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मुझसे मिलने वाले लोगों का पुलिस उत्पीड़न कर रही : महमूद प्राचा
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महमूद प्राचा।
- फोटो : CITY OFFICE
स्वतंत्रता दिवस पर देश में फिर से सीएए को लेकर आंदोलन करने का दावा करने वाले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता महमूद प्राचा ने कहा कि उनके संपर्क में आने वाले लोगों का पुलिस उत्पीड़न कर रही है। इसके खिलाफ वह अदालत का रुख करेंगे और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।
अमर उजाला से बातचीत में प्राचा ने कहा कि पिछले दिनों वह संविधान की रक्षा करने के मकसद से और आंदोलन खड़ा करने के संबंध में अलीगढ़ गए थे। जानकारी मिल रही है कि पुलिस उन लोगों को पूछताछ के नाम पर परेशान कर रही है जिन लोगों से वह जाकर मिले थे। उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह लिखकर दें कोई आंदोलन नहीं होगा। यह पूरी तरह कानून का उल्लंघन है। पुलिसकर्मी भूल गए हैं कि वह भी संविधान की शपथ लेकर अपने फर्ज को अंजाम देते हैं। लेकिन अब उत्पीड़न करने पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के संबंध में आंदोलन खड़ा करने के लिए 15 अगस्त से अच्छा दिन कोई नहीं हो सकता।
जिला प्रशासन के साथ-साथ एएमयू प्रशासन भी अलर्ट पर
सीएए और एनआरसी को लेकर महमूद प्राचा द्वारा आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा के बाद स्थानीय जिला प्रशासन के साथ-साथ एएमयू प्रशासन भी सतर्क हो गया है। हालांकि, इस समय कैंपस पूरी तरह खाली है और शैक्षणिक गतिविधियां भी बंद है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आंतरिक खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है।
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पिछली बार आंदोलन में शामिल हुए लोगों पर नजर
स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही चौकस है। प्राचा की घोषणा ने पुलिस और प्रशासन का काम और मुश्किल कर दिया है। अब ऐसे सभी लोगों पर नजर रखी जा रही है जो पिछली बार नागरिकता संशोधन कानून में शामिल थे। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इलाके के संभ्रांत लोगों के साथ बैठक करें और ऐसे सभी लोगों को विश्वास में लें कि वह ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे शांति और व्यवस्था प्रभावित हो।
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अमर उजाला से बातचीत में प्राचा ने कहा कि पिछले दिनों वह संविधान की रक्षा करने के मकसद से और आंदोलन खड़ा करने के संबंध में अलीगढ़ गए थे। जानकारी मिल रही है कि पुलिस उन लोगों को पूछताछ के नाम पर परेशान कर रही है जिन लोगों से वह जाकर मिले थे। उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह लिखकर दें कोई आंदोलन नहीं होगा। यह पूरी तरह कानून का उल्लंघन है। पुलिसकर्मी भूल गए हैं कि वह भी संविधान की शपथ लेकर अपने फर्ज को अंजाम देते हैं। लेकिन अब उत्पीड़न करने पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के संबंध में आंदोलन खड़ा करने के लिए 15 अगस्त से अच्छा दिन कोई नहीं हो सकता।
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जिला प्रशासन के साथ-साथ एएमयू प्रशासन भी अलर्ट पर
सीएए और एनआरसी को लेकर महमूद प्राचा द्वारा आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा के बाद स्थानीय जिला प्रशासन के साथ-साथ एएमयू प्रशासन भी सतर्क हो गया है। हालांकि, इस समय कैंपस पूरी तरह खाली है और शैक्षणिक गतिविधियां भी बंद है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आंतरिक खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है।
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पिछली बार आंदोलन में शामिल हुए लोगों पर नजर
स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही चौकस है। प्राचा की घोषणा ने पुलिस और प्रशासन का काम और मुश्किल कर दिया है। अब ऐसे सभी लोगों पर नजर रखी जा रही है जो पिछली बार नागरिकता संशोधन कानून में शामिल थे। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इलाके के संभ्रांत लोगों के साथ बैठक करें और ऐसे सभी लोगों को विश्वास में लें कि वह ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे शांति और व्यवस्था प्रभावित हो।