{"_id":"6433120093f390c99d0ecce5","slug":"prabhatferi-in-the-morning-and-procession-in-the-evening-on-easter-aligarh-news-c-2-1-89076-2023-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: ईस्टर पर सुबह प्रभातफेरी और शाम को निकली शोभायात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: ईस्टर पर सुबह प्रभातफेरी और शाम को निकली शोभायात्रा
विज्ञापन
बन्ना देवी चर्च में प्रभात फेरी को संबोधित करते फादर यूसुफ दास, एसटी गिल, जोनाथन लाल। संवाद
- फोटो : samvad
शहर में रविवार को प्रभु यीशु के पुर्नजीवित होने का दिन ईस्टर बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। शनिवार देर रात से ही चर्च एवं गिरजाघरों में ईस्टर के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रम आयोजित हुए और सुबह प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ। प्रार्थना के बाद हैप्पी ईस्टर से गिरजाघर गूंज उठे । मसीही समाज के लोगों ने एक-दूसरे को बधाइयां दीं।
सभी चर्चों के फादर की मौजूदगी में प्रभु यीशु के पुर्नजीवित होने की झांकियों से सजी शोभायात्रा निकाली गई। फादर जोनाथन लाल, एसटी गिल एवं यूसुफ दास के नेतृत्व में शीशियापाड़ा के सिटी क्राइस्ट चर्च से सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च बन्ना देवी तक निकाली गई। इस दौरान सभी चर्चों के पादरी प्रभु यीशु मसीह के जयकारे के साथ बाइबल का अंश बोलते हुए झांकियों के साथ चल रहे थे।
बड़ी संख्या में बड़े, बुजुर्ग, महिला एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रभु यीशु मसीह के जीवन समेत उनके पुनर्जीवित होने की घटना का प्रदर्शन झांकियों के माध्यम से किया गया। एक झांकी में प्रभु यीशु मसीह के स्वर्गारोहण का दृश्य पेश किया गया। बच्चों ने प्रभु की प्रार्थना करते हुए उन्हें पकड़कर ले जाते हुए यहूदी के प्रधान याजकों और पुरनियों की भीड़ के दृश्य का मंचन किया।
विज्ञापन
इन झांकियों में प्रभु यीशु को कंधे पर क्रूस ले जाने और उन्हें क्रूस पर लटकाने का दृश्य देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। नुमाइश मैदान के पास के लुइजा सोल्स स्कूल में बंद कब्र पर सैनिकों का पहरा यीशु की खुली कब्र और जीवित होकर निकलने की घटना की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। समापन पर सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च बन्नादेवी में विशेष प्रार्थना हुई। यहां देश और दुनिया में शांति के लिए भी प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर केक काटा गया और प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की खुशी मनाते हुए एक- दूसरे को बधाइयां दी गईं। शहर के चर्च ऑफ एसेंशन,घंटाघर में लॉरेंस दास,नकवी पार्क सीएनआई चर्च में अमृता दास, शालोम मिशन इंटरनेशनल चर्च गुलशन पार्क बन्ना देवी में राजेंद्र लाल, फुल गॉस्पेल पेंटेकोस्टल चर्च क्वार्सी में पास्टर बीके सिंह, जेहोवा निस्सी चर्च क्वार्सी में जोबिन मैथ्यु एवं बाईबल प्रचारक गौरव प्रभाकर ने बताया कि ईस्टर पर्व एक अलौकिक एवं अविस्मरणीय घटना है, जो सत्य की असत्य पर विजय और मृत्यु के दंश को तोड़ने को प्रमाणित करती है।
विज्ञापन
सभी चर्चों के फादर की मौजूदगी में प्रभु यीशु के पुर्नजीवित होने की झांकियों से सजी शोभायात्रा निकाली गई। फादर जोनाथन लाल, एसटी गिल एवं यूसुफ दास के नेतृत्व में शीशियापाड़ा के सिटी क्राइस्ट चर्च से सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च बन्ना देवी तक निकाली गई। इस दौरान सभी चर्चों के पादरी प्रभु यीशु मसीह के जयकारे के साथ बाइबल का अंश बोलते हुए झांकियों के साथ चल रहे थे।
विज्ञापन
बड़ी संख्या में बड़े, बुजुर्ग, महिला एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रभु यीशु मसीह के जीवन समेत उनके पुनर्जीवित होने की घटना का प्रदर्शन झांकियों के माध्यम से किया गया। एक झांकी में प्रभु यीशु मसीह के स्वर्गारोहण का दृश्य पेश किया गया। बच्चों ने प्रभु की प्रार्थना करते हुए उन्हें पकड़कर ले जाते हुए यहूदी के प्रधान याजकों और पुरनियों की भीड़ के दृश्य का मंचन किया।
विज्ञापन
इन झांकियों में प्रभु यीशु को कंधे पर क्रूस ले जाने और उन्हें क्रूस पर लटकाने का दृश्य देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। नुमाइश मैदान के पास के लुइजा सोल्स स्कूल में बंद कब्र पर सैनिकों का पहरा यीशु की खुली कब्र और जीवित होकर निकलने की घटना की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। समापन पर सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च बन्नादेवी में विशेष प्रार्थना हुई। यहां देश और दुनिया में शांति के लिए भी प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर केक काटा गया और प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की खुशी मनाते हुए एक- दूसरे को बधाइयां दी गईं। शहर के चर्च ऑफ एसेंशन,घंटाघर में लॉरेंस दास,नकवी पार्क सीएनआई चर्च में अमृता दास, शालोम मिशन इंटरनेशनल चर्च गुलशन पार्क बन्ना देवी में राजेंद्र लाल, फुल गॉस्पेल पेंटेकोस्टल चर्च क्वार्सी में पास्टर बीके सिंह, जेहोवा निस्सी चर्च क्वार्सी में जोबिन मैथ्यु एवं बाईबल प्रचारक गौरव प्रभाकर ने बताया कि ईस्टर पर्व एक अलौकिक एवं अविस्मरणीय घटना है, जो सत्य की असत्य पर विजय और मृत्यु के दंश को तोड़ने को प्रमाणित करती है।