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निजी अस्पतालों को मरीजों के इलाज का मिलेगा खर्च
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ऑक्सीजन वितरण को लेकर मची किल्लत और तीमारदारों की समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर सहित दो व्हाट्सएप नंबर जारी करने का फैसला लिया है। आज यह नंबर जारी होंगे। साथ ही प्रशासन ने निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि वह सरकारी अस्पतालों में बेड न होने की स्थिति में प्रशासन द्वारा रेफर मरीजों को भर्ती करें। उनके इलाज का खर्च सरकार देगी।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कोविड से ठीक होने के बाद शनिवार देर रात को अधिकारियों संग अपने आवास पर कोविड की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने सीडीओ अंकित खंडेलवाल को निर्देश दिए कि शासन द्वारा जारी नए शासनादेश के अनुसार ही कार्य किया जाए।
ऑक्सीजन वितरण के लिए एक हेल्पलाइन बनाएं, जिसके लिए परियोजना निदेशक ग्रामीण विकास अभिकरण को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। दो व्हाट्सएप नंबर जारी किए जाएं। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज आवश्यकतानुसार आरटीपीसीआर रिपोर्ट, डाक्टर का पर्चा, पल्स रीडिंग एवं ऑक्सीजन सैचुरेशन की रिपोर्ट या फोटो व आधार कार्ड हेल्पलाइन नंबर पर व्हाट्सएप करेंगे, सिटी मजिस्ट्रेट वरीयता के आधार पर उनको ऑक्सीजन उपलब्ध कराएंगे।
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सिटी मजिस्ट्रेट को ऑक्सीजन से संबंधित समस्त कार्य के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया। दवाओं का वितरण उपलब्धता एवं होम डिलीवरी के लिए एडीएम वित्त विधान जायसवाल को नोडल अधिकारी बनाया गया।
सैनिटाइजेशन के संबंध में शहरी/नगरीय क्षेत्रों में सहायक नगर आयुक्त/संबंधित अधिशासी अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायती राज अधिकारी नोडल अधिकारी रहेंगे। निजी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता के संबंध में एडीएम सिटी को नोडल अधिकारी नामित किया गया।
निगरानी समिति के लिए एडीएम प्रशासन को नोडल अधिकारी नामित किया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि कोविड-19 से होने वाली अज्ञात मरीजों की मृत्यु के अंतिम संस्कार के लिए शहरी क्षेत्रों में नगर निगम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायती राज अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि जनपद में कोई भी अस्पताल कोविड-19 से संक्रमित मरीज को बेड की उपलब्धता के सापेक्ष भर्ती किए जाने से मना नहीं करेगा।
राजकीय/सरकारी चिकित्सालयों में बेड की उपलब्धता न होने पर कोविड-19 का उपचार करने वाले निजी चिकित्सालयों को सरकार उपचार का भुगतान करेगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रीनिंग को लेकर निर्देश दिए कि निगरानी समिति के द्वारा आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में सर्दी, खांसी, बुखार वाले मरीजों की स्क्त्रस्ीनिंग कर डाटा को फीड करेंगी। कोरोना कंट्रोल रूम में दो बड़े टीवी लगवाए जाएंगे, उनसे सभी निजी कोविड चिकित्सालयों को ऑनलाइन जोड़ा जाएगा, जिससे की वहां मरीजों को दी जा रहीं सुविधाओं को देखा जा सके।
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जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कोविड से ठीक होने के बाद शनिवार देर रात को अधिकारियों संग अपने आवास पर कोविड की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने सीडीओ अंकित खंडेलवाल को निर्देश दिए कि शासन द्वारा जारी नए शासनादेश के अनुसार ही कार्य किया जाए।
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ऑक्सीजन वितरण के लिए एक हेल्पलाइन बनाएं, जिसके लिए परियोजना निदेशक ग्रामीण विकास अभिकरण को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। दो व्हाट्सएप नंबर जारी किए जाएं। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज आवश्यकतानुसार आरटीपीसीआर रिपोर्ट, डाक्टर का पर्चा, पल्स रीडिंग एवं ऑक्सीजन सैचुरेशन की रिपोर्ट या फोटो व आधार कार्ड हेल्पलाइन नंबर पर व्हाट्सएप करेंगे, सिटी मजिस्ट्रेट वरीयता के आधार पर उनको ऑक्सीजन उपलब्ध कराएंगे।
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सिटी मजिस्ट्रेट को ऑक्सीजन से संबंधित समस्त कार्य के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया। दवाओं का वितरण उपलब्धता एवं होम डिलीवरी के लिए एडीएम वित्त विधान जायसवाल को नोडल अधिकारी बनाया गया।
सैनिटाइजेशन के संबंध में शहरी/नगरीय क्षेत्रों में सहायक नगर आयुक्त/संबंधित अधिशासी अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायती राज अधिकारी नोडल अधिकारी रहेंगे। निजी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता के संबंध में एडीएम सिटी को नोडल अधिकारी नामित किया गया।
निगरानी समिति के लिए एडीएम प्रशासन को नोडल अधिकारी नामित किया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि कोविड-19 से होने वाली अज्ञात मरीजों की मृत्यु के अंतिम संस्कार के लिए शहरी क्षेत्रों में नगर निगम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायती राज अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि जनपद में कोई भी अस्पताल कोविड-19 से संक्रमित मरीज को बेड की उपलब्धता के सापेक्ष भर्ती किए जाने से मना नहीं करेगा।
राजकीय/सरकारी चिकित्सालयों में बेड की उपलब्धता न होने पर कोविड-19 का उपचार करने वाले निजी चिकित्सालयों को सरकार उपचार का भुगतान करेगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रीनिंग को लेकर निर्देश दिए कि निगरानी समिति के द्वारा आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में सर्दी, खांसी, बुखार वाले मरीजों की स्क्त्रस्ीनिंग कर डाटा को फीड करेंगी। कोरोना कंट्रोल रूम में दो बड़े टीवी लगवाए जाएंगे, उनसे सभी निजी कोविड चिकित्सालयों को ऑनलाइन जोड़ा जाएगा, जिससे की वहां मरीजों को दी जा रहीं सुविधाओं को देखा जा सके।