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अलीगढ़ः अपराधियों का डेटाबेस तैयार करने के लिए जिले में पायलट प्रोजेक्ट शुरू
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पुलिस कंट्रोल रूम भवन में उपस्थित एसएसपी कलानिधि नैथानी व अन्य।
- फोटो : CITY OFFICE
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आधुनिक पुलिसिंग की तरफ कदम बढ़ाते हुए अलीगढ़ पुलिस ने अब अपराधियों के डिजिटल फिंगरप्रिंट, हथेली की छाप आदि का डाटा इकट्ठा करने के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। शुक्रवार को एसएसपी कलानिधि नैथानी ने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) के पायलट प्रोजेक्ट की विधिवत शुरुआत की।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि इसके माध्यम से अपराधियों की उंगलियों और हथेलियों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इस डेटाबेस के आधार पर किसी भी अपराधी के संबंध में भारत में कहीं भी जानकारी हासिल की जा सकेगी। अपराधियों की उंगलियों, हथेली, चेहरे की बनावट आदि की जानकारी को डिजिटल फॉर्म में सेव किया जाएगा। इस डाटाबेस को एक सिस्टम के माध्यम से एक क्लिक पर कहीं भी देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि एनएएफआईएस कार्यालय में नियुक्त कर्मचारियों को जल्दी ही एनसीआरबी दिल्ली के स्टाफ द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। कर्मचारियों को डेस्कटॉप, मोरफ़ो टॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर, वेब कैमरा, स्कैनर आदि उपलब्ध कराए गए हैं। इस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी क्षेत्राधिकारी क्राइम राजेश कुमार श्रीवास्तव होंगे।
एसएसपी ने बताया कि इस सिस्टम के माध्यम से बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा सकेगी। राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों में भी यह पता चल सकता है कि अपराधी पर कहां-कहां अपराध दर्ज है? क्या मुकदमे हैं? हर अपराधी का 10 डिजिट का एक यूनिकोड होगा। यह कोड पूरे भारत में यूनिक होगा।
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वीडियो कांफ्रेंस हॉल का शुभारंभ
अलीगढ़। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने शुक्रवार को ही एक नए वीडियो कांफ्रेंस हॉल का शुभारंभ किया। यह नया वीडियो कांफ्रेंस हॉल पुलिस कंट्रोल रूम में बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक पुलिस मुख्यालय से होने वाली वीडियो कांफ्रेंस और कर्मियों के प्रशिक्षण में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नए कांफ्रेंस हॉल में इन सभी बातों का ध्यान रखा गया है। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी ट्रैफिक सतीश चंद्र, सहायक रेडियो अधिकारी महावीर सिंह आदि मौजूद थे।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि इसके माध्यम से अपराधियों की उंगलियों और हथेलियों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इस डेटाबेस के आधार पर किसी भी अपराधी के संबंध में भारत में कहीं भी जानकारी हासिल की जा सकेगी। अपराधियों की उंगलियों, हथेली, चेहरे की बनावट आदि की जानकारी को डिजिटल फॉर्म में सेव किया जाएगा। इस डाटाबेस को एक सिस्टम के माध्यम से एक क्लिक पर कहीं भी देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि एनएएफआईएस कार्यालय में नियुक्त कर्मचारियों को जल्दी ही एनसीआरबी दिल्ली के स्टाफ द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। कर्मचारियों को डेस्कटॉप, मोरफ़ो टॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर, वेब कैमरा, स्कैनर आदि उपलब्ध कराए गए हैं। इस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी क्षेत्राधिकारी क्राइम राजेश कुमार श्रीवास्तव होंगे।
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एसएसपी ने बताया कि इस सिस्टम के माध्यम से बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा सकेगी। राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों में भी यह पता चल सकता है कि अपराधी पर कहां-कहां अपराध दर्ज है? क्या मुकदमे हैं? हर अपराधी का 10 डिजिट का एक यूनिकोड होगा। यह कोड पूरे भारत में यूनिक होगा।
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वीडियो कांफ्रेंस हॉल का शुभारंभ
अलीगढ़। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने शुक्रवार को ही एक नए वीडियो कांफ्रेंस हॉल का शुभारंभ किया। यह नया वीडियो कांफ्रेंस हॉल पुलिस कंट्रोल रूम में बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक पुलिस मुख्यालय से होने वाली वीडियो कांफ्रेंस और कर्मियों के प्रशिक्षण में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नए कांफ्रेंस हॉल में इन सभी बातों का ध्यान रखा गया है। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी ट्रैफिक सतीश चंद्र, सहायक रेडियो अधिकारी महावीर सिंह आदि मौजूद थे।