{"_id":"6893c2914aaf06ba5e0ffe62","slug":"partner-also-arrested-in-murder-of-mps-close-aide-aligarh-news-c-2-gur1004-754056-2025-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: सांसद के करीबी की हत्या में पार्टनर भी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: सांसद के करीबी की हत्या में पार्टनर भी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांसद के करीबी प्राॅपर्टी डीलर व भाजयुमो के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष सोनू चौधरी की हत्या के साजिशकर्ता पार्टनर दिनेश चौधरी को भी पुलिस ने बुधवार को कासिमपुर रोड से दबोच लिया। उसने पुलिस से एक प्राॅपर्टी में सात लाख रुपये की बेईमानी की खुन्नस में हत्या कराना स्वीकारा है।
गांव कोंडरा निवासी प्राॅपर्टी डीलर शैलेंद्र उर्फ सोनू चौधरी की 25 जुलाई की सुबह हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को पुलिस ने घटना में शामिल मुख्य शूटर शिवा को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। परिवार ने गांव की रंजिश में कुछ लोगों व उनके अज्ञात साथियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस की मदद से शूटरों व कोंडरा के ही टाइगर ग्रुप के सरगना हेमू और सोनू के पार्टनर दिनेश के नाम उजागर किए थे।
सीओ राजीव द्विवेदी ने बताया कि बुधवार सुबह कासिमपुर रोड पर भीमगढ़ी के पास से दिनेश चौधरी को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह अपने परिजनों से मिलने जा रहा था।
विज्ञापन
पुलिस की पूछताछ के दौरान दिनेश के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी, न ही कोई पछतावा था। उसने बताया कि सोनू ने उसके सात लाख रुपये की बेइमानी कर ली थी, काफी दिनों से वह सोनू की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे।
रंजिश में घटना होने के शक तक सोनू के परिवार संग रहा दिनेश
दिनेश और हेमू ने सोचा था कि घटना में सोनू के विपक्षियों पर ही पुलिस और परिवार को शक जाएगा। उसपर किसी को न हो, इसलिए दिनेश घटना के बाद मौके पर पहुंचा। परिजनों के साथ लहूलुहान सोनू को लेकर अस्पताल भी गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी परिजनों को ढाढ़स बंधाता रहा, अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। अगले दिन सुबह फिर संवेदना जताने पहुंचा, इसके बाद गायब हो गया था।
हत्या के बाद आगरा में मिले दिनेश व हेमू
सोनू की हत्या के अगले दिन तक दिनेश पुलिस गतिविधियों पर नजर रखे रहा, पुलिस की जांच नामजदों के बजाय दूसरी दिशा में जाने पर लगी तो वह अपनी ससुराल आगरा चला गया। वहीं उज्जैन से लौटे हेमू व उसके साथियों को रुकने का इंतजाम कराया। बाद में हेमू तो गायब हो गया। मगर दिनेश पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
150 से ज्यादा सदस्यों का था हेमू का टाइगर ग्रुप, सात सक्रिय
प्रापर्टी व्यापार व रामघाट रोड के जरायम वर्चस्व की खातिर प्रापर्टी डीलर सोनू की हत्या कराने वाले टाइगर ग्रुप सरगना हेमू के व्हाट्सएप ग्रुप में 150 से अधिक सदस्य थे। इनमें सात सक्रिय सदस्य थे, जिनपर मारपीट, झगड़ा व फायरिंग आदि धाराओं के मुकदमे हैं।
