{"_id":"66c6ff7eb7893e3a8f08abdb","slug":"post-office-superintendent-suicide-2024-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाकघर अधीक्षक आत्महत्या: पुलिस-फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य किए इकट्ठा, रायफल से ऐसे चलाई गई थीं गोलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाकघर अधीक्षक आत्महत्या: पुलिस-फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य किए इकट्ठा, रायफल से ऐसे चलाई गई थीं गोलियां
Thu, 22 Aug 2024 02:36 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 22 Aug 2024 02:36 PM IST
सार
पुलिस-फॉरेंसिक टीम की जांच पर गौर करें तो घर में पूजा वाले कमरे के सहारे बरामदेनुमा आंगन में लाश पड़ी मिली। मौके पर तीन खोखे मिले, जबकि छत में दो बड़े छेद पाए गए, जो ताजा थे और गोली की रगड़ से छत से फर्श के टुकड़े भी गिरे पड़े थे।
विज्ञापन
इसी रायफल से की थी आत्महत्या
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डाकघर अधीक्षक की आत्महत्या वाले स्थल पर पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने कई घंटे तक साक्ष्य संकलित किए। इस दौरान यही पाया गया कि रायफल को जमीन पर रखकर उसकी नाल सीने से सटाकर गोली चलाई गई है। एक-एक कर तीन गोलियां चलने के मौके पर साक्ष्य मिले, जिसमें आखिरी गोली सीना चीरकर बगल के रास्ते से निकली और उसी गोली से फेफड़ा फटने से जान चली गई।
विज्ञापन
पुलिस-फॉरेंसिक टीम की जांच पर गौर करें तो घर में पूजा वाले कमरे के सहारे बरामदेनुमा आंगन में लाश पड़ी मिली। मौके पर तीन खोखे मिले, जबकि छत में दो बड़े छेद पाए गए, जो ताजा थे और गोली की रगड़ से छत से फर्श के टुकड़े भी गिरे पड़े थे। जांच में मिले साक्ष्यों से अंदाजा लगाया गया कि पहली गोली कारगर नहीं रही और सीधे छत में लगी। दूसरी गोली भी थोड़ी चोट पहुंचाते हुए छत में लगी। बाद में तीसरी गोली ने जान ली है। फॉरेंसिक टीम ने रायफल, तीन खोखे, चार कारतूस आदि जब्त किए हैं। पोस्टमार्टम में साफ हुआ कि 315 बोर की एक गोली सीने में सीधे फेफड़े को चीरते हुए पीछे की ओर निकल गई है। उसी ने जान ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हमको कतई अंदाजा न था कि भाई ऐसा कदम उठा लेंगे। वह बेहद जिंदा-दिल इंसान थे। कभी गलत बात को सहन नहीं करते थे और गलत बोलने वाले का हमेशा विरोध करते थे। उनके खिलाफ जो झूठे आरोप लगाए जा रहे थे, उसी से आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। खुद सुसाइड नोट में भी उन्होंने उल्लेख किया है। उस सुसाइड नोट में शामिल सभी लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। अंतिम संस्कार आदि की प्रक्रिया के बाद पुलिस को तहरीर दी जाएगी।- रामवीर सिंह, अधिवक्ता, छोटे भाई।