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अलीगढ़ : गर्भवती महिलाओं को ऑपरेशन के लिए नहीं आना होगा शहर
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अमर उजाला में प्रकाशित खबर।
- फोटो : CITY OFFICE
अतरौली तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों की गर्भवती महिलाओं को ऑपरेशन के लिए अब शहर नहीं जाना पड़ेगा। 100 शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती हो गई है। इसके अलावा, नेत्र रोगों से संबंधित उपचार एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। अमर उजाला ने तीन फरवरी के अंक में ‘बिना चिकित्सक अतरौली का 100 शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय’ की खबर प्रकाशित की थी। इस खबर का असर यह हुआ कि अस्पताल में डॉक्टरों व स्टाफ की तैनाती की गई। साथ ही दवाएं भी उपलब्ध करा दी गई हैं।
सीएमएस डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि शासन ने नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनामिका दोहरे एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रॉशुता सहगल की तैनाती कर दी है। एमडी फिजिशियन डॉ. कुशलपाल मंगलवार एवं शुक्रवार को यहां मरीजों को देखेंगे। मरीजों को हृदय रोग, मधुमेह सहित अन्य जटिल बीमारियों की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव जैन बुधवार एवं शनिवार को बच्चों के उपचार के लिए उपलब्ध रहेंगे। डॉ. कुशलपाल एवं डॉ. वैभव जैन को यहां संबद्ध किया गया है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनामिका मरीजों को देख रही हैं, जबकि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रॉशुंता मंगलवार से काम शुरू करेंगी। ऑप्टोमेट्रिस्ट एवं लैब टेक्नीशियन भी आ गए हैं। प्रसव से संबंधित कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। दवा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई है।
ये वर्तमान है स्थिति
100 शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय में महिला एवं पुरुष इकाई में 25 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। लेकिन यहां सीएमएस को छोड़कर एक भी डॉक्टर तैनात नहीं थे। तीन संबद्ध चिकित्सकों में एक दांत एवं दूसरे आंख के थे। तीसरे एमओ हैं। इमरजेंसी तो नाम की है। वह भी दो बजे बंद हो जाती है। वार्ड में क्षमता के 15 प्रतिशत या उससे कम मरीज भर्ती होते हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव में यहां प्रसव नर्सों के भरोसे हैं। 14 वेंटिलेटर हैं लेकिन संचालित करने वाले विशेषज्ञ नहीं हैं। ऑक्सीजन प्लांट का भी इस्तेमाल नहीं होता है।
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सीएमएस डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि शासन ने नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनामिका दोहरे एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रॉशुता सहगल की तैनाती कर दी है। एमडी फिजिशियन डॉ. कुशलपाल मंगलवार एवं शुक्रवार को यहां मरीजों को देखेंगे। मरीजों को हृदय रोग, मधुमेह सहित अन्य जटिल बीमारियों की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव जैन बुधवार एवं शनिवार को बच्चों के उपचार के लिए उपलब्ध रहेंगे। डॉ. कुशलपाल एवं डॉ. वैभव जैन को यहां संबद्ध किया गया है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनामिका मरीजों को देख रही हैं, जबकि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रॉशुंता मंगलवार से काम शुरू करेंगी। ऑप्टोमेट्रिस्ट एवं लैब टेक्नीशियन भी आ गए हैं। प्रसव से संबंधित कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। दवा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई है।
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ये वर्तमान है स्थिति
100 शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय में महिला एवं पुरुष इकाई में 25 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। लेकिन यहां सीएमएस को छोड़कर एक भी डॉक्टर तैनात नहीं थे। तीन संबद्ध चिकित्सकों में एक दांत एवं दूसरे आंख के थे। तीसरे एमओ हैं। इमरजेंसी तो नाम की है। वह भी दो बजे बंद हो जाती है। वार्ड में क्षमता के 15 प्रतिशत या उससे कम मरीज भर्ती होते हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव में यहां प्रसव नर्सों के भरोसे हैं। 14 वेंटिलेटर हैं लेकिन संचालित करने वाले विशेषज्ञ नहीं हैं। ऑक्सीजन प्लांट का भी इस्तेमाल नहीं होता है।
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