बदलाव: अब निजी कंपनी करेगी बिजली बिल वसूली, हटाए जाएंगे टीजी-2 कर्मचारी, संभालेंगे एसएसओ की जिम्मेदारी
इस फैसले से बिजली विभाग के कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कर्मचारी यूनियनों ने इस कदम को बिजली विभाग के निजीकरण की दिशा में एक और कदम बताते हुए इसका विरोध करने की बात कही है।
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अलीगढ़ जिले में बिजली बिल वसूली की जिम्मेदारी अब निजी कंपनी को सौंपने का फैसला लिया गया है। ऐसे में बिजली घरों से कैशियर और तकनीकी ग्रेड-2 (टीजी-2) कर्मचारियों को हटाया जाएगा। इन कर्मचारियों को बिजली घर पर एसएसओ का कार्य सौंपा जाएगा।
जिले में वर्तमान में करीब 216 टीजी-2 कर्मचारी बिजली घरों पर बिल वसूली का कार्य कर रहे हैं। टेक्निकल होने के बावजूद इन्हें कैशियर या बिजली घर पर जेई या एक्सईएन के साथ लगाया गया है। इस पर चेयरमैन ने नाराजगी जाहिर करते हुए इन कर्मचारियों को हटा कर तकनीकी कार्य सौंपने का निर्देश दिया है। ऐसे में अभियंताओं ने बिजली घर पर एसएसओ का प्रस्ताव रखा। निजी कंपनी को बिल वसूली का जिम्मा सौंपने का उद्देश्य राजस्व वसूली में सुधार, बकायेदारों पर सख्ती और बिजली चोरी पर अंकुश लगाना बताया जा रहा है।
इस फैसले से बिजली विभाग के कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कर्मचारी यूनियनों ने इस कदम को बिजली विभाग के निजीकरण की दिशा में एक और कदम बताते हुए इसका विरोध करने की बात कही है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि बिल वसूली जैसे महत्वपूर्ण कार्य को निजी हाथों में सौंपने से उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो सकती है, क्योंकि निजी कंपनियां लाभ के लिए सख्त रवैया अपना सकती हैं।
निजी कंपनी को बिल वसूली की जिम्मेदारी सौंपने से राजस्व वसूली में सुधार होगा। बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। एसएसओ के पद पर टेक्निकल कर्मचारी होने से करंट से होने वाले हादसों में कमी आएगी। - पंकज अग्रवाल, मुख्य अभियंता
उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर
निजी कंपनी के बिल वसूली की जिम्मेदारी लेने से उपभोक्ताओं को डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं पर अधिक जोर देना पड़ सकता है। बिजली घरों पर कैशियर के हटने से अब उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल एप या निजी कंपनी के काउंटर का सहारा लेना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।