Digital arrest: एएमयू महिला प्रोफेसर से 75 लाख ठगने वाला दबोचा, 21 खातों में भेजा रुपया
साइबर ठगी के आरोपी अमरेश कुमार को पटना (बिहार) से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे पटना जनपद के न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे दो दिन का ट्रांजिट रिमांड लेकर अलीगढ़ लाया गया।
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एएमयू की सेवानिवृत्त महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर 75 लाख रुपये की ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले गिरोह के शातिर सदस्य को साइबर थाना पुलिस ने 6 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। साइबर ठगों ने 11 अक्तूबर 2024 को सिविल लाइंस निवासी 81 वर्षीय महिला प्रोफेसर को डरा-धमकाकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर कराकर कुल 75 लाख रुपये की ठगी कर ली थी।
साइबर ठगी के आरोपी अमरेश कुमार को किराये के मकान यादव काॅलोनी मूर्ति मकान पटना (बिहार) से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे पटना जनपद के न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे दो दिन का ट्रांजिट रिमांड लेकर अलीगढ़ लाया गया।
अमरेश से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, कंप्यूटर, सीपीयू, मॉनीटर, कीबोर्ड, माउस, लैपटाॅप, मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, आठ एटीएम कार्ड, 17 चेकबुक, वाईफाई राउटर, सात क्यूआर कोड, चार मोहर, दो डिजिटल हस्ताक्षर, पैन ड्राइव, बैनर, मकान का एग्रीमेंट, बिजली के बिल व स्वयं के नाम से बने चार फर्म के कागजात व फर्म बनाने के दस्तावेज और 1650 रुपये बरामद हुए हैं। 75 लाख की राशि को यूपी, तमिलनाडू, आंधप्रदेश, गुजरात, हरियाणा कर्नाटका, महाराष्ट्र, ओडिशा के अलग-अलग 21 खातों में ट्रांसफर कराया गया था।
पीड़ित महिला प्रोफेसर के अनुसार 28 सितंबर को उनके पास एक फोन आया था। फोन करने वाले ने उनके बैंक खातों से गलत लेनदेन की बात कहते हुए उन्हें डराया। कुछ देर बाद वीडियो कॉल पर मुंबई ईडी का अधिकारी बनकर डराया और कहा कि तुम्हारे खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है। बताया कि इस मामले में नरेश गोयल नाम का व्यक्ति गिरफ्तार किया गया है। जिसने सभी जानकारी दी है। महिला प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि फोन करने वाले शातिर ने बताया कि उनके खाते की रकम सुप्रीम कोर्ट के खाते में जमा होगी, जो जांच पूरी होने के बाद वापस होगी। 30 सितंबर की बातचीत में रुपये ट्रांसफर कराने को कहा। प्रोफेसर ने इंडसइंड बैंक के खाते में 37 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करे।
अगले दिन एक अक्तूबर को महिला ने 25 लाख अन्य खाते में जमा किए। तीसरी बार में तीन अक्तूबर को सेंट्रल बैंक से पांच लाख रुपये जमा कराए। सात अक्तूबर को आठ लाख रुपये जमा कराए। इसमें आरोपी अमरेश कुमार सिंह ने अपने निजी बैंक खाते में महिला प्रोफेसर से कुल 37 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। इस दौरान हैकरों ने वीडियो कॉल पर बातचीत में महिला के हाथों में कंगन देखकर उन्हें गिरवी रखवाकर लोन करा दिया।
पुलिस ने मुकदमे के बाद 21 लाख रुपये होल्ड करा दिए। साथ ही जांच की तो सामने आया कि ठगे गए रुपये 21 खातों में ट्रांसफर हुए थे। महिला प्रोफेसर ने इस मामले में थाना साइबर क्राइम में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र कुमार सिंह व वंशीधर पांडेय की टीम ने इस मामले में विवेचना की। जांच में अमरेश कुमार सिंह निवासी ग्राम बभांगमा, पोस्ट जहांगीरपुर, जनपद वैशाली (बिहार) का नाम सामने आया था।