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Aligarh News: ठंड में अवसाद के शिकार हो रहे लोग

Sat, 21 Jan 2023 08:30 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Jan 2023 08:30 AM IST
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people suffering from depression in winter
पंडित दीनदयाल अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की लाइन। - फोटो : CITY OFFICE
कोरोना के बाद से लोगों में मानसिक स्वास्थ्य विकार से जुड़े मामलों में वृद्धि हुई है। कोरोना के समय में काफी समय तक लोग अपने-अपने घरों में रहे, जिस कारण वह कहीं न कहीं मानसिक तनाव का शिकार हुए हैं। अब ठंड के मौसम में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े रोगी सामने आ रहे हैं। लोग शीतकालीन अवसाद का शिकार हो रहे हैं।
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जिला अस्पताल की मनेाविज्ञानी पूजा कुलश्रेष्ठ बताती हैं कि सीजनल इफेक्टिव डिसऑर्डर ऐसी बीमारी है, जो मौसम परिवर्तन के साथ होती है। अत्यधिक सर्दी या गर्मी के कारण व्यक्ति में अवसाद के लक्षण दिखते हैं। सर्दी के मौसम में बादल और कम धूप किसी भी व्यक्ति के मूड को प्रभावित करते हैं। इस दौरान व्यक्ति उदास और खुद को अकेला महसूस करने लगता है। यदि कोई शीतकालीन अवसाद की समस्या से परेशान है तो वह जिला अस्पताल में काउंसलिंग के लिए आ सकते है।
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पूजा बताती हैं कि एक 39 वर्ष की महिला जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में दिखाने आई। उसने बताया कि पिछले तीन साल से जब भी सर्दी बढ़ती है तो करीब एक-दो महीने के लिए वह अपने शरीर व व्यवहार में बदलाव महसूस करती हैं। जैसे- किसी काम में मन नहीं लगता, किसी से बात करने का मन नहीं होता है, शरीर में आलस्य व बिस्तर पर आराम करने के भाव आते हैं। ज्यादा किसी के टोकने पर झुंझलाहट, चिड़चिड़ापन होने लगता है। नींद व भूख कम हो जाती है। ध्यान व एकाग्रता करने में कठिनाई महसूस होती है। मन उदास रहता है, लेकिन जब सर्दी कम हो जाती है तो यह सब लक्षण खत्म से हो जाते हैं।
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-यह हैं लक्षण-
-नींद की अवधि बेहद कम या ज्यादा होना
-लोगों से कम बातचीत करना
-अचानक भूख कम हो जाना
-नकारात्मक विचार आना या महसूस करना
-उपाय-
-दवा समय से लें
-जंक फूड से दूरी बनाएं
-मनेाविज्ञानी से मदद लें
-डॉक्टर से परामर्श लें
-योग/व्यायाम करें
-पर्याप्त नींद लें
-खाद्य पदाथोँ से परेशान मरीज आ रहे हैं। देहात में दौरों की शिकायतें सामने आ रही है। शुक्रवार को लोधा में 250 मरीज आए, जिनमें काफी संख्या में दौरों के मरीज थे। ये जागरूकता की कमी के कारण है। इसलिए हर बीमारी के प्रति जागरूक रहें और समय पर उपचार लें। -अंशू सोम, काउंसलर।

अब कोविड का टीका है तो लगवाने वाले नहीं
जिले में एहतियाती खुराक जब नहीं थी, तब लोग सवाल खड़ा कर रहे थे कि कब आएगी। अब टीका उपलब्ध है तो उसे लगवाने वालों की संख्या बेहद कम है। पिछले दो दिन में जनपद में मात्र तीन हजार लोगों ने टीके लगवाए हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चिंतित हैं। सीएमओ ने कहा है कि लोग एहतियाती टीका लगवाने के लिए आगे आएं। कोविड की एहतियाती खुराक जिले में बहुत कम लगी है। जिले में मात्र 30.84 फीसद लोगों ने एहतियाती खुराक ली है। अब जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड टीका पहुंच गया है। मगर अभी भी लोग लगवाने नही ंपहुंच रहे। सीएमओ डा.नीरज त्यागी बताते हैं कि दो दिन में मात्र तीन हजार लोग ही टीका लगवाने आए हैं।
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