Birth certificat: पहले बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए किया आवेदन, नहीं बना, दूसरा बच्चा भी पैदा हो गया
आवेदकों ने बताया कि कुछ नियमों की जटिलता तो कुछ हद तक विभागीय कर्मियों की मानसिकता और कार्यशैली इसके लिए जिम्मेदार है।
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27 फरवरी को अलीगढ़ नगर निगम के सेवा भवन स्थित काउंटर पर दोपहर 12.40 बजे जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वालों की लाइन लगी थी। यहां पर ऐसे लोग मिले जिन्होंने पहले बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। प्रमाण पत्र बनने में लग रहे समय के दौरान ही दूसरा बच्चा भी पैदा हो गया। आवेदकों ने बताया कि कुछ नियमों की जटिलता तो कुछ हद तक विभागीय कर्मियों की मानसिकता और कार्यशैली इसके लिए जिम्मेदार है।
नगर निगम से कागज सीएमओ कार्यालय जाते हैं। या तो यह भेजें या आवेदक स्वयं लेकर जाएं। इसमें दो से ढाई महीने तक का समय लग रहा है। इसी से सारी समस्या पैदा हो रही है।- देवेंद्र कुमार
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सन 2019 से पहले जो व्यवस्था थी वह खाली मजिस्ट्रेट की मुहर लगती थी। अब वहां पर जजमेंट होता है। जिसके कारण आवेदन का निस्तारण करने में देरी होती है। इसके साथ ही आवेदनों की संख्या भी बढ़ी है। - मोहित वार्ष्णेयविज्ञापन विज्ञापन
प्रमाण पत्र बनवाने में अगर कोई समस्या आ रही है और निगम कर्मी सहयोग नहीं कर रहे हैं तो आवेदक सीधे मेरे कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं। कोशिश है कि प्रमाण पत्र निर्गत करने का काम तेजी से हो।- वीर सिंह, सहायक नगर आयुक्त
बच्ची को गोद में लेकर लगीं लाइन में
नगला पटवारी से आईं सुल्ताना अपनी गोद में दो महीने की बेटी को लेकर लाइन में लगी थीं। उन्होंने बताया कि एक बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए एक साल से ज्यादा का समय हो गया है। दूसरे बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए भी दो महीने से भाग दौड़ कर रहे हैं। कहते हैं आशा की मुहर लगवा कर लाओ। आशा कहती हैं हमारे पास कोई मुहर नहीं है।
रजिया बोलीं कभी नाम तो कभी फार्म गलत बता रहे
भुजपुरा से आईं रजिया नगर निगम की व्यवस्था को कोसती हैं। कहती हैें कभी आवेदन पत्र में नाम गलत बता देते हैं तो कभी फार्म ही गलत बता देते हैं। अभी भी शपथ पत्र में तारीख को गलत बता रहे हैं। इसको बदलवाने के लिए कह रहे हैं। एक बार में नहीं बताते हैं कि क्या-क्या सही करना है।
मुकीम नहीं समझ पा रहे निगम कर्मी क्या चाहते हैं
मौलाना आजाद नगर से आए मुकीम समझ नहीं पा रहे हैं कि नगर निगम कर्मी क्या चाहते हैं। कहते हैं एक साल से परेशान किया जा रहा है। कहा जाता है कि आशा की मुहर लगवा कर लाओ। आशा कहती हैं कि हमारे पास कोई मुहर ही नहीं है। सन 2024 में फार्म जमा करने के बाद रसीद दी थी अब कहते हैं इस रसीद से कोई काम नहीं होगा।