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अभी और रास्ते तय करने हैं, यह केवल एक पड़ाव : शादाब
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मोहम्मद शादाब।
- फोटो : CITY OFFICE
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता मोहम्मद शादाब ने कहा कि अभी उन्हें सफलता के और भी रास्ते तय करने हैं। यह केवल एक पड़ाव है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मिंटो सर्किल स्कूल में 11वीं के छात्र शादाब सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिला सूचना विज्ञान केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वर्चुअली रूबरू थे। अलीगढ़ के जमालपुर निवासी शादाब को अमेरिका में भारतीय संस्कृति व महत्व के प्रचार-प्रसार के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया गया है।
माता-पिता व एएमयू से मिलती है प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बात यूं शुरू की, आइए हम यूपी चलते हैं, यूपी के अलीगढ़ के रहने वाले मोहम्मद शादाब के पास। इनसे बात करते हैं, जैसा इनके बार में बताया गया है कि शादाब ने अमेरिका में भारत का झंडा गाड़ा है। पीएम मोदी ने शादाब से पूछा कि अच्छे काम करने की प्रेरणा कहां से मिलती है, तो शादाब ने बताया कि मुझे अच्छा काम करने की प्रेरणा अपने माता-पिता और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से मिलती है। शादाब ने कहा, मैं देश का नाम रोशन करना चाहता हूं। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने देश को मिसाइल दी है, जिससे देश शक्तिशाली हुआ है। मेरे माता-पिता भी कहते हैं कि देश के लिए ऐसा कुछ करो कि लोग आपको याद रखें।
संयुक्त राष्ट्र संघ में तिरंगा लहराने का सपना
प्रधानमंत्री मोदी ने पूछा कि भविष्य के बारे में क्या सोचा है। शादाब ने कहा, मेरा सपना है कि बड़े होकर आईएएस अधिकारी बनकर समाज की सेवा करूं। मैं यही नहीं रुकना चाहता, बल्कि संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकारों पर काम करना चाहता हूं। संयुक्त राष्ट्र संघ में देश का झंडा लहराने का सपना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शादाब देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इससे नए भारत की पहचान और मजबूत होगी और यह जिम्मेदारी हमारे देश के नौजवानों पर है।
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पीएम की नसीहतों पर जिंदगी भर करेंगे अमल
मोहम्मद शादाब ने बताया कि प्रधानमंत्री से बात करके उन्हें बहुत खुशी हुई है। पीएम ने जो कुछ भी कहा है, नसीहतें दी हैं, उस पर जिंदगी भर अमल करने के पूरे प्रयास करूंगा। शादाब ने कहा कि मुझे यहीं रुकना नहीं, बल्कि चलते जाना है और देश का नाम रोशन करना है। प्रधानमंत्री ने आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।
शादाब की मां बोलीं, पीएम ने की बहुत अच्छी बातें
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता शादाब के साथ मां जरीना बेगम भी पीएम मोदी का संबोधन सुनने जिला सूचना विज्ञान केंद्र पहुंचीं, जहां डीएम चंद्रभूषण सिंह व सीडीओ अनुनय झा ने मां-बेटे का गुलदस्ता भेंट करके स्वागत किया। मां जरीना बेगम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बहुत अच्छी बातें कहीं। बेटे को हमेशा सच बोलने और सच की राह पर चलने के लिए प्रेरित किया। पीएम ने सभी बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि हिम्मत न हारे को कोई काम मुश्किल नहीं हैं, जीवन में कठिनाइयां आती हैं, कोई भी काम बिना मुश्किल के आसान नहीं होता।
डीएम और प्रिंसिपल ने दी बधाई
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने मोहम्मद शादाब की प्रशंसा करते हुए कहा कि शादाब से पीएम मोदी का बात करना सबके लिए एक दुर्लभ क्षण है। एएमयू के मिंटो सर्किल स्कूल के प्रिंसिपल फैसल नफीस ने छात्र शादाब की उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। दीनियात के शिक्षक सैयद अतीकुर्रहमान ने भी शादाब को बधाई दी है।
अमेरिकी सरकार ने शादाब को दी थी 20 लाख रुपये की छात्रवृत्ति
जमालपुर निवासी मोटर मैकेनिक अरशद नूर के बेटे मोहम्मद शादाब ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल, अमेरिका में पढ़ाई की थी। 97.6 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल टॉप किया था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मिंटो सर्किल से कक्षा नौ की पढ़ाई करके शादाब ने स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में दाखिला लिया था। स्कॉलरशिप में 28 हजार अमेरिकी डालर, जो भारतीय मुद्रा में करीब 20 लाख रुपये मिले थे। स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक करीब 500 बच्चे पढ़ते थे। शादाब ने बताया कि फरवरी 2020 में उसे स्कूल में स्टूडेंट ऑफ द मंथ चुना गया था। शादाब ने कहा कि उनकी अम्मी जरीना बेगम व अब्बू अरशद नूर पढ़े-लिखे नहीं हैं, जबकि बड़े भाई समद नूर ने बीसीए की पढ़ाई कर चुके है। छोटी बहन अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज में पढ़ रही है।
