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मरणासन्न देहों में धड़क रहा पूजा का दिल, सांस भर रहे फेफड़े, लिवर-किडनी भी ठीक
Mon, 25 Jan 2021 09:08 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jan 2021 09:08 PM IST
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पूजा भार्गव
- फोटो : अमर उजाला
डीपीएस की शिक्षिका पूजा भार्गव (अनन्या) अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके शरीर के पांच अंग अभी तक जीवित हैं। इन अंगों को जिन मरणासन्न शरीरों में प्रत्यारोपित किया गया है। वह धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
हालांकि अभी तक किसी को भी अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली है। फोर्टिस अस्पताल नोएडा की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शानू ने बताया कि चेन्नई के एमजीएम हेल्थकेयर में जिस मरणासन्न मरीज को पूजा का दिल लगाया गया था। उसकी मेडिकल रिपोर्ट अब ठीक आ रही है। इसी प्रकार मुंबई के एचएन रिलायंस अस्पताल में एक अन्य गंभीर मरीज को पूजा के फेफड़े लगाए गए थे। वह भी आईसीयू में ठीक हैं। यह दोनों मरीज इतने बीमार थे कि इनके बचने की उम्मीद कम थी, लेकिन सफल प्रत्यारोपण के बाद अब उनकी रिपोर्ट धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। इन सभी को बीते बृहस्पतिवार को अंग प्रत्यारोपित किए गए थे।
जिस दिन पूजा का दुखद निधन हुआ था। मैरिस रोड निवासी डीपीएस की शिक्षिका पूजा भार्गव (44 वर्ष) बीती 13 जनवरी की शाम को बेहोश हो गई थीं। वरुण ट्रॉमा सेंटर में उनको ब्रेन हेमरेज बताया गया। 14 जनवरी को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में उनको ब्रेन डेड घोषित किया गया। पूजा की आखिरी इच्छा के अनुसार उनके शरीर के अंग जरूरतमंदों को दान दे दिए गए। पूजा के पति सौरभ भार्गव ने दिल, फेफड़े, लिवर व किडनी दान देने का निर्णय किया। आनन-फानन उसी दिन पूजा के अंग निकालकर जरूरतमंद मरीजों के लिए भेजे गए। दिल चेन्नई और फेफड़े मुंबई में भेजे गए थे। इसके लिए दो अलग-अलग ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए गए थे।
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एक किडनी फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग नई दिल्ली के मरीज, लिवर व दूसरी किडनी फोर्टिस अस्पताल नोएडा में भर्ती दो मरीजों को दिए गए। फोर्टिस अस्पताल नोएडा की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शानु ने बताया कि सभी प्रत्यारोपण सफल रहे। फीडबैक रिपोर्ट आ रही है। दिल और फेफड़े लगवाने वाले मरीज अभी आईसीयू में हैं, क्योंकि इन दोनों के बचने की उम्मीद बहुत कम थी, वह काफी बीमार थे। प्रत्यारोपण के बाद दोनों मरीज ठीक हैं। उनकी मेडिकल रिपोर्ट भी अच्छी ही आ रही है। बाकी तीन मरीजों में भी प्रत्यारोपण की रिपोर्ट भी अच्छी है। इन मरीजों के जल्द ही पूर्ण रूप से स्वस्थ होने की संभावनाएं बनने लगी हैं।
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हालांकि अभी तक किसी को भी अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली है। फोर्टिस अस्पताल नोएडा की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शानू ने बताया कि चेन्नई के एमजीएम हेल्थकेयर में जिस मरणासन्न मरीज को पूजा का दिल लगाया गया था। उसकी मेडिकल रिपोर्ट अब ठीक आ रही है। इसी प्रकार मुंबई के एचएन रिलायंस अस्पताल में एक अन्य गंभीर मरीज को पूजा के फेफड़े लगाए गए थे। वह भी आईसीयू में ठीक हैं। यह दोनों मरीज इतने बीमार थे कि इनके बचने की उम्मीद कम थी, लेकिन सफल प्रत्यारोपण के बाद अब उनकी रिपोर्ट धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। इन सभी को बीते बृहस्पतिवार को अंग प्रत्यारोपित किए गए थे।
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जिस दिन पूजा का दुखद निधन हुआ था। मैरिस रोड निवासी डीपीएस की शिक्षिका पूजा भार्गव (44 वर्ष) बीती 13 जनवरी की शाम को बेहोश हो गई थीं। वरुण ट्रॉमा सेंटर में उनको ब्रेन हेमरेज बताया गया। 14 जनवरी को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में उनको ब्रेन डेड घोषित किया गया। पूजा की आखिरी इच्छा के अनुसार उनके शरीर के अंग जरूरतमंदों को दान दे दिए गए। पूजा के पति सौरभ भार्गव ने दिल, फेफड़े, लिवर व किडनी दान देने का निर्णय किया। आनन-फानन उसी दिन पूजा के अंग निकालकर जरूरतमंद मरीजों के लिए भेजे गए। दिल चेन्नई और फेफड़े मुंबई में भेजे गए थे। इसके लिए दो अलग-अलग ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए गए थे।
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एक किडनी फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग नई दिल्ली के मरीज, लिवर व दूसरी किडनी फोर्टिस अस्पताल नोएडा में भर्ती दो मरीजों को दिए गए। फोर्टिस अस्पताल नोएडा की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शानु ने बताया कि सभी प्रत्यारोपण सफल रहे। फीडबैक रिपोर्ट आ रही है। दिल और फेफड़े लगवाने वाले मरीज अभी आईसीयू में हैं, क्योंकि इन दोनों के बचने की उम्मीद बहुत कम थी, वह काफी बीमार थे। प्रत्यारोपण के बाद दोनों मरीज ठीक हैं। उनकी मेडिकल रिपोर्ट भी अच्छी ही आ रही है। बाकी तीन मरीजों में भी प्रत्यारोपण की रिपोर्ट भी अच्छी है। इन मरीजों के जल्द ही पूर्ण रूप से स्वस्थ होने की संभावनाएं बनने लगी हैं।