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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Private bus in the city closed from 8 pm on Thursday night.

गुरुवार रात आठ बजे से शहर में प्राइवेट बस बंद

Fri, 07 Sep 2018 12:46 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Fri, 07 Sep 2018 12:46 AM IST
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Private bus in the city closed from 8 pm on Thursday night.
आईएसबीटी आगरा पर खड़ी इलेक्ट्रिक बस - फोटो : अमर उजाला
आगरा हाइवे स्थित मडराक टोल प्लाजा के निकट मंगलवार को हुए भीषण हादसे के बाद प्रशासन ने यातायात नियमों को ताक पर रखकर अधाधुंध भागती प्राइवेट बसों पर नकेल कस दी है। डीएम ने गुरुवार रात आठ बजे से प्राइवेट बसों के महानगर में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। उन्होंने बस आपरेटरों को महानगर के बाहर जमीन लेने और वही से बसों का संचालन करने को कहा है। इस आदेश में स्कूली वाहनों को छूट दी गई है।
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कलक्ट्रेट में एसएसपी अजय कुमार साहनी की मौजूदगी में पुलिस, परिवहन एवं बस यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक लेते हुए डीएम चंद्रभूषण सिंह ने स्पष्ट कहा कि सभी प्राइवेट बसों की फिटनेस, परमिट एवं बीमा समेत अन्य आवश्यक कागजात चेक किये जाए। कोई भी प्राइवेट बस शहर के अंदर नहीं घुसनी चाहिए। जो भी बस प्रतिबंध का उल्लंघन करती पायी जाएगी, उसे सीज कर दिया जाएगा।
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उन्होंने आरटीओ को प्राइवेट बसों के महानगर के अंदर चलने के परमिट रद्द किये जाने के आदेश दिये। डीएम ने स्पष्ट कहा कि बिना परमिट या फिटनेस के कोई भी प्राइवेट वाहन चलता नजर आया तो आरटीओ और एआरटीओ की जिम्मेदारी होगी। यही नहीं उन्होंने रोडवेज बसों के शहर में सड़क पर खड़े होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया।
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इसे लागू करने की जिम्मेदारी आरटीओ व एआरटीओ को दी। एसपी ट्रैफिक को निर्देश दिये कि कोई भी बस अथवा ट्रक शहर में खड़ा दिखाई दे तो उसे जब्त कर नुमाइश ग्राउंड में खड़ा करवाएं। आरएम रोडवेज को सारसौल चौराहे के बस अड्डे को शुरू कराने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

नगर निगम को प्रस्ताव पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। मौके पर मौजूद बस संचालकों ने डीएम से दो घंटे की मोहलत मांगी। इसे स्वीकार करते हुए गुुरुवार रात आठ बजे से प्रतिबंध लगाने पर सहमति बनी। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने स्वीकार किया कि गुरुवार रात आठ बजे से प्राइवेट बसों के शहर के अंदर प्रवेश पर प्रतिबंध लागू कर दिया है। 

बस आपरेटरों की हड़ताल से निपटने को बैकअप व्यवस्था 
 महानगर में प्राइवेट बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध के बाद बस आपरेटरों की संभावित हड़ताल के मद्देनजर प्रशासन ने बैकअप व्यवस्था की है। डीएम ने आरएम रोडवेज को 50 बसों की बैकअप व्यवस्था रखने के निर्देश दिये हैं। 

बस हमने बंद कीं, अब कहां से चलाएं:सुधीश सिंह
जिलाधिकारी द्वारा दिए गए आदेश को स्वीकारते हुए जिला बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष सुधीश कुमार सिंह ने कहा है कि हमें यह आदेश मिल गया है। इस आदेश के मिलते ही गुरुवार रात 8 बजे से शहरी सीमा में सभी बसें सभी रूटों की यूनियनों से वार्ता के बाद बंद करा दी गई हैं। रहा सवाल कि अब बस कहां से चलेंगी, इस सवाल का जवाब खुद हमारे पास नहीं हैं। अभी यह तय नहीं है कि अचानक कहां से बस चलाएं। अब बस कब तक नहीं चलेंगी। इस विषय में भी कोई स्पष्ट निर्णय नहीं हैं। जिला प्रशासन तय करके दे कि बस कहां से चलाएं, वहीं से चलाना शुरू कर देंगे।


कहीं वर्ष 2011 के प्रतिबंध जैसा हाल न हो जाए 
प्राइवेट बसों पर महानगर में प्रवेश पर प्रतिबंध पहली बार नहीं लगा है। वर्ष 2011 में भी तत्कालीन डीएम ने प्रतिबंध लागू किया था। लेकिन उसके बाद बस आपरेटरों की करीब एक सप्ताह तक चली हड़ताल ने प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया। इसका बड़ा कारण निजी बस आपरेटरों द्वारा ग्रामीण ट्रांसपोर्टेशन के विकल्प न छोड़ना रहा। बताते चलें कि महानगर के ग्रामीण इलाकों में रोडवेज बसों की सुविधा नाममात्र की है। वहां निजी बसों के जरिये ही आवागमन होता है। रोजाना हजारों किसान, छात्र, अधिवक्ता यहां तक कि सरकारी एवं निजी कर्मचारी इन्हीं बसों के जरिये महानगर आते जाते हैं। प्राइवेट बस नहीं होंगी तो ग्रामीण यातायात व्यवस्था का विकलांग होना तय है। दूसरी ओर यह तथ्य भी गौर करने योग्य है कि प्राइवेट बस आपरेटरों पर कई वरिष्ठों का वरदहस्त भी है। इनसे निपटना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर ही साबित होगी। 
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