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डॉक्टरों की कमी से इंतजार में तड़पते रहे मरीज

Fri, 07 Oct 2022 01:48 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 01:48 AM IST
सार

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।मलखान सिंह जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ.ईश्वर देवी बत्रा का कहना है कि सबसे ज्यादा समस्या फिजीशियन न होने के कारण है।चूंकि यह मरीज बीमार होने के बाद से ही निजी अस्पताल से इलाज ले रहा था।

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Patients kept on waiting due to shortage of doctors
पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में दवा के काउंटर पर उमड़ी भीड़ । अमर उजाला - फोटो : CITY OFFICE

विस्तार

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। चाहें मलखान सिंह जिला अस्पताल हो या फिर दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त अस्पताल, दोनों ही जगहों पर डॉक्टरों की कमी के चलते मरीज अपनी बारी के इंतजार तड़पते रहते हैं।
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तीन दिन के अवकाश के बाद बृहस्पतिवार को दोनों अस्पताल खुले तो ओपीडी में सुबह से ही भीड़ लगना शुरू हो गई। भीड़ के चलते डॉक्टरों की जल्दबाजी का आलम ये रहा कि बिना पूरी बात सुने ही, लक्षण सुनते-सुनते पर्चे पर दवाएं लिखते देखे गए।
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दोनों ही अस्पतालों में पिछले तीन माह से डॉक्टरों की कमी है। सबसे ज्यादा संकट जिला अस्पताल में है, जहां सामान्य रोगों का उपचार देने वाले फिजीशियन की कमी है। दोनों अस्पतालों की ओपीडी में 1500-1500 के आसपास मरीज पहुंचते हैं, जिनमें आधे से ज्यादा फिजीशियन के सहारे होते हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल का यही आलम था। यहां ओपीडी में डॉक्टरों के सामने अपनी बारी के इंतजार में परेशान होते तड़पते रहे। कई बार हंगामे व खींचतान के हालात बने। किसी तरह डॉक्टरों व स्टाफ ने मरीजों को संभाला।
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कुछ ओपीडी कक्ष खाली, सिटी स्कैन को भटके मरीज
दीनदयाल अस्पताल परिसर में डॉक्टरों के न होने के कारण कुछ ओपीडी कक्ष खाली थे। वहां मरीज पहुंच रहे थे, मगर डॉक्टरों के न होने के कारण मरीज लौटकर दूसरी जगहों पर पहुंचे, जहां उन्हें कतार में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इसी तरह सिटी स्कैन के लिए मरीजों को भटकना पड़ा। रेडियोलॉजी डॉक्टर के न होने के कारण मरीज सिटी स्कैन के लिए चक्कर लगाते रहे।
सीएमएस लगातार लिख रहीं पत्र, एडी से मांगे डॉक्टर
दोनों अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा दोनों अस्पतालों के सीएमएस लगातार उठा रहे हैं। मलखान सिंह जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ.ईश्वर देवी बत्रा का कहना है कि सबसे ज्यादा समस्या फिजीशियन न होने के कारण है। इन दिनों मच्छर जनित बीमारियों के चलते मरीज अधिक आ रहे हैं।
इस सबके लिए फिजीशियन की बेहद जरूरत है। इस संबंध में लगातार निदेशालय स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। वहीं एडी से भी उन्होंने अनुरोध किया है कि फिलहाल किसी डॉक्टर को संबद्ध कर दिया जाए। इसी तरह दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस डा.अनुपम भाष्कर का कहना है कि डॉक्टरों की कमी को लेकर लगातार अधिकारियों से वार्ता जारी है।

डेंगू मार रहा जोर, निजी अस्पताल में एक मौत
कहने को मलेरिया विभाग लगातार गांव-गांव दवा वितरण, दवा छिड़काव का दावा कर रहा है। मगर डेंगू जोर मार रहा है। शहर के एक निजी अस्पताल में भरती पीएसी इलाके के एक डेंगू पीड़ित मरीज की मौत हो गई। चूंकि यह मरीज बीमार होने के बाद से ही निजी अस्पताल से इलाज ले रहा था। इसलिए इसका स्वास्थ्य महकमे के पास कोई लेखा जोखा नहीं है।
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