बंदी ने शिक्षा से जेल में बदली जीवन की धारा
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2005 से पहले जवां के गांव नगौला के रहने वाले राजा राम पुत्र बासुदेव की जिंदगी में सब कुछ सही चल रहा था। सन 2005 में राजा राम पर हत्या और लूट का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद राजा राम 13 अप्रैल 2005 से 7 जून 2006 तक जेल में रहा। बाद में जमानत पर रिहा हो गया। इसके बाद 1 अक्तूबर 2013 को इसी मामले में राजा राम को सजा हुई। तब से वह लगातार जेल में है। यूं तो जेल की दीवारें हौसले को कमजोर कर देती हैं, लेकिन राजा राम ने अपने जिंदगी में हुए पिछले घटनाक्रम को दरकिनार करते हुए जिला कारागार में संचालित हो रहे इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) को अपने जीवन को संवारने का माध्यम बनाया।
इस समय राजा राम की उम्र तकरीबन 58 वर्ष के आसपास है। उसने जेल में आने से पहले सिर्फ बरौली इंटर कालेज से कक्षा 12 की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। अब वह जिला कारागार के इग्नू केंद्र से 17 कोर्स पूरे कर चुका है और 5 कोर्स के लिए प्रक्रिया चल रही है। यह अपने आप में एक उपलब्धि है। जिला कारागार में किसी भी बंदी ने इतने कोर्स नहीं किए हैं। इसी के चलते अब राजा राम का नाम लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स के लिए भेजने की तैयारी हो रही है। राजा राम अपनी सफलता का श्रेय कारागार के अधिकारियों को देता है। उसके परिवार में पांच बेटी और एक बेटा है।
यह कोर्स किए हैं राजा राम ने
- बैचलर प्रोपर्टी प्रोग्राम (बीपीपी)
- डीटीएस (डिप्लोमा इन टूरिज्म स्टडी)
- डिप्लोमा इन पैरालीगल प्रैक्टिस (डीआईपीपी)
- सर्टिफिकेट इन डिसएस्टर मैनेजमेंट (सीडीएम)
- सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन एनजीओ मैनेजमेंट (सीएनएम)
- सर्टिफिकेट इन एचआईवी इन फैमिली एजूकेशन (सीएएफई)
- सर्टिफिकेट इन फूड एंड न्यूट्रिशन (सीएफएन)
- सर्टिफिकेट इन ह्यूमैन राइट्स (सीएचआर)
- सर्टिफिकेट इन ह्यूमैन ट्रैफिकिंग (सीएएचटी)
- सर्टिफिकेट इन गाइडेंस (सीएचजी)
- सर्टिफिकेट इन टूरिज्म स्टडी (सीटीएस)
- सर्टिफिकेट इन कोओपरेशन ला एंड बिजनेस लॉ (सीसीएलबीएल)
- सर्टिफिकेट इन एनवायन्मेंट स्टडी (सीडीएस)
- सर्टिफिकेट इन न्यूट्रिशन एंड चाइल्ड केयर (सीएनसीसी)
- सर्टिफिकेट इन हेल्थ केयर वेस्ट मैनेजमेंट (सीएचसीडब्ल्यूएम)
- डिप्लोमा इन एचआईवी एंड फैमिली एजूकेशन(डीएएफई)
- आलोक सिंह, जेल अधीक्षक
जेल में जब इग्नू का केंद्र शुरू हुआ तो राजा राम की रुचि देखकर जिला कारागार प्रशासन ने पढ़ाई शुरू कराई। इसके अच्छे नतीजे निकले। पहले जेल में पढ़ाता था। अब जेल की लाइब्रेरी यही संभालता है। इग्नू के केंद्र में 1400 बंदी पंजीकृत हैं।