{"_id":"623cc6223114cd5d324ebb6e","slug":"potato-farmers-told-the-problems-to-the-dm-city-office-news-ali2877606111","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : आलू किसानों ने डीएम के समक्ष रखी समस्याएं, समाधान की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : आलू किसानों ने डीएम के समक्ष रखी समस्याएं, समाधान की मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के आलू उत्पादक किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए किसानों एवं शीतगृह स्वामियों के साथ बैठक की। बैठक में आपसी सहमति से वर्ष 2022 में शीतगृह भंडारण प्रभार दर निर्धारित करने पर भी विचार किया गया।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि गत वर्षों में सादा आलू 250 रुपये प्रति क्विंटल, शुगर फ्री आलू 290 रुपये प्रति क्विंटल की निर्धारित दर से शीतगृह एसोसिएशन के स्तर से भंडारण किया जा रहा है। भाकियू के राजपाल शर्मा व चौधरी हरपाल सिंह एडवोकेट ने कहा कि चार वर्षों से आलू उत्पादक किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। आलू उत्पादन की लागत बढ़ रही है। उन्होंने आलू भंडारण की दरों को संशोधित करने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि शीतगृहों पर व्यापारी आलू खरीदते समय कृषकों से 50 किलोग्राम की जगह 52.300 किलोग्राम तोलते हैं और मूल्य 50 किलोग्राम का देते हैं, इसे रोका जाए। उन्होंने राशन वितरण में आलू का भी समावेश करने का सुझाव दिया, ताकि आलू की खपत बढ़ने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। शीतगृह स्वामियों ने मांग रखी कि शीतगृह यूनियन के कुछ पदाधिकारी इस बैठक में नहीं आ सके हैं। इसलिए भंडारण की दरों पर फिर से चर्चा कर ली जाए। डीएम ने जिला उद्यान अधिकारी को इसके लिए अगली तारीख नियत करने के निर्देश दिए। सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि शीतगृह पर घटतौली या व्यापारी के किसान को मूल्य नहीं देने की शिकायत मिलने पर जांच कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई अमल में लायी जाए। बैठक में बड़ी संख्या में आलू उत्पादक, भाकियू के पदाधिकारी एवं शीतगृह स्वामी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि गत वर्षों में सादा आलू 250 रुपये प्रति क्विंटल, शुगर फ्री आलू 290 रुपये प्रति क्विंटल की निर्धारित दर से शीतगृह एसोसिएशन के स्तर से भंडारण किया जा रहा है। भाकियू के राजपाल शर्मा व चौधरी हरपाल सिंह एडवोकेट ने कहा कि चार वर्षों से आलू उत्पादक किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। आलू उत्पादन की लागत बढ़ रही है। उन्होंने आलू भंडारण की दरों को संशोधित करने की मांग रखी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शीतगृहों पर व्यापारी आलू खरीदते समय कृषकों से 50 किलोग्राम की जगह 52.300 किलोग्राम तोलते हैं और मूल्य 50 किलोग्राम का देते हैं, इसे रोका जाए। उन्होंने राशन वितरण में आलू का भी समावेश करने का सुझाव दिया, ताकि आलू की खपत बढ़ने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। शीतगृह स्वामियों ने मांग रखी कि शीतगृह यूनियन के कुछ पदाधिकारी इस बैठक में नहीं आ सके हैं। इसलिए भंडारण की दरों पर फिर से चर्चा कर ली जाए। डीएम ने जिला उद्यान अधिकारी को इसके लिए अगली तारीख नियत करने के निर्देश दिए। सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि शीतगृह पर घटतौली या व्यापारी के किसान को मूल्य नहीं देने की शिकायत मिलने पर जांच कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई अमल में लायी जाए। बैठक में बड़ी संख्या में आलू उत्पादक, भाकियू के पदाधिकारी एवं शीतगृह स्वामी मौजूद रहे।
विज्ञापन