथों में विरोध की तख्तियां थमाने, उनके मासूमियत का गलत फायदा उठाने का काम कर रहे हैं। यह बाल कल्याण अधिनियम के तहत गैर-कानूनी है। ऐेसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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सीओ तृतीय अनिल समानिया ने एएमयू छात्रों पर हुए मुकदमे की पुष्टि करते हुए कहा कि आगे भी चिह्नित करने का काम जारी रहेगा। कोई भी किसी भी प्रकार से कानून तोड़ेगा तो उसे सुसंगत धाराओं में पाबंद किया जाएगा।
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नईम अली और मो. आसिफ व उनके अज्ञात साथियों पर आरोप है कि उन्होंने 20 जनवरी को बाब ए सैयद पर हुए धरना प्रदर्शन में भीड़ बढ़ाने को नाबालिगों/बच्चों को बुलाया था। उनके हाथों में विरोध की तख्तियां थमाकर आगे बैठा दिया था, जबकि बच्चों को धरना प्रदर्शन के बारे में जानकारी नहीं थी। इन आरोपों के तहत सिविल लाइंस पुलिस ने सुसंगत धाराओं मेें दोनों नामजदों सहित अज्ञातों पर मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई को राज्य बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता की ओर से डीजीपी को लिखे पत्र का असर माना जा रहा है।
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डा. विशेष गुप्ता ने डीजीपी के संज्ञान में लाया था कि धरना प्रदर्शन में लोग नाबालिगों को लाकर भीड़ बढ़ाने, उनके हाथों में विरोध की तख्तियां थमाने, उनके मासूमियत का गलत फायदा उठाने का काम कर रहे हैं। यह बाल कल्याण अधिनियम के तहत गैर-कानूनी है। ऐेसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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सीओ तृतीय अनिल समानिया ने एएमयू छात्रों पर हुए मुकदमे की पुष्टि करते हुए कहा कि आगे भी चिह्नित करने का काम जारी रहेगा। कोई भी किसी भी प्रकार से कानून तोड़ेगा तो उसे सुसंगत धाराओं में पाबंद किया जाएगा।