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Aligarh News: 24 घंटे तक भूखे रहे जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
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जिला अस्पताल में मरीजों को भोजन देते कर्मी।
- फोटो : Videograb
दाल और सब्जी के नमूने फेल होने के बाद मलखान सिंह जिला अस्पताल की रसोई शुक्रवार शाम को बंद करा दी गई थी। जिससे यहां भर्ती मरीजों को रात खाना नहीं मिला, उन्हें भूखे ही रहना पड़ा। शनिवार की सुबह नाश्ता भी नहीं मिला। दोपहर बाद बमुश्किल खाने का इंतजाम हो सका। मरीज और उनके तीमारदार 24 घंटे तक भूखे रहे।
मरीजों और उनके तीमारदारों का आरोप है कि रात में खाना नहीं मिलने की कोई जानकारी नहीं दी गई, अन्यथा वे अपनी व्यवस्था तो कर लेते। शनिवार दोपहर दो बजे के बाद खाना दिया गया।
गौर हो कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बीती पांच फरवरी को मलखान सिंह जिला अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाली अरहर की दाल और आलू पालक की सब्जी का नमूना जांच के लिए भेजा था। जांच में यह नमूने दो बार फेल हो गए। इस पर कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार शाम जिला अस्पताल की रसोई बंद करा दी।
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जिला अस्पताल में वर्तमान में लगभग 115 मरीज भर्ती हैं। जिनको सुबह शाम नाश्ता और दो बार खाना देने की व्यवस्था है। एक भर्ती मरीज के साथ एक तीमारदार को भी खाना दिया जाता है। नाश्ते में दालिया और ब्रेड दी जाती है। खाने में दाल, सब्जी, चार रोटी और चावल दिया जाता है। शनिवार दोपहर मरीजों के लिए मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय में खाना देने वाली फर्म पूजा ट्रेडर्स से खाना मंगवाया गया, जिसमें मसूर की दाल, आलू मटर की सब्जी, रोटी थी, चावल नहीं था।
रक्त की कमी होने से 18 अगस्त से सात नंबर वार्ड में भर्ती हूं। शुक्रवार की दोपहर से शनिवार की दोपहर तक भूखे रहना पड़ा। दोपहर बाद खाना मिला। -रवि कुमार, निवासी शिक्षक नगर
पीलिया के चलते चार दिन से भर्ती हूं। शुक्रवार रात का खाना नहीं मिला तो पत्नी ने बाहर से इंतजाम करने की कोशिश की, लेकिन भूखे ही सोना पड़ा। -संजय, निवासी गभाना
रक्त में प्लेटलेट्स की कमी होने पर पांच दिन पहले देवर को अस्पताल में भर्ती कराया। उन्हें भूखे ही रात गुजारनी पड़ी। अस्पताल में खाने की व्यवस्था ठीक नहीं है। -राजबाला, प्रतापपुर गभाना।
रक्त की कमी के कारण अस्पताल में भर्ती हूं। अस्पताल में मिल रहा खाना अच्छा नहीं है। ऐसे में मरीज को स्वास्थ्य लाभ कैसे हो सकता है। अफसरों को सोचना चाहिए। -कमलेश देवी, निवासी सराय हकीम।
-बयान-
घटिया खाना परोसने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम और सीएमओ को पत्र भेजा है। मोहनलाल गौतम अस्पताल में खाना दे रही फर्म पूजा ट्रेडर्स से खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। रसोई संचालित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डाॅ. जगवीर वर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल।
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मरीजों और उनके तीमारदारों का आरोप है कि रात में खाना नहीं मिलने की कोई जानकारी नहीं दी गई, अन्यथा वे अपनी व्यवस्था तो कर लेते। शनिवार दोपहर दो बजे के बाद खाना दिया गया।
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गौर हो कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बीती पांच फरवरी को मलखान सिंह जिला अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाली अरहर की दाल और आलू पालक की सब्जी का नमूना जांच के लिए भेजा था। जांच में यह नमूने दो बार फेल हो गए। इस पर कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार शाम जिला अस्पताल की रसोई बंद करा दी।
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जिला अस्पताल में वर्तमान में लगभग 115 मरीज भर्ती हैं। जिनको सुबह शाम नाश्ता और दो बार खाना देने की व्यवस्था है। एक भर्ती मरीज के साथ एक तीमारदार को भी खाना दिया जाता है। नाश्ते में दालिया और ब्रेड दी जाती है। खाने में दाल, सब्जी, चार रोटी और चावल दिया जाता है। शनिवार दोपहर मरीजों के लिए मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय में खाना देने वाली फर्म पूजा ट्रेडर्स से खाना मंगवाया गया, जिसमें मसूर की दाल, आलू मटर की सब्जी, रोटी थी, चावल नहीं था।
रक्त की कमी होने से 18 अगस्त से सात नंबर वार्ड में भर्ती हूं। शुक्रवार की दोपहर से शनिवार की दोपहर तक भूखे रहना पड़ा। दोपहर बाद खाना मिला। -रवि कुमार, निवासी शिक्षक नगर
पीलिया के चलते चार दिन से भर्ती हूं। शुक्रवार रात का खाना नहीं मिला तो पत्नी ने बाहर से इंतजाम करने की कोशिश की, लेकिन भूखे ही सोना पड़ा। -संजय, निवासी गभाना
रक्त में प्लेटलेट्स की कमी होने पर पांच दिन पहले देवर को अस्पताल में भर्ती कराया। उन्हें भूखे ही रात गुजारनी पड़ी। अस्पताल में खाने की व्यवस्था ठीक नहीं है। -राजबाला, प्रतापपुर गभाना।
रक्त की कमी के कारण अस्पताल में भर्ती हूं। अस्पताल में मिल रहा खाना अच्छा नहीं है। ऐसे में मरीज को स्वास्थ्य लाभ कैसे हो सकता है। अफसरों को सोचना चाहिए। -कमलेश देवी, निवासी सराय हकीम।
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घटिया खाना परोसने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम और सीएमओ को पत्र भेजा है। मोहनलाल गौतम अस्पताल में खाना दे रही फर्म पूजा ट्रेडर्स से खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। रसोई संचालित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डाॅ. जगवीर वर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल।