अलीगढ़: 21 दिन के लॉक डाउन में फंसे यात्री रहेंगे रेन बसेरों में
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा मंगलवार सुबह 27 मार्च तक घोषित लॉक डाउन पीएम मोदी के ऐलान के बाद 21 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। इस अवधि में अब तक लागू व्यवस्थाएं ही कायम रहेंगी। लोगों को सख्ती से घरों में रोका जाएगा। अगर वह नहीं मानें तो उनके खिलाफ 144 के उल्लंघन यानि 188 के तहत मुकदमा दर्ज होगा।
सबसे खास बात है कि जो लोग यात्रा पर निकले हैं और यहां बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर फंस गए हैं। उन्हें यहां रैन बसेरों में रोका जाएगा। इन 21 दिनों तक उनके खानपान की व्यवस्था सामाजिक संगठनों के सहयोग से की जाएगी। इधर, जिले के टप्पल बॉर्डर व गभाना टोल पर फंसे लोगों को मंगलवार दोपहर 15 बसों के जरिये गंतव्य तक पहुंचाया गया है।
मंगलवार दोपहर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ के अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, डीआईजी डा. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी मुनिराज जी, सीएमओ डा. गीता प्रधान, जिला मलेरिया अधिकारी डा. राहुल कुलश्रेष्ठ, जिला महामारी अधिकारी डा. शोएब सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के अनुसार सीएम ने पूछा था कि क्या अलीगढ़ में लॉक डाउन सफल है। इस पर उनको बताया गया कि हर शाम को इसकी समीक्षा हो रही है। अभी तक स्थिति संतोषजनक है। इस पर सीएम ने पूछा कि क्या कर्फ्यू लगाने की जरूरत है क्या..?
इस पर डीएम ने जवाब दिया कि अगर जरूरत होगी तो वह शासन को अवगत कराएंगे और इसके बाद कर्फ्यू अमल में लाएंगे। अभी इसकी जरूरत नहीं है। हां, अगर लोग लॉकडाउन का सही से पालन नहीं करेंगे तो वह इस बाबत शासन से मंजूरी लेंगे।
सीएम ने शहर अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी ली। डीएम ने कहा है कि सीएम के निर्देशों के क्रम में सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाहरी प्रदेश या जिलों से आए अलीगढ़ में फंसे यात्रियों के लिए नगर निगम को रेन बसेरा खोले जाने की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
इनकी खानपान की व्यवस्था सामाजिक संस्था मानव सेवा संस्थान के सहयोग से होगी। शाम 5 से 7 बजे तक बंदी में छूट वापस ले ली गई है। जिले की सीमाएं अगले 21 दिन तक यथावत सील रहेंगी।
एनआईसी के लिए स्प्रिट पहुंचाने में छूट गए पसीने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पहले एनआईसी को सैनिटाइज किया जाना था। इसके लिए आबकारी विभाग को कलक्ट्रेट से फोन किया गया। ढाई लीटर के करीब स्प्रिट मंगवाई गई थी। जब स्प्रिट देने के लिए आबकारी कर्मी अपने कार्यालय जाने के लिए निकले तो उनको रास्ते में रोक कर कारण पूछा गया।
कारण बताने और आई कार्ड दिखाने के बाद ही उनको जेल रोड स्थित आबकारी कार्यालय जाने दिया गया। इसके बाद एनआईसी में स्प्रिट पहुंचाई गई। इस स्प्रिट से एनआईसी कक्ष को सैनिटाइज किया गया।
अखबार विक्रेताओं को राहत जारी
डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान अखबार विक्रेताओं को राहत दी गई है। वह अपना काम नियमित तरीके से कर सकेंगे। न तो अखबार लाने वाली गाड़ियों को रोका जाएगा और न अखबार वितरण करने वाले अभिकर्ताओं को रोका जाएगा।
इसलिए अखबार विक्रेताओं को इससे कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने पुलिस प्रशासनिक स्टाफ को भी निर्देश जारी किए हैं कि इन लोगों को न रोका जाए और न परेशान किया जाए।
एसएसपी ने वायरलेस पर पुलिस को पढ़ाया पाठ
मोदी के 21 दिन तक लॉकडाडन के ऐलान के बाद एसएसपी मुनिराज जी ने पुलिस को एक बार फिर वायरलेस पर संदेश सुनाया। जिसमें उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की दृष्टि से धारा 144 के तहत संपूर्ण जनपद में लॉक डाउन घोषित है।
इसी स्थिति में आपात स्थिति को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही लोग सोशल डिस्टेंशिंग गाइड लाइन का पालन करेंगे और मूलभूत व जरूरी सेवाओं के लिए ही बाहर निकलेंगे।
जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गईं हैं। कोई भी व्यक्ति किसी भी माध्यम सड़क एवं रेल से जिले की सीमा में न प्रवेश कर सकेगा। न ही जिले से बाहर जा सकेगा। बात न मानने वालों को 144 के उल्लंघन में धारा 188 के तहत कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।
इमरजेंसी ड्यूटी और आवश्यक वस्तु वाले कर्मचारी, वाहनों को परेशान न किया जाए। घर-घर जाकर दूध बांटने वाले दूध विक्रेता एवं न्यूज पेपर हॉकर लॉक डाउन से मुक्त रहेंगे।
ये नहीं कर सकते
किसी भी स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं हो सकते। किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, धार्मिक, शैक्षणिक, खेल, संगोष्ठी, समूह पर्यटन, समूह भ्रमण, जुलूस, सम्मेलन नहीं होंगे। साप्ताहिक बाजार में सब्जी की छोड़कर बाकी कोई पैंठ नहीं लगेगी। नुमाइश, प्रदर्शनी व मेलों का आयोजन नहीं होगा।
ये करना जरूरी है
जितने भी अपार्टमेंट, हाउसिंग सोसाइटी और उनके पदाधिकारी, तथा जनपद का प्रत्येक व्यक्ति सोशल डिसटेंसिंग के तहत पांच से छह फिट की दूरी बनाकर रखे। सेनेटाइज कराएं। पांच से अधिक एकत्रित होने पर पुलिस को सूचना दें। पुलिस कार्रवाई करते हुए मजिस्ट्रेट को अवगत कराएगी।