एक साल की मेहनत के बाद मिली थी सफलता
शादाब को अमेरिकी सरकार की स्कॉलरशिप एक साल की मेहनत के बाद मिली थी, जब वह कक्षा नौ में पढ़ रहा था, तब उसका चयन ऑल इंडिया एक्सेस प्री इंग्लिश कैंप मुंबई के लिए हुआ था। कैंप में अमेरिकन ट्रेनर टॉम ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी दी।
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माता-पिता व एएमयू से मिलती है प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बात यूं शुरू की, आइए हम यूपी चलते हैं, यूपी के अलीगढ़ के रहने वाले मोहम्मद शादाब के पास। इनसे बात करते हैं, जैसा इनके बार में बताया गया है कि शादाब ने अमेरिका में भारत का झंडा गाड़ा है। पीएम मोदी ने शादाब से पूछा कि अच्छे काम करने की प्रेरणा कहां से मिलती है, तो शादाब ने बताया कि मुझे अच्छा काम करने की प्रेरणा अपने माता-पिता और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से मिलती है। शादाब ने कहा, मैं देश का नाम रोशन करना चाहता हूं। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने देश को मिसाइल दी है, जिससे देश शक्तिशाली हुआ है। मेरे माता-पिता भी कहते हैं कि देश के लिए ऐसा कुछ करो कि लोग आपको याद रखें।
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संयुक्त राष्ट्र संघ में तिरंगा लहराने का सपना
प्रधानमंत्री मोदी ने पूछा कि भविष्य के बारे में क्या सोचा है। शादाब ने कहा, मेरा सपना है कि बड़े होकर आईएएस अधिकारी बनकर समाज की सेवा करूं। मैं यही नहीं रुकना चाहता, बल्कि संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकारों पर काम करना चाहता हूं। संयुक्त राष्ट्र संघ में देश का झंडा लहराने का सपना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शादाब देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इससे नए भारत की पहचान और मजबूत होगी और यह जिम्मेदारी हमारे देश के नौजवानों पर है।
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पीएम की नसीहतों पर जिंदगी भर करेंगे अमल
मोहम्मद शादाब ने बताया कि प्रधानमंत्री से बात करके उन्हें बहुत खुशी हुई है। पीएम ने जो कुछ भी कहा है, नसीहतें दी हैं, उस पर जिंदगी भर अमल करने के पूरे प्रयास करूंगा। शादाब ने कहा कि मुझे यहीं रुकना नहीं, बल्कि चलते जाना है और देश का नाम रोशन करना है। प्रधानमंत्री ने आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।
शादाब की मां बोलीं, पीएम ने की बहुत अच्छी बातें
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता शादाब के साथ मां जरीना बेगम भी पीएम मोदी का संबोधन सुनने जिला सूचना विज्ञान केंद्र पहुंचीं, जहां डीएम चंद्रभूषण सिंह व सीडीओ अनुनय झा ने मां-बेटे का गुलदस्ता भेंट करके स्वागत किया। मां जरीना बेगम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बहुत अच्छी बातें कहीं। बेटे को हमेशा सच बोलने और सच की राह पर चलने के लिए प्रेरित किया। पीएम ने सभी बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि हिम्मत न हारे को कोई काम मुश्किल नहीं हैं, जीवन में कठिनाइयां आती हैं, कोई भी काम बिना मुश्किल के आसान नहीं होता।
डीएम और प्रिंसिपल ने दी बधाई
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने मोहम्मद शादाब की प्रशंसा करते हुए कहा कि शादाब से पीएम मोदी का बात करना सबके लिए एक दुर्लभ क्षण है। एएमयू के मिंटो सर्किल स्कूल के प्रिंसिपल फैसल नफीस ने छात्र शादाब की उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। दीनियात के शिक्षक सैयद अतीकुर्रहमान ने भी शादाब को बधाई दी है।
अमेरिकी सरकार ने शादाब को दी थी 20 लाख रुपये की छात्रवृत्ति
जमालपुर निवासी मोटर मैकेनिक अरशद नूर के बेटे मोहम्मद शादाब ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल, अमेरिका में पढ़ाई की थी। 97.6 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल टॉप किया था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मिंटो सर्किल से कक्षा नौ की पढ़ाई करके शादाब ने स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में दाखिला लिया था। स्कॉलरशिप में 28 हजार अमेरिकी डालर, जो भारतीय मुद्रा में करीब 20 लाख रुपये मिले थे। स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक करीब 500 बच्चे पढ़ते थे। शादाब ने बताया कि फरवरी 2020 में उसे स्कूल में स्टूडेंट ऑफ द मंथ चुना गया था। शादाब ने कहा कि उनकी अम्मी जरीना बेगम व अब्बू अरशद नूर पढ़े-लिखे नहीं हैं, जबकि बड़े भाई समद नूर ने बीसीए की पढ़ाई कर चुके है। छोटी बहन अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज में पढ़ रही है।
एक साल की मेहनत के बाद मिली थी सफलता
शादाब को अमेरिकी सरकार की स्कॉलरशिप एक साल की मेहनत के बाद मिली थी, जब वह कक्षा नौ में पढ़ रहा था, तब उसका चयन ऑल इंडिया एक्सेस प्री इंग्लिश कैंप मुंबई के लिए हुआ था। कैंप में अमेरिकन ट्रेनर टॉम ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी दी।