सोनू के पार्टनर दिनेश ने हत्या की साजिश में हेमू के कुछ और साथियों के शामिल होने की जानकारी दी है, जिसके आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। जांच में उजागर हुआ है कि दबंग और रसूखदार छवि वाले सोनू चौधरी को दिनेश व टाइगर गैंग का सरगना हेमू अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी मानने लगे थे।
दरअसल, सोनू ने पिछले कुछ समय में क्षेत्र की कई संपत्तियों को अपने प्रभाव से खरीद लिया था। इसी बीच उसका दिनेश से भी लेनदेन का विवाद हुआ। हेमू जेल से छूटकर आया तो वह प्रापर्टी कारोबार में दखल बढ़ाने लगा। दिनेश ने हेमू को साथ लेने का प्रस्ताव सोनू के समक्ष रखा, मगर उसने मना कर दिया। गांव की एक प्रापर्टी को लेकर भी सोनू व हेमू में मनमुटाव हो गए। दिनेश ने ही हेमू को ढाई लाख रुपये व पिस्टल दी थी।
ऐसे चलता था ग्रुप
पुलिस जांच में उजागर हुआ है कि हेमू ने जेल से छूटकर आने के बाद रामघाट रोड पर वर्चस्व के लिए टाइगर नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। अपने साथियों की मदद के लिए मारपीट झगड़ों में शामिल होना शुरू कर दिया। इनमें प्रापर्टी से जुड़े झगड़े भी थे। ग्रुप में 150 से अधिक क्षेत्र युवा जुड़े हुए थे। हेमू खुद भी पिछले तीन वर्ष में मारपीट, झगड़े व फायरिंग की घटनाओं में शामिल रहा। शूटर शिवा के विषय में यह उजागर हुआ कि वह हेमू के कहने पर किसी को भी मार सकता था।
हत्या से पहले ये साथ गए थे उज्जैन
हत्या की रेकी के लिए मथुरा राया के शूटर संजू को रायल होम्स में किराये का कमरा दिलाकर ठहरा दिया। इसके बाद हेमू 23 जुलाई को शिवा, आकाश, योगेश उर्फ कालू व दिनेश के भजीजे को साथ लेकर उज्जैन चला गया था। चूंकि इस हत्या में इलाके के एक अन्य शूटर को शामिल होना था। उसने मना कर दिया तो शिवा को आकाश का मोबाइल लेकर ग्वालियर से वापस भेजा गया था।
संजू से होगी पूछताछ, नामजदों पर जांच जारी
सोनू की हत्या में नामजद किए गए गांव के ही मेघराज, हरिओम, यतेंद्र व मनीष की भूमिका को लेकर अभी जांच जारी है। सरेंडर कर जेल गए शूटर संजू से पुलिस पूछताछ करेगी।
- अब तक की जांच में नामजदों, साजिशकर्ताओं व शूटरों के लिंक खोजे जा रहे हैं। उसी आधार पर उनकी भूमिका तय होगी। - राजीव द्विवेदी, सीओ
विज्ञापन
गांव कोंडरा निवासी प्राॅपर्टी डीलर शैलेंद्र उर्फ सोनू चौधरी की 25 जुलाई की सुबह हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को पुलिस ने घटना में शामिल मुख्य शूटर शिवा को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। परिवार ने गांव की रंजिश में कुछ लोगों व उनके अज्ञात साथियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस की मदद से शूटरों व कोंडरा के ही टाइगर ग्रुप के सरगना हेमू और सोनू के पार्टनर दिनेश के नाम उजागर किए थे।
विज्ञापन
सीओ राजीव द्विवेदी ने बताया कि बुधवार सुबह कासिमपुर रोड पर भीमगढ़ी के पास से दिनेश चौधरी को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह अपने परिजनों से मिलने जा रहा था।
विज्ञापन
पुलिस की पूछताछ के दौरान दिनेश के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी, न ही कोई पछतावा था। उसने बताया कि सोनू ने उसके सात लाख रुपये की बेइमानी कर ली थी, काफी दिनों से वह सोनू की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे।
रंजिश में घटना होने के शक तक सोनू के परिवार संग रहा दिनेश
