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Aligarh: भुगतान के बाद नहीं दिया फ्लैटों पर कब्जा, कोर्ट ने दिया दो महीने में रकम वापस करने का आदेश

Tue, 16 Apr 2024 08:36 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 16 Apr 2024 08:36 PM IST
सार

बिल्डर फर्म ने रकम ले ली, पर फ्लैटों पर कब्जा नहीं दिया। फ्लैटों  को अन्य के लिए बेच दिया। पीड़ित ने स्थायी लोक अदालत की शरण ली। जहां सुनवाई के बाद आदेश दिया गया है कि ली गई रकम दो माह में वापस की जाए। अन्यथा नौ फीसदी ब्याज भी देनी होगी।

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possession of flats not given after payment
स्थयी लोक अदालत का आदेश - फोटो : istock

विस्तार

अलीगढ़ महानगर के समद रोड चंदनिया कंपाउंड की बिल्डर फर्म द्वारा फ्लैटों के सौदे के बाद रकम ले ली गई। इसके बाद आज तक कब्जा नहीं दिया गया और निर्धारित फ्लैट किसी अन्य को बेच दिए। इसके खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थायी लोक अदालत ने बिल्डर फर्म पर जुर्माना लगाने के साथ ली गई रकम वापस करने का आदेश दिया है। 

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याचिका के अनुसार शहर के ही गोपाल शंकर शर्मा की मुलाकात नियाजुल हक से हुई। उन्होंने खुद को चंदनिया कंपाउंड के आयवन होम्स की संयुक्त बिल्डर्स फर्म ओरेक्स बिल्डर्स व आरए बिल्डर्स का पार्टनर बताया। साथ में अपने पार्टनर डॉ. मनीष वार्ष्णेय व राजीव गर्ग-संजय गर्ग से मुलाकात कराई। 16 सितंबर 2010 को हुई मुलाकात में उन्होंने खुद को अपार्टमेंट का पार्टनर मालिक बताते हुए एडीए से स्वीकृत नक्शा आदि दिखाया। 
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साथ में चौथे फ्लोर पर फ्लैट बी-टू व तीसरे फ्लोर पर फ्लैट ए-टू बिक्री का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर सहमति के बाद उन्होंने 7 जुलाई 2021 तक अलग-अलग किस्तों में 21 लाख 70 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया। मगर, बाद में फ्लैट किसी अन्य को बेच दिए गए। अब गोपाल शंकर शर्मा को कब्जे के लिए व रुपये वापसी के लिए यह लोग टहलाने लगे। 
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पीड़ित ने स्थायी लोक अदालत की शरण ली। जहां सुनवाई के बाद आदेश दिया गया है कि ली गई रकम दो माह में वापस की जाए। अन्यथा नौ फीसदी ब्याज भी देनी होगी। साथ में पचास हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। यह आदेश स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार, सदस्य सत्यदेव उपाध्याय व आरती की संयुक्त पीठ ने सुनाया है।

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