{"_id":"56f83b604f1c1bde5cf14f02","slug":"police-continue-to-flee-in-panic-families","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस की दहशत में परिवारों का पलायन जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस की दहशत में परिवारों का पलायन जारी
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2016 01:28 AM IST
विज्ञापन
पलायन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महानगर के पला साहिबाबाद की नई आबादी कबीर नगर में शनिवार को कुट्टू से मौत के बाद हुई पुलिस-पब्लिक भिड़ंत में पुलिस के सख्त रुख ने इलाके के लोगों में दहशत पैदा कर दी है। आलम यह है कि बस्ती में मातम जैसा सन्नाटा पसर गया है। लोगों का पलायन जारी है। रविवार दिन भर बस्ती में कुछ ऐसा ही हाल रहा। जब सियासी लोगों की आवाजाही हुई, तभी वहां सन्नाटा टूटा और नेताओं के सामने लोगों ने अपना दर्द बयां किया। इधर, पुलिस ने कुट्टू बेचने वाले दंपति विमलेश व रामबाबू को दूसरे दिन रविवार को जेल भेज दिया।
रविवार सुबह से ही बस्ती में सन्नाटे का आलम था। अधिकांश घरों पर ताले लटके हुए थे। बस मृत मुकेश के घर पर ही लोग जमा थे। दोपहर में यहां बसपा नेताओं का प्रतिनिधि मंडल इलाके की स्थिति का जायजा लेने पहुंचा। तब कुछ सन्नाटा टूटा। मगर पुलिस ने उन्हें अंदर बस्ती में नहीं जाने दिया। बाहर ही बसपा नेताओं ने लोगों से बातचीत की। बाद में एसपी सिटी से मुलाकात कर मामले में निर्दोषों को गिरफ्तार न करने की मांग की। इस मौके पर शहर प्रत्याशी आरिफ बॉबी, गजराज विमल, जितेंद्र लोधी, जसवंत सांवरिया, अशोक चंद्रा आदि तमाम लोग थे। दोपहर में मेयर शकुंतला भारती वहां पहुंचीं और उन्होंने लोगों से वार्ता की। इस मौके पर मेयर को लोगों ने अपने साथ हुए उत्पीड़न का दर्द बताया। मेयर ने मौके से अधिकारियों से वार्ता की कि अब कोई गिरफ्तारी हुई तो आंदोलन होगा। इधर, इलाके में पुलिस बल तैनात कर रखा है। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
--
पुलिस ने कर दी उत्पीड़न की इंतिहा : मेयर
मेयर ने मौके का दौरा करने के बाद मीडिया को बताया कि पुलिस ने उत्पीड़न की इंतिहा करके रख दी। महिलाओं को घरों से खींच-खींचकर पीटा। घरों में पर्दे में नहाते समय महिलाओं को गिरफ्तार करवा लिया। कुट्टू पर पाबंदी की मांग ही तो कर रहे थे लोग। अब अगर पुलिस ने किसी को गिरफ्तार किया तो ईंट से ईंट बजाकर रख दी जाएगी। इस मामले में सपा सरकार के इशारे पर ही सब कुछ किया गया है। पुलिस प्रशासन निरंकुश हो गया है। मेयर ने आज सोमवार को अदालत जाकर सभी की जमानत कराने की प्रक्रिया पूरी कराने का ऐलान किया है। इस बात पर भी ऐतराज जताया कि मृतक मुकेश की बहन तक को जेल भेजा गया है। यह बेहद निंदनीय है।
विज्ञापन
--
सियासी एंट्री पर पुलिस फिर बेकफुट पर, गिरफ्तारी रोकी
इस प्रकरण में सियासी एंट्री पर पुलिस एक बार फिर बेकफुट पर दिख रही है। अब पुलिस ने गिरफ्तारी पर शायद चुप्पी साध ली है। हालांकि पुलिस अधिकारी इसके पीछे कह रहे हैं कि इतना बहुत है। सबक सिखाने के लिए इतना बहुत है। इस संबंध में एसओ सासनी गेट विनोद कुमार ने बताया कि जो लोग वास्तव में मौके पर उत्पात मचा रहे थे। उन्हें गिरफ्तार किया गया। मगर अब जांच की जाएगी। जो वास्तव में जांच में वीडियो फुटेज में होगा, उसी को गिरफ्तार किया जाएगा। अब कोई गिरफ्तारी अभियान नहीं चलाया जाएगा। एसओ ने स्वीकारा कि मजदूर तबके के लोग हैं, नादानी में हरकत कर गए। उनके लिए जेल जाना बड़ा कठिन काम है।
-------
-- हमारी नहीं थी कोई गलती --
-हमारी कोई गलती नहीं थी। हम कुट्टू बिकने का विरोध कर रहे थे तो पुलिस ने आते ही अभद्रता व धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इस बात पर पथराव शुरू हुआ। अब पति राधेश्याम को जेल भेज दिया।
-मधू
---
