Aligarh: ताला तोड़कर नगर निगम में घुसे लोग, महिलाओं ने अधिकारियों को थमाईं चूड़ियां, यह हैं बड़ी वजह
महफूज नगर और जलालपुर के लोग बारिश में भीगते हुए नगर निगम पहुंचे, लेकिन वहां मुख्यद्वार पर ताला लगा था। अधिकारियों को महिलाओं के आने और प्रदर्शन करने की सूचना पहले से ही थी, इसलिए मुख्य द्वार को बंद करा दिया गया था। यह देख कुछ लोग मुख्यद्वार पर चढ़कर अंदर घुस गए।
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अलीगढ़ महानगर के महफूज नगर और जलालपुर में पीने का पानी नहीं मिलने एवं जलभराव होने से गुस्साए लोगों ने 5 जुलाई को नगर निगम में हंगामा कर दिया। नगर निगम के मुख्य द्वार पर लगा ताला तोड़कर लोग अंदर घुस गए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं ने अधिकारियों को चूड़ियां थमा दीं। इस दौरान नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
वार्ड नंबर-35 के पार्षद विनीत यादव की अगुवाई में महफूज नगर और जलालपुर के लोग बारिश में भीगते हुए नगर निगम पहुंचे, लेकिन वहां मुख्यद्वार पर ताला लगा था। अधिकारियों को महिलाओं के आने और प्रदर्शन करने की सूचना पहले से ही थी, इसलिए मुख्य द्वार को बंद करा दिया गया था। यह देख कुछ लोग मुख्यद्वार पर चढ़कर अंदर घुस गए। बाकी लोगों ने ताला तोड़ दिया और मुख्यद्वार खोल दिया। इसके बाद अंदर घुसे लोगों ने नगर निगम परिसर में धरना शुरू कर दिया। डेढ़ से दो घंटे तक हंगामा रहा। नारेबाजी की गई।
पार्षद विनीत यादव ने बताया कि महिलाएं काफी गुस्से में थीं। उन्होंने अपनी चूड़ियां उतारकर अधिकारियों को दे दी। मौके पर पहुंचे सहायक नगर आयुक्त को समस्याओं के निराकरण के लिए ज्ञापन सौंपा गया। इस संबंध में सहायक नगर आयुक्त ने समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। लोगों के साथ अलग-अलग वार्डों के पार्षद आलम नूर, हफीज अब्बासी, उम्मेद आलम, वसी अहमद, जीनत खान, आसिफ अल्वी आदि मौजूद रहे। उधर, निगम के जनसंपर्क अधिकारी एहसान रब ने कहा कि किसी महिला ने अफसरों को चूड़ियां नहीं दीं।
ये हैं मांगें
-वार्ड में जलभराव।
-वार्ड में एक भी हैंडपंप नहीं।
- एक भी सबमर्सिबल नहीं।
- एक भी ट्यूबवेल नहीं।
-बीते वर्ष बारिश में दो मकान गिर गए, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
सेवा भवन परिसर का गेट बंद कर दिया गया था
बारिश में भीगते पहुंची महिलाओं के गुस्से से अधिकारी पहले से ही ठिठक गए थे। इसलिए नगर निगम के कर्मियों ने सेवा भवन परिसर के मुख्य द्वार को बंद कर दिया था। लोगों ने बताया कि पुकारने के बाद जब कोई भी अधिकारी अंदर से बाहर नहीं आया तो उन्होंने गेट खोला। पार्षद विनीत यादव ने बताया कि वार्ड में जलभराव से आमजन परेशान है। 10 दिन तक शिकायत करने के बाद जलनिकासी के लिए पंपिंग सेट भेजा गया, जो खराब निकला। कोई भी पंपिंग सेट 10-15 मिनट तक चलता है। कर्मी फोटो खिंचवाकर सेट वापस ले जाते हैं। जिससे समस्या दूर नहीं होती है। जलभराव होने की वजह गोंडा मार्ग को ऊंचा करना है, ढलान होने से पानी महफूजनगर मोहल्ले में आ जाता है, जिससे जलभराव हो जाता है।