{"_id":"5e49a0ba8ebc3ee5c848b14f","slug":"property-registry-fee-aligarh-news-ali226879184","type":"story","status":"publish","title_hn":"रजिस्ट्री फीस में सरकारी छूट, अधिवक्ता-बिल्डर बोले यह है सफेद झूठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रजिस्ट्री फीस में सरकारी छूट, अधिवक्ता-बिल्डर बोले यह है सफेद झूठ
विज्ञापन
गिरीश राघव। राजस्व अधिवक्ता
- फोटो : CITY OFFICE
सरकार ने प्रापर्टी की रजिस्ट्री फ ीस को दो फ ीसदी से घटाकर एक फ ीसदी कर दिया। यह जानकर आपको राहत महसूस होगी, लेकिन 20 हजार रुपये की अधिकतम फ ीस की सीमा को भी हटा दिया गया है। ऐसे में यह छूट लोगों की जेब पर भारी पड़ेगी। अब लोगों को रजिस्ट्री के लिए फ ीस के नाम पर मोटी रकम अदा करनी पड़ेगी। बिल्डर और अधिवक्ता इस नियम को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि रजिस्ट्री फीस में सरकारी छूट फायदे का सौदा नहीं बल्कि सफेद झूठ की तरह है। राजस्व विभाग के मुताबिक, औसतन प्रतिदिन 80 रजिस्ट्री कराई जाती हैं।
ऐसे पड़ेगा आपकी जेब पर असर
अभी तक प्रापर्टी की कीमत अगर बीस लाख रुपये से अधिक होती थी तो अधिकतम बीस हजार रुपये फ ीस जमाकर रजिस्ट्री कराई जा सकती थी। बीस लाख से कम की प्रापर्टी पर दो फ ीसदी फ ीस लगती थी। अब महंगी प्रापर्टी खरीदने में लोगों को कई बार सोचना होगा। अगर, प्रापर्टी की कीमत 50 लाख रुपये है तो रजिस्ट्री फ ीस के नाम पर 50 हजार रुपये जमा कराने होंगे। जबकि पहले अधिकतम फीस 20 हजार रुपये थी तो उसे 20 हजार रुपये ही चुकाने होते थे।
13 फ रवरी से लागू होगा आदेश
सरकार ने नए नियम को 13 फ रवरी से लागू कर दिया था, लेकिन इसका लिखित आदेश 14 फ रवरी को जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ। एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल के मुताबिक, आदेश है कि ऐसे में जिन लोगों ने 13 फ रवरी को 20 लाख रुपये से अधिक की प्रापर्टी पंजीकृत कराई है उनसे फ ीस की बढ़ी हुई रकम वसूली जाएगी। लोग चाहें तो फ ीस की रकम खुद आकर जमा करा सकते हैं।
विज्ञापन
सरकार के इस नये नियम का विरोध शुरू हो गया है। इस नियम से जनता की जेब पर असर पड़ेगा। पहले से ही लोग पैन कार्ड डिटेल देने से घबरा रहे थे और अब फ ीस के रूप में मोटी रकम देने से भी पीछे हटेंगे। यही कारण है कि जिले में राजस्व का ग्रोथ रेट भी तेजी से गिर रहा है।
गिरीश राघव, राजस्व अधिवक्ता
शहर में कोई भी प्रापर्टी 20 से 25 लाख से कम नहीं है। प्राइम लोकेशन पर 50 लाख से एक करोड़ रुपये आम बात है। ऐसे में लोगों को एक फ ीसदी रजिस्ट्री फ ीस देने के साथ स्टांप शुल्क भी अदा करना होगा। प्रापर्टी खरीदना आसान नहीं रह गया है। सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है।
- अनुराग गुप्ता, बिल्डर
विज्ञापन
ऐसे पड़ेगा आपकी जेब पर असर
अभी तक प्रापर्टी की कीमत अगर बीस लाख रुपये से अधिक होती थी तो अधिकतम बीस हजार रुपये फ ीस जमाकर रजिस्ट्री कराई जा सकती थी। बीस लाख से कम की प्रापर्टी पर दो फ ीसदी फ ीस लगती थी। अब महंगी प्रापर्टी खरीदने में लोगों को कई बार सोचना होगा। अगर, प्रापर्टी की कीमत 50 लाख रुपये है तो रजिस्ट्री फ ीस के नाम पर 50 हजार रुपये जमा कराने होंगे। जबकि पहले अधिकतम फीस 20 हजार रुपये थी तो उसे 20 हजार रुपये ही चुकाने होते थे।
विज्ञापन
13 फ रवरी से लागू होगा आदेश
सरकार ने नए नियम को 13 फ रवरी से लागू कर दिया था, लेकिन इसका लिखित आदेश 14 फ रवरी को जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ। एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल के मुताबिक, आदेश है कि ऐसे में जिन लोगों ने 13 फ रवरी को 20 लाख रुपये से अधिक की प्रापर्टी पंजीकृत कराई है उनसे फ ीस की बढ़ी हुई रकम वसूली जाएगी। लोग चाहें तो फ ीस की रकम खुद आकर जमा करा सकते हैं।
विज्ञापन
सरकार के इस नये नियम का विरोध शुरू हो गया है। इस नियम से जनता की जेब पर असर पड़ेगा। पहले से ही लोग पैन कार्ड डिटेल देने से घबरा रहे थे और अब फ ीस के रूप में मोटी रकम देने से भी पीछे हटेंगे। यही कारण है कि जिले में राजस्व का ग्रोथ रेट भी तेजी से गिर रहा है।
गिरीश राघव, राजस्व अधिवक्ता
शहर में कोई भी प्रापर्टी 20 से 25 लाख से कम नहीं है। प्राइम लोकेशन पर 50 लाख से एक करोड़ रुपये आम बात है। ऐसे में लोगों को एक फ ीसदी रजिस्ट्री फ ीस देने के साथ स्टांप शुल्क भी अदा करना होगा। प्रापर्टी खरीदना आसान नहीं रह गया है। सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है।
- अनुराग गुप्ता, बिल्डर