-एक तो बेटा चला गया। फिर हमारी महिलाओं व पुरुषों को पीटा और अब हमारे लोगों को जेल भेजा जा रहा है। यह कहां का न्याय है।
-भगवान दास, मुकेश का पिता
---
-पुलिस ने आते ही हमारे साथ हाथापाई मारपीट शुरू कर दी। हमारी बात नहीं सुनी। इसके चलते हमने विरोध किया। अब हमारी बहन भूरो व मां गुड्डी को जेल भेज दिया।
- सावित्री देवी
----
- पुलिस ने हमारा उत्पीड़न किया है। हमने सिर्फ कुट्टू बिक्री का विरोध ही तो किया। हमने मजबूरी में पथराव किया। इसकी इतनी बड़ी सजा क्यों।
-ललिता देवी
विज्ञापन
रविवार सुबह से ही बस्ती में सन्नाटे का आलम था। अधिकांश घरों पर ताले लटके हुए थे। बस मृत मुकेश के घर पर ही लोग जमा थे। दोपहर में यहां बसपा नेताओं का प्रतिनिधि मंडल इलाके की स्थिति का जायजा लेने पहुंचा। तब कुछ सन्नाटा टूटा। मगर पुलिस ने उन्हें अंदर बस्ती में नहीं जाने दिया। बाहर ही बसपा नेताओं ने लोगों से बातचीत की। बाद में एसपी सिटी से मुलाकात कर मामले में निर्दोषों को गिरफ्तार न करने की मांग की। इस मौके पर शहर प्रत्याशी आरिफ बॉबी, गजराज विमल, जितेंद्र लोधी, जसवंत सांवरिया, अशोक चंद्रा आदि तमाम लोग थे। दोपहर में मेयर शकुंतला भारती वहां पहुंचीं और उन्होंने लोगों से वार्ता की। इस मौके पर मेयर को लोगों ने अपने साथ हुए उत्पीड़न का दर्द बताया। मेयर ने मौके से अधिकारियों से वार्ता की कि अब कोई गिरफ्तारी हुई तो आंदोलन होगा। इधर, इलाके में पुलिस बल तैनात कर रखा है। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
--
पुलिस ने कर दी उत्पीड़न की इंतिहा : मेयर
मेयर ने मौके का दौरा करने के बाद मीडिया को बताया कि पुलिस ने उत्पीड़न की इंतिहा करके रख दी। महिलाओं को घरों से खींच-खींचकर पीटा। घरों में पर्दे में नहाते समय महिलाओं को गिरफ्तार करवा लिया। कुट्टू पर पाबंदी की मांग ही तो कर रहे थे लोग। अब अगर पुलिस ने किसी को गिरफ्तार किया तो ईंट से ईंट बजाकर रख दी जाएगी। इस मामले में सपा सरकार के इशारे पर ही सब कुछ किया गया है। पुलिस प्रशासन निरंकुश हो गया है। मेयर ने आज सोमवार को अदालत जाकर सभी की जमानत कराने की प्रक्रिया पूरी कराने का ऐलान किया है। इस बात पर भी ऐतराज जताया कि मृतक मुकेश की बहन तक को जेल भेजा गया है। यह बेहद निंदनीय है।
विज्ञापन
--
सियासी एंट्री पर पुलिस फिर बेकफुट पर, गिरफ्तारी रोकी
इस प्रकरण में सियासी एंट्री पर पुलिस एक बार फिर बेकफुट पर दिख रही है। अब पुलिस ने गिरफ्तारी पर शायद चुप्पी साध ली है। हालांकि पुलिस अधिकारी इसके पीछे कह रहे हैं कि इतना बहुत है। सबक सिखाने के लिए इतना बहुत है। इस संबंध में एसओ सासनी गेट विनोद कुमार ने बताया कि जो लोग वास्तव में मौके पर उत्पात मचा रहे थे। उन्हें गिरफ्तार किया गया। मगर अब जांच की जाएगी। जो वास्तव में जांच में वीडियो फुटेज में होगा, उसी को गिरफ्तार किया जाएगा। अब कोई गिरफ्तारी अभियान नहीं चलाया जाएगा। एसओ ने स्वीकारा कि मजदूर तबके के लोग हैं, नादानी में हरकत कर गए। उनके लिए जेल जाना बड़ा कठिन काम है।
-------
-- हमारी नहीं थी कोई गलती --
-हमारी कोई गलती नहीं थी। हम कुट्टू बिकने का विरोध कर रहे थे तो पुलिस ने आते ही अभद्रता व धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इस बात पर पथराव शुरू हुआ। अब पति राधेश्याम को जेल भेज दिया।
-मधू
---
-एक तो बेटा चला गया। फिर हमारी महिलाओं व पुरुषों को पीटा और अब हमारे लोगों को जेल भेजा जा रहा है। यह कहां का न्याय है।
-भगवान दास, मुकेश का पिता
---
-पुलिस ने आते ही हमारे साथ हाथापाई मारपीट शुरू कर दी। हमारी बात नहीं सुनी। इसके चलते हमने विरोध किया। अब हमारी बहन भूरो व मां गुड्डी को जेल भेज दिया।
- सावित्री देवी
----
- पुलिस ने हमारा उत्पीड़न किया है। हमने सिर्फ कुट्टू बिक्री का विरोध ही तो किया। हमने मजबूरी में पथराव किया। इसकी इतनी बड़ी सजा क्यों।
-ललिता देवी