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Aligarh News: कीमत दो और हूबहू सरकारी लोगो बनवाओ

Mon, 29 Dec 2025 02:24 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 02:24 AM IST
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Pay the price and get the exact replica of the government logo made.
पेट्रोल पंप के नाम पर हुई 32.45 लाख रुपये की ठगी की जांच में सामने आया है कि शातिर ठगों ने अमेरिकन कंपनी गो-डैडी के जरिये ऑनलाइन फर्जी वेबसाइट बनाई थी। ऑनलाइन वेबसाइट बनवाने में किसी भी सरकारी विभाग से मिलता-जुलता लोगो आसानी से बनवाया जा सकता है। कमाई के कारण वेबसाइट बनाने वाली कंपनी क्लाइंट की मंशा पर गौर नहीं करतीं और न ही पुलिस को इससे अवगत कराती हैं।
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झांसे में आए कुरसंडा के अनिल

कुरसंडा के अनिल कुमार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से मिलते-जुलते लोगो (प्रतीक चिह्न) के कारण झांसे में आ गए। उन्हें सही लोगो की जानकारी नहीं थी, जैसे ही पेट्रोल पंप के लिए गूगल पर सर्च किया तो फर्जी वेबसाइट सामने आ गई। वेबसाइट खोली तो उसमें आईओसी का नाम व लोगो नजर आया। पंप की डीलरशिप का विज्ञापन भी था। इस विज्ञापन पर भी आईओसी का नाम व लोगो था तथा संपर्क नंबर दिए गए थे। इनसे संपर्क करते ही अनिल से फीस, लाइसेंस, डॉक्यूमेंट सिक्योरिटी और मशीनरी के नाम पर 32.49 लाख रुपये ठग लिए। 10 मई को अनिल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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गो-डैडी तक पहुंची साइबर टीम

फर्जी वेबसाइट का पता लगाने के लिए साइबर टीम डोमेन जारी करने वाली कंपनी गो-डैडी तक पहुंची, जो कि एक अमेरिका बेस्ड कंपनी है। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि इसी के जरिए शातिर ने फर्जी वेबसाइट तैयार कराई थी। अब यहां हैरानी वाली बात है कि गुरुग्राम व पुणे में बैठे कंपनी के इंजीनियरों ने इस तरह की वेबसाइट आईओसी के मिलते-जुलते लोगो के साथ तैयार कर दे दी। उन्हें शक नहीं हुआ कि यह वेबसाइट साइबर फ्रॉड के लिए तैयार हुई है। पुलिस की छानबीन में साफ हुआ है कि वेबसाइट बनाने वाली कंपनियां केवल पैसे के लिए क्लाइंट की मंशा को नजरअंदाज कर देती हैं।
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संदेह के घेरे में बैंक कर्मचारी

साइबर सेल शातिर छोटे राजा को जेल भेजने के बाद उसके संपर्क में आने वाले खाता धारकों की तलाश में जुटी है। साइबर सेल प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि छोटे राजा अन्य लोगों के बैंक खाते प्रयोग करता था, जिन्हें 20 फीसदी कमीशन देता था। पूरी छानबीन में गौर करने वाली बात रही कि बचत खातों में लाखों रुपये का लेन-देन होता रहा और संबंधित बैंक शाखाओं को संदेह नहीं हुआ और न ही पुलिस को सूचना दी। पुलिस की विवेचना में मध्यप्रदेश के ग्वालियर की कुछ बैंक शाखाओं के कर्मचारी भी संदेह के घेरे में हैं।




बयान--
अमेरिकन बेस्ट गो-डैडी कंपनी की वेबसाइट से ऑनलाइन डोमेन खरीदकर वेबसाइट तैयार कराई गई थी। शातिर वेबसाइट में हूबहू लोगो का प्रयोग करते हैं, जिससे लोग झांसे में आ जाते हैं। इसलिए सतर्कता की जरूरत है। पेट्रोल पंप मामले में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका है। जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्त में होंगे।

चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी।
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