दिनेश और हेमू ने सोचा था कि घटना में सोनू के विपक्षियों पर ही पुलिस और परिवार को शक जाएगा। उसपर किसी को न हो, इसलिए दिनेश घटना के बाद मौके पर पहुंचा। परिजनों के साथ लहूलुहान सोनू को लेकर अस्पताल भी गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी परिजनों को ढाढ़स बंधाता रहा, अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। अगले दिन सुबह फिर संवेदना जताने पहुंचा, इसके बाद गायब हो गया था।
हत्या के बाद आगरा में मिले दिनेश व हेमू
सोनू की हत्या के अगले दिन तक दिनेश पुलिस गतिविधियों पर नजर रखे रहा, पुलिस की जांच नामजदों के बजाय दूसरी दिशा में जाने पर लगी तो वह अपनी ससुराल आगरा चला गया। वहीं उज्जैन से लौटे हेमू व उसके साथियों को रुकने का इंतजाम कराया। बाद में हेमू तो गायब हो गया। मगर दिनेश पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
150 से ज्यादा सदस्यों का था हेमू का टाइगर ग्रुप, सात सक्रिय
प्रापर्टी व्यापार व रामघाट रोड के जरायम वर्चस्व की खातिर प्रापर्टी डीलर सोनू की हत्या कराने वाले टाइगर ग्रुप सरगना हेमू के व्हाट्सएप ग्रुप में 150 से अधिक सदस्य थे। इनमें सात सक्रिय सदस्य थे, जिनपर मारपीट, झगड़ा व फायरिंग आदि धाराओं के मुकदमे हैं।
सोनू के पार्टनर दिनेश ने हत्या की साजिश में हेमू के कुछ और साथियों के शामिल होने की जानकारी दी है, जिसके आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। जांच में उजागर हुआ है कि दबंग और रसूखदार छवि वाले सोनू चौधरी को दिनेश व टाइगर गैंग का सरगना हेमू अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी मानने लगे थे।
दरअसल, सोनू ने पिछले कुछ समय में क्षेत्र की कई संपत्तियों को अपने प्रभाव से खरीद लिया था। इसी बीच उसका दिनेश से भी लेनदेन का विवाद हुआ। हेमू जेल से छूटकर आया तो वह प्रापर्टी कारोबार में दखल बढ़ाने लगा। दिनेश ने हेमू को साथ लेने का प्रस्ताव सोनू के समक्ष रखा, मगर उसने मना कर दिया। गांव की एक प्रापर्टी को लेकर भी सोनू व हेमू में मनमुटाव हो गए। दिनेश ने ही हेमू को ढाई लाख रुपये व पिस्टल दी थी।
ऐसे चलता था ग्रुप
पुलिस जांच में उजागर हुआ है कि हेमू ने जेल से छूटकर आने के बाद रामघाट रोड पर वर्चस्व के लिए टाइगर नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। अपने साथियों की मदद के लिए मारपीट झगड़ों में शामिल होना शुरू कर दिया। इनमें प्रापर्टी से जुड़े झगड़े भी थे। ग्रुप में 150 से अधिक क्षेत्र युवा जुड़े हुए थे। हेमू खुद भी पिछले तीन वर्ष में मारपीट, झगड़े व फायरिंग की घटनाओं में शामिल रहा। शूटर शिवा के विषय में यह उजागर हुआ कि वह हेमू के कहने पर किसी को भी मार सकता था।
हत्या से पहले ये साथ गए थे उज्जैन
हत्या की रेकी के लिए मथुरा राया के शूटर संजू को रायल होम्स में किराये का कमरा दिलाकर ठहरा दिया। इसके बाद हेमू 23 जुलाई को शिवा, आकाश, योगेश उर्फ कालू व दिनेश के भजीजे को साथ लेकर उज्जैन चला गया था। चूंकि इस हत्या में इलाके के एक अन्य शूटर को शामिल होना था। उसने मना कर दिया तो शिवा को आकाश का मोबाइल लेकर ग्वालियर से वापस भेजा गया था।
संजू से होगी पूछताछ, नामजदों पर जांच जारी
सोनू की हत्या में नामजद किए गए गांव के ही मेघराज, हरिओम, यतेंद्र व मनीष की भूमिका को लेकर अभी जांच जारी है। सरेंडर कर जेल गए शूटर संजू से पुलिस पूछताछ करेगी।
- अब तक की जांच में नामजदों, साजिशकर्ताओं व शूटरों के लिंक खोजे जा रहे हैं। उसी आधार पर उनकी भूमिका तय होगी। - राजीव द्विवेदी, सीओ