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एएमयू में लगे पोस्टर : बाबरी मस्जिद का जल्द पुनर्निर्माण होगा इंशाअल्लाह

Fri, 07 Dec 2018 01:50 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Fri, 07 Dec 2018 01:50 AM IST
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Posters fitted in AMU: Babari Masjid will be rebuilt soon Insha Allah
एएमयू में लगे विवादित पोस्टर - फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में ‘अन्याय के खिलाफ  उठ खड़े होने’ और ‘बाबरी मस्जिद का जल्द पुनर्निर्माण होगा इंशाअल्लाह’ लिखित पोस्टर लगने के बाद खलबली मच गई है। सूचना के बाद प्रोक्टोरियल टीम द्वारा कैंपस में लगाए गए पोस्टर हटवाए जा रहे हैं।
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छह दिसंबर को देश में कुछ लोग शौर्य दिवस तो कुछ लोग काला दिवस के रूप में याद करते हैं। बृहस्पतिवार को एएमयू के मौलाना आजाद लाइब्रेरी परिसर एवं आर्ट्स फैकल्टी सहित कई स्थानों पर ‘अन्याय के खिलाफ खड़े होने’ और ‘बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण’ से संबंधित पोस्टर लगाए गए थे। यह पोस्टर स्टूडेंट्स एसोसिएशन फॉर इस्लामिक आइडियोलॉजी, एएमयू यूनिट द्वारा लगाए गए हैं।
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हालांकि एसोसिएशन द्वारा पोस्टर लगाने की अनुमति प्रोक्टर से नहीं ली गई है। सूचना मिलने के बाद एएमयू में खलबली मच गई है। प्रोक्टोरियल टीम के सदस्य पोस्टर हटवा रहे हैं। इस संबंध में एएमयू के पीआरओ ऑफिस के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि पोस्टर लगाने के लिए अनुमति नहीं ली गई है। पोस्टर लगवाने में छात्र शामिल है या नहीं इसकी जानकारी नहीं है।
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स्टूडेंट्स एसोसिएशन फॉर इस्लामिक आइडियोलॉजी का नाम भी कभी नहीं सुना है। प्रोक्टोरियल टीम द्वारा पोस्टर हटवाए जा रहे हैं।

पोस्टर से एएमयू छात्रसंघ का संबंध नहीं : सलमान
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्रसंघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा कि कैंपस में लगाए गए पोस्टर से छात्रसंघ का कोई संबंध नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कैंपस में जिसने भी पोस्टर लगवाएं हैं, उसने अपने मौलिक अधिकार का इस्तेमाल किया है। सलमान ने कहा कि एएमयू छात्रसंघ यह मानता है कि बाबरी मस्जिद का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए उस पर किसी भी तरह की टिका-टिप्पणी उचित नहीं है। हमलोगों को सरकार पर नहीं लेकिन सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। वह कोर्ट से आग्रह करेंगे कि जल्द से जल्द फैसला दे ताकि लोग इसका राजनीतिक लाभ न ले सकें।
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