{"_id":"5712a13a4f1c1b5d704a6cb8","slug":"police-prevent-domestic-violence-through-street-plays-drunkenness","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस नुक्कड़ नाटक के जरिए रोकेगी घरेलू हिंसा, नशाखोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस नुक्कड़ नाटक के जरिए रोकेगी घरेलू हिंसा, नशाखोरी
अभिषेक शर्मा
Updated Sun, 17 Apr 2016 02:03 AM IST
विज्ञापन
विवाद
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपराध की बड़ी जड़ नशाखोरी और घरेलू हिंसा पर रोकथाम के लिए पुलिस एक नया प्रयोग करने जा रही है। महानगर की दलित व मलिन बस्तियों में नुक्कड़ नाटक की मदद से इस तरह के अपराध के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके लिए एएमयू छात्रों की एक टीम स्क्रिप्ट तैयार करने में लगी है और 21 अप्रैल के बाद यह जागरूकता अभियान शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए वह बस्तियां भी चिह्नित कर ली गई हैं, जहां इस तरह का अपराध ज्यादा होता है और वहां अभियान चलाया जाना है।
महानगर की आधा दर्जन से अधिक मलिन, दलित व कमजोर वर्ग की आबादी वाली बस्तियों में जुआ, सट्टा, शराब, स्मैक, कुट्टू आदि तमाम तरह की नशाखोरी चरम पर है। इसके चलते घरेलू हिंसा के साथ-साथ अन्य तरह के अपराध भी जन्म लेते हैं। महानगर में इन बस्तियों से संबंधित थानों में इन बुराइयों से जनित अपराधों की शिकायतें भी सर्वाधिक हैं। इसे देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने नए प्रयोग के रूप में लोगों को इन बुराइयों के खिलाफ जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसमें एएमयू छात्रों की ओर से मदद मिल रही है।
एएमयू के विभिन्न संकायों के छात्रों की एक टीम बाकायदा इस जागरूकता अभियान के लिए नुक्कड़ नाटक तैयार कर रही है। यह नाटक चिह्नित बस्ती डोरी नगर, नगला मसानी, इंदिरा नगर, तुर्कमान गेट, नगला मान सिंह, गोविंद नगर, भुजपुरा, महेंद्र नगर, जमालपुर, जलालपुर, जीवनगढ़ आदि पर आधारित स्क्रिप्ट तैयार कर रही है। इस जागरूकता अभियान के संचालन के लिए खुद एसपी सिटी अंशुल गुप्ता बतौर कोर्डिनेटर जुटे हुए हैं। सब कुछ सही रहा तो 21 अप्रैल के बाद से अभियान शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
महानगर की आधा दर्जन से अधिक मलिन, दलित व कमजोर वर्ग की आबादी वाली बस्तियों में जुआ, सट्टा, शराब, स्मैक, कुट्टू आदि तमाम तरह की नशाखोरी चरम पर है। इसके चलते घरेलू हिंसा के साथ-साथ अन्य तरह के अपराध भी जन्म लेते हैं। महानगर में इन बस्तियों से संबंधित थानों में इन बुराइयों से जनित अपराधों की शिकायतें भी सर्वाधिक हैं। इसे देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने नए प्रयोग के रूप में लोगों को इन बुराइयों के खिलाफ जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसमें एएमयू छात्रों की ओर से मदद मिल रही है।
विज्ञापन
एएमयू के विभिन्न संकायों के छात्रों की एक टीम बाकायदा इस जागरूकता अभियान के लिए नुक्कड़ नाटक तैयार कर रही है। यह नाटक चिह्नित बस्ती डोरी नगर, नगला मसानी, इंदिरा नगर, तुर्कमान गेट, नगला मान सिंह, गोविंद नगर, भुजपुरा, महेंद्र नगर, जमालपुर, जलालपुर, जीवनगढ़ आदि पर आधारित स्क्रिप्ट तैयार कर रही है। इस जागरूकता अभियान के संचालन के लिए खुद एसपी सिटी अंशुल गुप्ता बतौर कोर्डिनेटर जुटे हुए हैं। सब कुछ सही रहा तो 21 अप्रैल के बाद से अभियान शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन